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पाला बदलू पार्षदों की बदौलत भाजपा की बल्ले-बल्ले
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2016 12:29 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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इनेलो व कांग्रेस समर्थक पाला-बदल’ पार्षदों की बदौलत भाजपा ने जिला परिषद के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन चुनाव में विपक्ष का सुपडा साफ कर दिया। 28 में से 24 वोट लेकर रमेश ओला चेयरमैन बने। ओला के प्रतिद्वंद्वी इनेलो प्रत्याशी नरेंद्र राज गागड़वास केवल चार वोट ले पाए। लेकिन, वाइस चेयरमैन के चुनाव में समीकरण पलट गए। भाजपा की मीना शर्मा को 17 वोट मिले। यानी, चेयरमैन के मुकाबले सात वोट कम मिले। मीना की प्रतिद्वंद्वी धनपति को 11 वोट मिले।
सोमवार सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर भाजपा के दो विधायकों की अगुवाई में 23 पार्षदों ने एक साथ पंचायत भवन में एंट्री की। विधायक बिशंबर वाल्मीकि व सुखविंद्र मांढी, युवा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश गौड़ व सभी पार्षद एक बस में सवार होकर पहुंचे। इनेलो प्रत्याशी समेत तीन पार्षद अलग आए। उपस्थिति हस्ताक्षर की औपचारिकता पूरी होने के बाद 30 में से 26 पार्षदों की मौजूदगी के बीच 12 बजे चुनावी प्रक्रिया आंरभ हुई। चार पार्षद गैर हाजिर रहे। पार्षद व भाजपा नेत्री किरण कलकल 12:05 मिनट पर पहुंची, लेकिन उनकी एंट्री नहीं हो सकी। सर्वसम्मति के प्रयास सिरे न चढने के बाद भाजपा की ओर से वार्ड नंबर नौ से पार्षद रमेश ओला ने चेयरमैन व वार्ड नंबर छह से पार्षद मीना शर्मा ने वाइस चेयरमैन के लिए पर्चा भरा। इन्हीं पदों के लिए इनेलो की तरफ से नरेंद्र राज गागड़वास (27) व धनपति (18) ने नामांकन किया। ईवीएम के माध्यम से हुए मतदान के नतीजे चुनाव अधिकारी व एडीसी धीरेंद्र खरगटा ने दोपहर करीब डेढ़ बजे घोषित किए। दोनों पदों के लिए हुए चुनाव में कुल 30 में से 28 पार्षदों ने मतदान किया। कोई वोट रद नहीं हुआ। चेयरमैन पद प्रत्याशी रमेश ओला को 24 वोट मिले और उनके प्रतिद्वंद्वी इनेलो के नरेंद्र राज गागड़वास को महज चार वोट मिले। वाइस चेयरमैन की प्रत्याशी मीना शर्मा ने अपनी प्रतिद्वंद्वी इनेलो की धनपति को छह वोट से शिकस्त दी। मीना को 17 तो धनपति को 11 वोट मिले।
दो पार्षदों को 53 मिनट बाद मिली एंट्री
चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के वक्त 30 में से 26 पार्षद मौजूद रहे। पांच मिनट बाद भाजपा पार्षद किरण कलकल पहुंची, लेकिन नियमों का हवाला देकर उन्हें बैठक में शामिल नहीं होने दिया। किरण ने गाड़ी का टायर पंचर होने की दुहाई भी दी, पर उन्हें एंट्री नहीं मिली। कुछ समय बाद वार्ड नंबर 13 से पार्षद बलवान संडवा भी पहुंचे। बाद में दोनों पार्षदों को बैठक में बुलाए जाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे पार्षदों ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। अंतत: 53 मिनट बाद दोनों पार्षदों को चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने को इजाजत मिली। वार्ड नंबर 12 से भूपेंद्र व वार्ड नंबर 24 से राजबाला गैर हाजिर रहीं। दोनों कांग्रेस समर्थित पार्षद हैं।
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सर्वसम्मति पर राजी नहीं हुई इनेलो
चुनावी प्रक्रिया आरंभ होते ही भाजपा के पार्षद रमेश ओला ने सर्वसम्मति से चयन की बात रखी। लेकिन, इनेलो के मनोज यादव ने इसे तुरंत खारिज कर दिया। इसके बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई।
चेयरमैन कैप्टन के करीबी तो वा. चेयरपर्सन शिक्षामंत्री की रिश्तेदार
