{"_id":"585048de4f1c1b775d64a0d8","slug":"bhiwani-news-dr-bawa-murder-case-dead-body-doctor-jam-road-half-an-hour","type":"story","status":"publish","title_hn":"डा. बावा मर्डर केस : शव लेकर सड़क पर डॉक्टर, आधे घंटे तक लगाया जाम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डा. बावा मर्डर केस : शव लेकर सड़क पर डॉक्टर, आधे घंटे तक लगाया जाम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:45 AM IST
विज्ञापन
जाम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भिवानी में डॉ. केएल बावा की हत्या से गुस्साए डाक्टरों ने मंगलवार को अपने-अपने अस्पताल बंद कर रोष जताया। पोस्टमार्टम के बाद जब शव भिवानी पहुंचा तो शहर के चिड़ियाघर मोड़ पर शव रखी एंबुलेंस खड़ी कर रोड जाम किया। करीब आधे घंटे तक मुख्य मार्ग को जाम कर रोष जताया। बाद में पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार चिकित्सकों के बीच पहुंचे और 48 घंटे के अंदर हत्यारों को काबू करने का आश्वासन दिया। चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो विभिन्न संगठनों को साथ लेकर भिवानी शहर को बंद किया जाएगा।
डॉ. केएल बावा की सोमवार को दादरी क्षेत्र के गांव रासीवास में गोली मारकर हत्या करने के विरोध में मंगलवार को शहर भर के निजी अस्पताल बंद रहे। सभी के बाहर बंद के नोटिस चस्पे रहे और चिकित्सक डॉ. बावा के अस्पताल में एकत्रित हुए। यहां रोष जताया। दोपहर करीब दो बजे पोस्टमार्टम के बाद शव भिवानी पहुंचा तो चिकित्सकों का गुस्सा फूट पड़ा और शव रखी एंबुलेंस लेकर चिडिय़ाघर मोड़ पर पहुंचे। यहां चारों ओर के रास्तों को बंद कर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। महिला चिकित्सक चेन बनाकर सभी मार्गों को बंद किए हुए थी तो अन्य डाक्टर बीच सड़क बैठे थे। डॉक्टरों के समर्थन में मनरेगा कामगार यूनियन, सीटू मजदूर संगठन भी उतर आए और जाम में हिस्सा लिया।
चिकित्सकों ने नारे लगाते हुए हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि हत्यारों की गिरफ्तारी तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। बाद में तय हुआ कि एसपी को उनके बीच आकर आश्वासन देना होगा। करीब आधे घंटे के जाम के बाद पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार चिकित्सकों के बीच पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी विशेष टीम मामले की जांच में जुटी है और वह स्वयं इसकी जांच कर रहे है। जल्द हत्यारों को पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे है। चिकित्सकों की मांग पर उन्होंने आश्वासन दिया कि 48 घंटे में हत्यारों को काबू कर लिया जाएगा। चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि 48 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे अन्य संगठनों को साथ लेकर पूरे भिवानी शहर को बंद कर दिया जाएगा। चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि प्रदेश भर में प्रदर्शन किए जाएंगे। जाम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए रामबाग ले जाया गया। जिले भर के चिकित्सक, व्यापारी व प्रमुख लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। मुख्य मार्ग होने के कारण मार्ग के चारों ओर के मार्गों पर वाहनों का जाम लग गया। पौने तीन बजे जाम खुलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। इस मौके पर आईएमए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. पंकज, सचिव डॉ. प्रशांत त्यागी, जिला इकाई प्रधान डॉ. गौरव, डॉ. शिवकांत, डॉ. वीबी दीक्षित, डॉ. कर्ण पूनिया, डॉ. वंदना पूनिया, डॉ. सतीश, डॉ. एसएल वर्मा, डॉ. यशकीर्ति आहुजा, डॉ. आईडी गुप्ता, डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. कपिल शर्मा, डॉ. वीके सरीन, डॉ. पीके गोयल, डॉ. स्वस्ति शर्मा, डॉ. चंचल धीर, डॉ. सुमन पूनिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
पत्नी, पुत्र, पुत्रवधू ने भी लगाया जाम
