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Bhiwani News: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग स्टाफ ने किया दो घंटे प्रदर्शन
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भिवानी। ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग स्टाफ ने मंगलवार को दो घंटे प्रदर्शन किया और नीति में नर्सिंग कैडर की परिस्थितियों के अनुरूप बदलाव की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सभी इमरजेंसी एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से जारी रहीं।
नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि पूरे हरियाणा में नर्सिंग ऑफिसर्स के लिए कैंपस सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने पर बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों को घर से दूर जाकर सेवा करनी पड़ सकती है। कर्मचारियों के अनुसार नर्सिंग कैडर में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं, इसलिए स्थानांतरण से उनके परिवार और बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने की आशंका है।
कर्मचारियों ने कहा कि नर्सिंग ऑफिसर्स की 24 घंटे की ड्यूटी को देखते हुए तबादले के दौरान उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। अचानक तबादले से मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सेमेस्टर के बीच तबादला होने पर बच्चों के स्कूल या कॉलेज में दाखिले की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाया और नीति में इसका स्पष्ट प्रावधान करने की मांग की।
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नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि अस्पतालों में उनके पास कई तरह के अतिरिक्त चार्ज और जिम्मेदारियां भी होती हैं। ऐसे में तबादले से पहले इन जिम्मेदारियों के हस्तांतरण की व्यवस्था भी स्पष्ट होनी चाहिए। कर्मचारियों ने सरकार से नर्सिंग कैडर की व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफर पॉलिसी में आवश्यक बदलाव करने की मांग की।
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नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि पूरे हरियाणा में नर्सिंग ऑफिसर्स के लिए कैंपस सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने पर बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों को घर से दूर जाकर सेवा करनी पड़ सकती है। कर्मचारियों के अनुसार नर्सिंग कैडर में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं, इसलिए स्थानांतरण से उनके परिवार और बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने की आशंका है।
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कर्मचारियों ने कहा कि नर्सिंग ऑफिसर्स की 24 घंटे की ड्यूटी को देखते हुए तबादले के दौरान उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। अचानक तबादले से मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सेमेस्टर के बीच तबादला होने पर बच्चों के स्कूल या कॉलेज में दाखिले की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाया और नीति में इसका स्पष्ट प्रावधान करने की मांग की।
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नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि अस्पतालों में उनके पास कई तरह के अतिरिक्त चार्ज और जिम्मेदारियां भी होती हैं। ऐसे में तबादले से पहले इन जिम्मेदारियों के हस्तांतरण की व्यवस्था भी स्पष्ट होनी चाहिए। कर्मचारियों ने सरकार से नर्सिंग कैडर की व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफर पॉलिसी में आवश्यक बदलाव करने की मांग की।