{"_id":"56eafc534f1c1b4e278b4789","slug":"bhiwani-news-jat-reservation-movement-security-bsf-raf","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरक्षा की कमान बीएसएफ और आरएएफ के हाथ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुरक्षा की कमान बीएसएफ और आरएएफ के हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:20 AM IST
विज्ञापन
सुरक्षा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाट बिरादरी का 72 घंटे का अल्टीमेटम बृहस्पतिवार को खत्म होने और दोबारा आंदोलन सुगबुगाहट के बीच जिला प्रशासन ने हर स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है। जिले की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा पुलिस फोर्स के अलावा बीएसएफ व आरएएफ के जवानों के कंधों पर है। फोर्स की कमान एडीजीपी प्रशांत अग्रवाल के हाथ होगी। एडीजीपी के साथ-साथ डीआईजी, एएसपी व डीएसपी की भी स्पेशल तैनाती हुई है। बृहस्पतिवार देर रात तक मधुबन से भी फोर्स के आने की उम्मीद है। इस बीच, जवानों ने फ्लैग मार्च भी किया।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 15 मार्च को लघु सचिवालय के बाहर धरना व डीसी को ज्ञापन देकर चेतावनी दी थी कि 72 घंटे में उनकी सात मांगे नहीं मानी तो वे 18 मार्च को बैठक कर फिर से धरने दिए जाएंगे। जिसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। मामले में अब शुक्रवार को जाट संघर्ष समिति क्या फैसला लेती है, यह तो नहीं कहा जा सकता। मगर, पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। भिवानी जिले में दंगे रोकने और सुरक्षा का जिम्मा इस बार एडीजीपी प्रशांत कुमार अग्रवाल संभालेंगे। इनके अलावा डीआईजी शिबास कविराज, एएसपी फूल कुमार, डीएसपी सतबीर सिंह को भिवानी भेजा गया है।
बीएसएफ, आरएएफ समेत 13 सौ जवानों की तैनाती
दंगों व अप्रिय घटना रोकने के लिए बीएसएफ के जवान भिवानी पहुंच चुके हैं। आरएएफ के जवान पहले ही यहां है। अब रात को 70 बीएसएफ के जवान भिवानी पहुंचे। आरएएफ के 131 जवान पहले ही यहां आ चुके है। इसके अलावा करीब एक हजार जवान भिवानी पुलिस के पास है। मधुबन से भी फोर्स के आने की उम्मीद जताई जा रही है। इनके अलावा भिवानी जिले के चारों डीएसपी, सभी एसएचओ को भी अलर्ट किया गया है।
विज्ञापन
शहर में निकाला फ्लैग मार्च
बृहस्पतिवार सायं बीएसएफ, आरएएफ और जिला पुलिस ने मिलकर शहर में फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च शहर के सभी मुख्य मार्गों, रोहतक रोड से होकर गुजरा। फ्लैग मार्च से जवानों से संदेश दिया कि किसी तरह की तोड़फोड़ या अप्रिय घटना नहीं होने दी जाएगी।
सीएम से बैठक के बाद होगा फैसला
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य शेर सिंह रतेरा ने कहा कि कोर कमेटी की बैठक हिसार में हुई है। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट ने आकर बताया है कि मुख्यमंत्री ने समिति के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए शुक्रवार दोपहर 12 बजे बुलाया है। अब वह स्वयं और प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सीएम से मिलने चंडीगढ़ जाएंगे। बातचीत के बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
प्रशासन ने बैठक कर दिया भाईचारे का संदेश
जाट आरक्षण संघर्ष समिति की चेतावनी व अप्रिय घटना रोकने के लिए प्रशासन की ओर से रेस्ट हाउस में सभी बिरादरी के लोगों की बैठक बुलाई गई। बैठक में एसडीएम सतपाल सिंह व उपपुलिस अधीक्षक अशोक बख्सी ने सभी बिरादरी के लोगों को भाईचारा बनाये रखने का संदेश दिया। बैठक में तहसीलदार संजय बिश्रोई, नप के निवर्तमान चेयरमैन भवानी प्रताप, भिवानी बार एसोसिएशन रामकुमार धांगड़, मीना परमार, परमजीत मडडू, ओमबीर सिंह तंवर, धर्मबीर नेहरा, चन्द्र सिंह आर्य, जोगेंद्र सिंह तंवर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 15 मार्च को लघु सचिवालय के बाहर धरना व डीसी को ज्ञापन देकर चेतावनी दी थी कि 72 घंटे में उनकी सात मांगे नहीं मानी तो वे 18 मार्च को बैठक कर फिर से धरने दिए जाएंगे। जिसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। मामले में अब शुक्रवार को जाट संघर्ष समिति क्या फैसला लेती है, यह तो नहीं कहा जा सकता। मगर, पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। भिवानी जिले में दंगे रोकने और सुरक्षा का जिम्मा इस बार एडीजीपी प्रशांत कुमार अग्रवाल संभालेंगे। इनके अलावा डीआईजी शिबास कविराज, एएसपी फूल कुमार, डीएसपी सतबीर सिंह को भिवानी भेजा गया है।
विज्ञापन
बीएसएफ, आरएएफ समेत 13 सौ जवानों की तैनाती
दंगों व अप्रिय घटना रोकने के लिए बीएसएफ के जवान भिवानी पहुंच चुके हैं। आरएएफ के जवान पहले ही यहां है। अब रात को 70 बीएसएफ के जवान भिवानी पहुंचे। आरएएफ के 131 जवान पहले ही यहां आ चुके है। इसके अलावा करीब एक हजार जवान भिवानी पुलिस के पास है। मधुबन से भी फोर्स के आने की उम्मीद जताई जा रही है। इनके अलावा भिवानी जिले के चारों डीएसपी, सभी एसएचओ को भी अलर्ट किया गया है।
विज्ञापन
शहर में निकाला फ्लैग मार्च
बृहस्पतिवार सायं बीएसएफ, आरएएफ और जिला पुलिस ने मिलकर शहर में फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च शहर के सभी मुख्य मार्गों, रोहतक रोड से होकर गुजरा। फ्लैग मार्च से जवानों से संदेश दिया कि किसी तरह की तोड़फोड़ या अप्रिय घटना नहीं होने दी जाएगी।
सीएम से बैठक के बाद होगा फैसला
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य शेर सिंह रतेरा ने कहा कि कोर कमेटी की बैठक हिसार में हुई है। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट ने आकर बताया है कि मुख्यमंत्री ने समिति के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए शुक्रवार दोपहर 12 बजे बुलाया है। अब वह स्वयं और प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सीएम से मिलने चंडीगढ़ जाएंगे। बातचीत के बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
प्रशासन ने बैठक कर दिया भाईचारे का संदेश
जाट आरक्षण संघर्ष समिति की चेतावनी व अप्रिय घटना रोकने के लिए प्रशासन की ओर से रेस्ट हाउस में सभी बिरादरी के लोगों की बैठक बुलाई गई। बैठक में एसडीएम सतपाल सिंह व उपपुलिस अधीक्षक अशोक बख्सी ने सभी बिरादरी के लोगों को भाईचारा बनाये रखने का संदेश दिया। बैठक में तहसीलदार संजय बिश्रोई, नप के निवर्तमान चेयरमैन भवानी प्रताप, भिवानी बार एसोसिएशन रामकुमार धांगड़, मीना परमार, परमजीत मडडू, ओमबीर सिंह तंवर, धर्मबीर नेहरा, चन्द्र सिंह आर्य, जोगेंद्र सिंह तंवर आदि मौजूद रहे।