जिला परिषद के चेयरमैन बने रमेश ओला प्रदेश के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के करीबी हैं तो वाइस चेयरपर्सन मीना शर्मा राज्य के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की रिश्तेदार हैं। जिस धुआंधार अंदाज में चुनाव जीते हैं, उससे उनके सियासी रुतबे की झलक भी दिख रही है। जीत के बाद रमेश ओला ने सीएम का आभार जताते हुए सबको साथ लेकर काम करने का यकीन दिलाया। एक सवाल के जवाब में गांवों में छाये जल संकट का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। मीना शर्मा ने भी साथ मिलकर काम करने की बात कही।
इनेलो व कांग्रेस समर्थक पार्षदों ने पाला बदला
चेयरमैन पद के चुनाव में 28 में से 24 पार्षदों का भाजपा के पाले में जाना इनेलो व कांग्रेस के लिए राजनीतिक सदमे से कम नहीं है। हालांकि, कोई कांग्रेस पृष्ठभूमि का पार्षद इन दोनों पदों के लिए चुनाव मैदान में नहीं था, लेकिन दो अनुपस्थित रहने वाले पार्षदों को छोड़कर सभी ने भाजपा के पक्ष में वोटिंग की। नौ पार्षदों के साथ होने का दावा करने वाले इनेलो के चेयरमैन प्रत्याशी नरेंद्र राज गागड़वास को केवल चार वोट मिले। यानी, बाकी इनेलो के पार्षद भाजपा की गोद में बैठ गए। बहुमत से दूर होने के बावजूद भाजपा की इतनी बड़ी जीत चौंकाती है। नतीजे बताते हैं कि इनेलो व कांग्रेस के आधा दर्जन से ज्यादा पार्षद %पार्टी लाइन’ की बंदिश तोड़ भाजपा के पाले में चले गए। कई पार्षदों ने रातों-रात आस्था बदली।
भाजपा ने ख्खरीद-फरोख्त से चेयरमैन बनाया : इनेलो
जिला परिषद के चेयरमैन के इनेलो उम्मीदवार नरेंद्र गागड़वास ने भाजपा पर जिला परिषद चेयरमैन चुनाव में खरीद-फरोख्त आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सुशासन की बात करने वाली भाजपा ने आज साबित कर दिया कि सत्ता के लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है। इस चुनाव को भिवानी की राजनीति में काले दिन के रूप में याद किया जाएगा। इनेलो प्रत्याशी ने भाजपा व कांग्रेस को एक ही थाली के चट्टे-बट्टे बताते हुए कहा कि इस चुनाव में दोनों पार्टियों ने इनेलो के खिलाफ मिलकर चुनाव लड़ा। इनेलो जिला पार्षद मनोज यादव व पार्षद प्रतिनिधि राजेश फौगाट ने बताया कि इस चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस से मिलकर इनेलो प्रत्याशी को हरवाने का काम किया। इनेलो जिला अध्यक्ष सुनील लांबा ने चुनाव को सरकारी तंत्र का गलत प्रयोग होने वाला चुनाव बताया।
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सोमवार सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर भाजपा के दो विधायकों की अगुवाई में 23 पार्षदों ने एक साथ पंचायत भवन में एंट्री की। विधायक बिशंबर वाल्मीकि व सुखविंद्र मांढी, युवा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश गौड़ व सभी पार्षद एक बस में सवार होकर पहुंचे। इनेलो प्रत्याशी समेत तीन पार्षद अलग आए। उपस्थिति हस्ताक्षर की औपचारिकता पूरी होने के बाद 30 में से 26 पार्षदों की मौजूदगी के बीच 12 बजे चुनावी प्रक्रिया आंरभ हुई। चार पार्षद गैर हाजिर रहे। पार्षद व भाजपा नेत्री किरण कलकल 12:05 मिनट पर पहुंची, लेकिन उनकी एंट्री नहीं हो सकी। सर्वसम्मति के प्रयास सिरे न चढने के बाद भाजपा की ओर से वार्ड नंबर नौ से पार्षद रमेश ओला ने चेयरमैन व वार्ड नंबर छह से पार्षद मीना शर्मा ने वाइस चेयरमैन के लिए पर्चा भरा। इन्हीं पदों के लिए इनेलो की तरफ से नरेंद्र राज गागड़वास (27) व धनपति (18) ने नामांकन किया। ईवीएम के माध्यम से हुए मतदान के नतीजे चुनाव अधिकारी व एडीसी धीरेंद्र खरगटा ने दोपहर करीब डेढ़ बजे घोषित किए। दोनों पदों के लिए हुए चुनाव में कुल 30 में से 28 पार्षदों ने मतदान किया। कोई वोट रद नहीं हुआ। चेयरमैन पद प्रत्याशी रमेश ओला को 24 वोट मिले और उनके प्रतिद्वंद्वी इनेलो के नरेंद्र राज गागड़वास को महज चार वोट मिले। वाइस चेयरमैन की प्रत्याशी मीना शर्मा ने अपनी प्रतिद्वंद्वी इनेलो की धनपति को छह वोट से शिकस्त दी। मीना को 17 तो धनपति को 11 वोट मिले।