नम आंखों के साथ मृतक डॉ. केएल बावा की पत्नी डॉ. पूनम बावा, उनके पुत्र इंजीनियर सिद्धार्थ, डॉ. मंजूना, पुत्रवधू भी जाम में शामिल हुई। नम आंखों से ही परिजनों पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए कहा कि आप पर विश्वास कर रहे है। हत्यारों को जल्द काबू किया जाए।
दो दिन काली पट्टी बांध कर होगा काम
आईएमए की जिला इकाई ने बैठक कर निर्णय लिया कि पुलिस को दिए 48 घंटे तक प्राइवेट अस्पताल खोले जाएंगे मगर चिकित्सक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।
डॉ. केएल बावा की सोमवार को दादरी क्षेत्र के गांव रासीवास में गोली मारकर हत्या करने के विरोध में मंगलवार को शहर भर के निजी अस्पताल बंद रहे। सभी के बाहर बंद के नोटिस चस्पे रहे और चिकित्सक डॉ. बावा के अस्पताल में एकत्रित हुए। यहां रोष जताया। दोपहर करीब दो बजे पोस्टमार्टम के बाद शव भिवानी पहुंचा तो चिकित्सकों का गुस्सा फूट पड़ा और शव रखी एंबुलेंस लेकर चिडिय़ाघर मोड़ पर पहुंचे। यहां चारों ओर के रास्तों को बंद कर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। महिला चिकित्सक चेन बनाकर सभी मार्गों को बंद किए हुए थी तो अन्य डाक्टर बीच सड़क बैठे थे। डॉक्टरों के समर्थन में मनरेगा कामगार यूनियन, सीटू मजदूर संगठन भी उतर आए और जाम में हिस्सा लिया।
विज्ञापन
चिकित्सकों ने नारे लगाते हुए हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि हत्यारों की गिरफ्तारी तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। बाद में तय हुआ कि एसपी को उनके बीच आकर आश्वासन देना होगा। करीब आधे घंटे के जाम के बाद पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार चिकित्सकों के बीच पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी विशेष टीम मामले की जांच में जुटी है और वह स्वयं इसकी जांच कर रहे है। जल्द हत्यारों को पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे है। चिकित्सकों की मांग पर उन्होंने आश्वासन दिया कि 48 घंटे में हत्यारों को काबू कर लिया जाएगा। चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि 48 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे अन्य संगठनों को साथ लेकर पूरे भिवानी शहर को बंद कर दिया जाएगा। चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि प्रदेश भर में प्रदर्शन किए जाएंगे। जाम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए रामबाग ले जाया गया। जिले भर के चिकित्सक, व्यापारी व प्रमुख लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। मुख्य मार्ग होने के कारण मार्ग के चारों ओर के मार्गों पर वाहनों का जाम लग गया। पौने तीन बजे जाम खुलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। इस मौके पर आईएमए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. पंकज, सचिव डॉ. प्रशांत त्यागी, जिला इकाई प्रधान डॉ. गौरव, डॉ. शिवकांत, डॉ. वीबी दीक्षित, डॉ. कर्ण पूनिया, डॉ. वंदना पूनिया, डॉ. सतीश, डॉ. एसएल वर्मा, डॉ. यशकीर्ति आहुजा, डॉ. आईडी गुप्ता, डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. कपिल शर्मा, डॉ. वीके सरीन, डॉ. पीके गोयल, डॉ. स्वस्ति शर्मा, डॉ. चंचल धीर, डॉ. सुमन पूनिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
पत्नी, पुत्र, पुत्रवधू ने भी लगाया जाम
नम आंखों के साथ मृतक डॉ. केएल बावा की पत्नी डॉ. पूनम बावा, उनके पुत्र इंजीनियर सिद्धार्थ, डॉ. मंजूना, पुत्रवधू भी जाम में शामिल हुई। नम आंखों से ही परिजनों पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए कहा कि आप पर विश्वास कर रहे है। हत्यारों को जल्द काबू किया जाए।
दो दिन काली पट्टी बांध कर होगा काम
आईएमए की जिला इकाई ने बैठक कर निर्णय लिया कि पुलिस को दिए 48 घंटे तक प्राइवेट अस्पताल खोले जाएंगे मगर चिकित्सक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।