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बोरवेल की मिट्टी के नीचे चार दबे, एक की मौत
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Sat, 16 Apr 2016 12:10 AM IST
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दबे
- फोटो : अमर उजाला
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बोलवेल में गिरे कुत्ते को बचाने उतरे चार लोग मिट्टी के नीचे दब गए। घंटों की मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन एक की उपचार के दौरान मौत हो गई। बताया जाता है कि मरने वाले व्यक्ति को मिट्टी से करीब-करीब बाहर निकाल लिया था, लेकिन इसी दौरान मिट्टी का बड़ा तौंदा गिर गया। इसके बाद चारों दब गए।
शुक्रवार दोपहर करीबन तीन बजे गांव डाडम में कुलदीप के बोरवेल में कुत्ते का एक बच्चा गिर गया। कुत्ते को बचाने के प्रयास में डाडम गांव के कुलदीप (39), रामबीर, सूरजमल व पिंजोखरा के अब्दुल खान ने बोरवेल के चारों तरफ मशीन से मिट्टी हटवाई। कुत्ते के बच्चे को बोरवेल से निकालने के लिए जैसे ही कुलदीप अंदर गया तो उपर से मिट्टी खिसक गई और कुलदीप के उपर जा गिरी। कुलदीप को मिट्टी के नीचे दबता देख अन्य तीनों साथी रामबीर, सूरजमल व पिंजोखरा के अब्दुल खान ने बचाने का प्रयास किया। तीनों साथियों ने कुलदीप का आधा हिस्सा निकाला ही था कि इसी बीच इधर-उधर से मिट्टी दोबारा खिसक गई। मिट्टी में चारों दब गए।
घटना को सुनकर आस-पास के लोगों ने पहाड में खनन कार्य करने वाली मशीनों के माध्यम से रामबीर, सूरजमल व पिंजोखरा के अब्दुल खान को तो सकुशल बाहर निकाल लिया, लेकिन कुलदीप को निकालने के लिए लोगों को करीबन दो घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद आसपास के लोगों ने करीबन 6 बजे मशीनों के माध्यम से कुलदीप को बाहर निकालकर मौके पर मौजूद एंबुलेंस में डॉक्टर के साथ हिसार भेजा गया। लेकिन, बाद में इलाज के दौरान कुलदीप की मौत हो गई।
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शुक्रवार दोपहर करीबन तीन बजे गांव डाडम में कुलदीप के बोरवेल में कुत्ते का एक बच्चा गिर गया। कुत्ते को बचाने के प्रयास में डाडम गांव के कुलदीप (39), रामबीर, सूरजमल व पिंजोखरा के अब्दुल खान ने बोरवेल के चारों तरफ मशीन से मिट्टी हटवाई। कुत्ते के बच्चे को बोरवेल से निकालने के लिए जैसे ही कुलदीप अंदर गया तो उपर से मिट्टी खिसक गई और कुलदीप के उपर जा गिरी। कुलदीप को मिट्टी के नीचे दबता देख अन्य तीनों साथी रामबीर, सूरजमल व पिंजोखरा के अब्दुल खान ने बचाने का प्रयास किया। तीनों साथियों ने कुलदीप का आधा हिस्सा निकाला ही था कि इसी बीच इधर-उधर से मिट्टी दोबारा खिसक गई। मिट्टी में चारों दब गए।
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घटना को सुनकर आस-पास के लोगों ने पहाड में खनन कार्य करने वाली मशीनों के माध्यम से रामबीर, सूरजमल व पिंजोखरा के अब्दुल खान को तो सकुशल बाहर निकाल लिया, लेकिन कुलदीप को निकालने के लिए लोगों को करीबन दो घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद आसपास के लोगों ने करीबन 6 बजे मशीनों के माध्यम से कुलदीप को बाहर निकालकर मौके पर मौजूद एंबुलेंस में डॉक्टर के साथ हिसार भेजा गया। लेकिन, बाद में इलाज के दौरान कुलदीप की मौत हो गई।
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