{"_id":"580fb2ef4f1c1bc877bc375a","slug":"bhiwani-news-district-dengue-chikengunia","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में चिकनगुनिया और डेंगू का कहर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में चिकनगुनिया और डेंगू का कहर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Oct 2016 01:00 AM IST
विज्ञापन
Dengue
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भिवानी जिले भर में डेंगू, चिकनगुनिया का कहर है। डेंगू के छह मरीज सामने आ चुके है तो चिकनगुनिया के मरीजों की प्राइवेट अस्पतालों में भीड़ लगी है। प्राइवेट अस्पतालों में भले ही एक सौ से अधिक मरीज चिकनगुनिया का इलाज ले रहे हो मगर स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में महज एक ही चिकनगुनिया का मरीज है। इतना ही नहीं डेंगू के मरीजों की संख्या भी बढ़कर छह हो गई है। मलेरिया के भी अब तक 212 मरीज दर्ज किए जा चुके है।
करीब 12-13 वर्ष एक बार फिर चिकनगुनिया बीमारी कहर बरपा रही है। प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी है। दादरी गेट पर एक परिवार के सभी छह सदस्य चिकनगुनिया की चपेट में है तो टाइयान पाना के भी करीब नौ लोग चिकनगुनिया की चपेट में है। बेशक इनमें काफी ऐसे है जिनकी रिपोर्ट निगेटिव रही है मगर चिकित्सकों का मानना है कि 15 दिन तक चिकनगुनिया की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आती। इसके अलावा यदि मरीज टेस्ट करवाने से पहले एंटी बायटिक दवाइयां ले ले तो भी रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आती। इसी कारण निगेटिव रिपोर्ट होने के बावजूद चिकनगुनिया के लक्षण बुखार, जोड़ों में दर्द, चलने-फिरने में असमर्थता आदि के कारण चिकित्सक मरीजों का चिकनगुनिया का ही इलाज कर रहे है। प्राइवेट अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या एक सौ से अधिक है। सामान्य अस्पताल में भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही है मगर टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता। नरेंद्र अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र के मुताबिक चिकनगुनिया मरीजों के पीड़ित होने के 10 से 15 दिन बाद पता लगता है। अब मरीज जो सामने आ रहे है उनमें अधिकतर की रिपोर्ट तो निगेटिव है मगर लक्षण सभी चिकनगुनिया के है। कई बार एंटी बायटिक दवाओं के सेवन के कारण भी रिपोर्ट निगेटिव आती है।
छह हुए डेंगू मरीज, 212 मलेरिया पीड़ित
डेंगू मरीजों का आंकड़ा भी अब बढ़ रहा है। पहले दो ही मरीज सामने आए थे मगर अब डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। इसमें शहर और आसपास के गांवों के लोग शामिल है। सामने आए सभी डेंगू मरीजों ने भिवानी की बजाए हिसार या अन्य जगह अपना इलाज कराया। इन सभी मरीजों की हालत अब ठीक है। डेंगू के अलावा मलेरिया मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। मलेरिया के अब तक 212 मरीज सामने आ चुके है।
विज्ञापन
स्लम एरिया में ज्यादा है चिकनगुनिया
चिकनगुनिया का अटैक स्लम एरिया जैसे दादरी गेट, बावड़ी गेट, ग्वार फैक्ट्री की पीछे की कॉलोनियों, पीपली वाली जोहड़ी क्षेत्र में ज्यादा है। इसका मुख्य कारण इस बार हुई अधिक बरसात के कारण भरा पानी। इन एरिया में ज्यादा जलभराव हुआ। लोगों ने पानी तो किसी तरह निकाल दिया मगर नमी के कारण वायरस फैलने का माहौल बना।
चिकनगुनिया के लक्षण:-
* ठंड लगकर तेज बुखार आना
* सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द
* जोड़ों में तेज दर्द व सूजन
* भूख न लगना, कमजोरी आना, जी मचलना
* शरीर पर खुजली व चकते निशान, प्रकाश सहन नहीं होना
इस बार पहले की तुलना में स्थिति नियंत्रण में है। हमारी टीम ने लगातार निरीक्षण कर रही है और जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल तक चिकनगुनिया का एक ही मरीज आया है और डेंगू के छह है।
डॉ. यतिन गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, सामान्य अस्पताल
करीब 12-13 वर्ष एक बार फिर चिकनगुनिया बीमारी कहर बरपा रही है। प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी है। दादरी गेट पर एक परिवार के सभी छह सदस्य चिकनगुनिया की चपेट में है तो टाइयान पाना के भी करीब नौ लोग चिकनगुनिया की चपेट में है। बेशक इनमें काफी ऐसे है जिनकी रिपोर्ट निगेटिव रही है मगर चिकित्सकों का मानना है कि 15 दिन तक चिकनगुनिया की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आती। इसके अलावा यदि मरीज टेस्ट करवाने से पहले एंटी बायटिक दवाइयां ले ले तो भी रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आती। इसी कारण निगेटिव रिपोर्ट होने के बावजूद चिकनगुनिया के लक्षण बुखार, जोड़ों में दर्द, चलने-फिरने में असमर्थता आदि के कारण चिकित्सक मरीजों का चिकनगुनिया का ही इलाज कर रहे है। प्राइवेट अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या एक सौ से अधिक है। सामान्य अस्पताल में भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही है मगर टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता। नरेंद्र अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र के मुताबिक चिकनगुनिया मरीजों के पीड़ित होने के 10 से 15 दिन बाद पता लगता है। अब मरीज जो सामने आ रहे है उनमें अधिकतर की रिपोर्ट तो निगेटिव है मगर लक्षण सभी चिकनगुनिया के है। कई बार एंटी बायटिक दवाओं के सेवन के कारण भी रिपोर्ट निगेटिव आती है।
विज्ञापन
छह हुए डेंगू मरीज, 212 मलेरिया पीड़ित
डेंगू मरीजों का आंकड़ा भी अब बढ़ रहा है। पहले दो ही मरीज सामने आए थे मगर अब डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। इसमें शहर और आसपास के गांवों के लोग शामिल है। सामने आए सभी डेंगू मरीजों ने भिवानी की बजाए हिसार या अन्य जगह अपना इलाज कराया। इन सभी मरीजों की हालत अब ठीक है। डेंगू के अलावा मलेरिया मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। मलेरिया के अब तक 212 मरीज सामने आ चुके है।
विज्ञापन
स्लम एरिया में ज्यादा है चिकनगुनिया
चिकनगुनिया का अटैक स्लम एरिया जैसे दादरी गेट, बावड़ी गेट, ग्वार फैक्ट्री की पीछे की कॉलोनियों, पीपली वाली जोहड़ी क्षेत्र में ज्यादा है। इसका मुख्य कारण इस बार हुई अधिक बरसात के कारण भरा पानी। इन एरिया में ज्यादा जलभराव हुआ। लोगों ने पानी तो किसी तरह निकाल दिया मगर नमी के कारण वायरस फैलने का माहौल बना।
चिकनगुनिया के लक्षण:-
* ठंड लगकर तेज बुखार आना
* सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द
* जोड़ों में तेज दर्द व सूजन
* भूख न लगना, कमजोरी आना, जी मचलना
* शरीर पर खुजली व चकते निशान, प्रकाश सहन नहीं होना
इस बार पहले की तुलना में स्थिति नियंत्रण में है। हमारी टीम ने लगातार निरीक्षण कर रही है और जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल तक चिकनगुनिया का एक ही मरीज आया है और डेंगू के छह है।
डॉ. यतिन गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, सामान्य अस्पताल