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दो पार्षदों को 53 मिनट बाद मिली एंट्री
चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के वक्त 30 में से 26 पार्षद मौजूद रहे। पांच मिनट बाद भाजपा पार्षद किरण कलकल पहुंची, लेकिन नियमों का हवाला देकर उन्हें बैठक में शामिल नहीं होने दिया। किरण ने गाड़ी का टायर पंचर होने की दुहाई भी दी, पर उन्हें एंट्री नहीं मिली। कुछ समय बाद वार्ड नंबर 13 से पार्षद बलवान संडवा भी पहुंचे। बाद में दोनों पार्षदों को बैठक में बुलाए जाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे पार्षदों ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। अंतत: 53 मिनट बाद दोनों पार्षदों को चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने को इजाजत मिली। वार्ड नंबर 12 से भूपेंद्र व वार्ड नंबर 24 से राजबाला गैर हाजिर रहीं। दोनों कांग्रेस समर्थित पार्षद हैं।
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सर्वसम्मति पर राजी नहीं हुई इनेलो
चुनावी प्रक्रिया आरंभ होते ही भाजपा के पार्षद रमेश ओला ने सर्वसम्मति से चयन की बात रखी। लेकिन, इनेलो के मनोज यादव ने इसे तुरंत खारिज कर दिया। इसके बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई।
चेयरमैन कैप्टन के करीबी तो वा. चेयरपर्सन शिक्षामंत्री की रिश्तेदार
जिला परिषद के चेयरमैन बने रमेश ओला प्रदेश के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के करीबी हैं तो वाइस चेयरपर्सन मीना शर्मा राज्य के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की रिश्तेदार हैं। जिस धुआंधार अंदाज में चुनाव जीते हैं, उससे उनके सियासी रुतबे की झलक भी दिख रही है। जीत के बाद रमेश ओला ने सीएम का आभार जताते हुए सबको साथ लेकर काम करने का यकीन दिलाया। एक सवाल के जवाब में गांवों में छाये जल संकट का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। मीना शर्मा ने भी साथ मिलकर काम करने की बात कही।
इनेलो व कांग्रेस समर्थक पार्षदों ने पाला बदला
चेयरमैन पद के चुनाव में 28 में से 24 पार्षदों का भाजपा के पाले में जाना इनेलो व कांग्रेस के लिए राजनीतिक सदमे से कम नहीं है। हालांकि, कोई कांग्रेस पृष्ठभूमि का पार्षद इन दोनों पदों के लिए चुनाव मैदान में नहीं था, लेकिन दो अनुपस्थित रहने वाले पार्षदों को छोड़कर सभी ने भाजपा के पक्ष में वोटिंग की। नौ पार्षदों के साथ होने का दावा करने वाले इनेलो के चेयरमैन प्रत्याशी नरेंद्र राज गागड़वास को केवल चार वोट मिले। यानी, बाकी इनेलो के पार्षद भाजपा की गोद में बैठ गए। बहुमत से दूर होने के बावजूद भाजपा की इतनी बड़ी जीत चौंकाती है। नतीजे बताते हैं कि इनेलो व कांग्रेस के आधा दर्जन से ज्यादा पार्षद %पार्टी लाइन’ की बंदिश तोड़ भाजपा के पाले में चले गए। कई पार्षदों ने रातों-रात आस्था बदली।
भाजपा ने ख्खरीद-फरोख्त से चेयरमैन बनाया : इनेलो
जिला परिषद के चेयरमैन के इनेलो उम्मीदवार नरेंद्र गागड़वास ने भाजपा पर जिला परिषद चेयरमैन चुनाव में खरीद-फरोख्त आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सुशासन की बात करने वाली भाजपा ने आज साबित कर दिया कि सत्ता के लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है। इस चुनाव को भिवानी की राजनीति में काले दिन के रूप में याद किया जाएगा। इनेलो प्रत्याशी ने भाजपा व कांग्रेस को एक ही थाली के चट्टे-बट्टे बताते हुए कहा कि इस चुनाव में दोनों पार्टियों ने इनेलो के खिलाफ मिलकर चुनाव लड़ा। इनेलो जिला पार्षद मनोज यादव व पार्षद प्रतिनिधि राजेश फौगाट ने बताया कि इस चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस से मिलकर इनेलो प्रत्याशी को हरवाने का काम किया। इनेलो जिला अध्यक्ष सुनील लांबा ने चुनाव को सरकारी तंत्र का गलत प्रयोग होने वाला चुनाव बताया।