फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   bhiwani news, newly born baby, hospital, crying, reached, before, dead

झाड़ियों में रोता मिला नवजात, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

Thu, 15 Sep 2016 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 15 Sep 2016 01:28 AM IST
विज्ञापन
bhiwani news,  newly born baby, hospital, crying, reached, before, dead
नवजात बच्‍चे की फाइल इमेज
भिवानी के डोहकी गांव के पास झाडिय़ों में बुधवार दोपहर एक नवजात बच्चा रोता मिला। गांव की कुछ महिलाएं व व्यक्ति बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे मगर अस्पताल पहुंचने से पहले बच्चे ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ अपने नवजात बच्चे को फेंकने का मामला दर्ज किया है। बच्चे के शव का बृहस्पतिवार को पीजीआई रोहतक में पोस्टमार्टम होगा।
विज्ञापन


मामला बुधवार दोपहर करीब 12 बजे का है। किसी कार्य से गांव डोहकी के मुख्य मार्ग से गुजर रही महिला पवित्रा को एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। सड़क किनारे झाड़ियों में देखा तो एक नवजात बच्चा रोता दिखाई। बाद में उसे उठाकर  आसपास पता किया तो कुछ पता नहीं लगा। सूचना पर गांव की आशा वर्कर व अन्य महिलाएं व कुछ प्रमुख लोग पहुंचे। सरपंच से बातचीत के बाद तुरंत बच्चे को भिवानी सामान्य अस्पताल लाया गया। सामान्य अस्पताल में चिकित्सक ने बच्चे की जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया। झाड़ियों में गिरा होने के कारण उसे चोट भी लगी थी।
विज्ञापन


महिला पवित्रा व प्रमिला ने बताया कि पक्की पोली मोहल्ला के एक खाली प्लॉट में उन्हें बच्चा मिला। बच्चा रो रहा था। जिसे उठाकर वे अस्पताल पहुंची।  ग्रामीण आनंद कुमार ने बतायाकि वह मार्ग से गुजर रहा था तो महिलाओं ने बताया कि झाडिय़ों में बच्चा गिरा हुआ है। वे उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया। मामले में सदर थाना दादरी से एसएचओ इंस्पेक्टर जगराम ने बताया कि नवजात बच्चा मिलने की सूचना मिली है। अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बृहस्पतिवार को पीजीआई रोहतक में पोस्टमार्टम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


नवजात की जान बचाने का प्रयास किया, अब काट रहे चक्कर
उधर इन लोगों का नवजात की जान बचाने का प्रयास करना महंगा साबित पड़ रहा है। ग्रामीण महिलाएं व मौजिज लोग बच्चे की जान बचाने के लिए उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। अपनी जान की प्रवाह किए बिना तेज रफ्तार से गाड़ी चलाकर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में दो-तीन घंटे की कागजी कार्रवाई के बाद मदद करने वाले ग्रामीण अस्पताल से घर  पहुंचे तो पुलिस का फोन आ गया कि वापस आओ। यहां उनके बयान पर ही मुकदमा दर्ज किया गया और कहा कि गया पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भी चलना होगा। मदद करने वाले आनंद कुमार ने बताया कि उन्होंने तो बच्चे की जान बचाने के प्रयास किए थे और अब पुलिस उनके चक्कर पर चक्कर कटवा रही है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed