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इतिहास की नवीन पुस्तकों में सरस्वती-सिन्धु सभ्यता का विस्तार से वर्णन: प्रो. जगबीर
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26 फोटो हरियाणा विद्यालय शिक्षाबोर्ड में इतिहास की अंग्रेजी भाषा की पुस्तक का विमोचन करते चेयरमै?
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। एक स्वाधीन और संप्रभु राष्ट्र के नागरिकों को विशेष तौर पर भावी पीढ़ी के लिए यह बहुत आवश्यक है कि वे अपनी विद्यालयी शिक्षा के दौरान ही इतिहास की घटनाओं को वस्तुपरक ढंग से समझें। इतिहास की इन नवीन पुस्तकों में सरस्वती-सिंधु सभ्यता को विस्तार से वर्णित किया गया है। इसके अलावा आजादी की लड़ाई में हरियाणा के योगदान पर भी इन पुस्तकों में विस्तार से जिक्र किया गया है। पुरानी पुस्तकों में कुछ चुनिंदा विषयों पर ही फोकस रखा गया था।
ये उद्गार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह ने बुधवार को बोर्ड मुख्यालय में इतिहास की नवीन पुस्तकों के अंग्रेजी संस्करण का विमोचन करते हुए व्यक्त किए। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि अभी 9वीं व 10वीं कक्षाओं की अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। इस माह के अंत तक छठी, सातवीं व आठवीं कक्षाओं की पुस्तकें भी प्रकाशित होकर आ जाएगीं। शिक्षा विभाग/बोर्ड द्वारा निर्धारित/प्रकाशित पुस्तकें सभी विद्यालयों में पढ़ाई जानी अनिवार्य हैं। यदि किन्हीं विद्यालयों में इन नियमों की अवहेलना करते हुए दूसरे प्रकाशकों की पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं तो संबद्धता नियमों के अधीन उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
अध्यक्ष ने कहा कि इन नवीन पुस्तकों में इतिहास का समग्र व व्यापक रूप से उल्लेख किया गया है। पहले की पुस्तकों में सिंधु घाटी सभ्यता से ही भारतीय इतिहास लिखा जाता रहा है, किंतु सरस्वती नदी का उल्लेख नहीं है। नवीन पुस्तकों में सरस्वती-सिंधु सभ्यता को विस्तार से वर्णित किया गया है। प्राचीन विश्व की प्रमुख घटनाओं, विश्व के प्रमुख दर्शन के अलावा मध्यकालीन यूरोप व भारत, ईसाइयत एवं इस्लाम, भारत पर विदेशी आक्रमण, उपनिवेशवाद व साम्राज्यवाद, भारत में ब्रिटिश उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलन के अलावा स्वतंत्र भारत के 50 वर्षों की भी इतिहास की घटनाओं का उल्लेख किया गया है।
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डॉ. जगबीर ने आगे बताया कि 9वीं कक्षा की नवीन इतिहास की पुस्तकों में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में हरियाणा की भूमिका का विस्तार से वर्णन किया है।
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ये उद्गार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह ने बुधवार को बोर्ड मुख्यालय में इतिहास की नवीन पुस्तकों के अंग्रेजी संस्करण का विमोचन करते हुए व्यक्त किए। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि अभी 9वीं व 10वीं कक्षाओं की अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। इस माह के अंत तक छठी, सातवीं व आठवीं कक्षाओं की पुस्तकें भी प्रकाशित होकर आ जाएगीं। शिक्षा विभाग/बोर्ड द्वारा निर्धारित/प्रकाशित पुस्तकें सभी विद्यालयों में पढ़ाई जानी अनिवार्य हैं। यदि किन्हीं विद्यालयों में इन नियमों की अवहेलना करते हुए दूसरे प्रकाशकों की पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं तो संबद्धता नियमों के अधीन उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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अध्यक्ष ने कहा कि इन नवीन पुस्तकों में इतिहास का समग्र व व्यापक रूप से उल्लेख किया गया है। पहले की पुस्तकों में सिंधु घाटी सभ्यता से ही भारतीय इतिहास लिखा जाता रहा है, किंतु सरस्वती नदी का उल्लेख नहीं है। नवीन पुस्तकों में सरस्वती-सिंधु सभ्यता को विस्तार से वर्णित किया गया है। प्राचीन विश्व की प्रमुख घटनाओं, विश्व के प्रमुख दर्शन के अलावा मध्यकालीन यूरोप व भारत, ईसाइयत एवं इस्लाम, भारत पर विदेशी आक्रमण, उपनिवेशवाद व साम्राज्यवाद, भारत में ब्रिटिश उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलन के अलावा स्वतंत्र भारत के 50 वर्षों की भी इतिहास की घटनाओं का उल्लेख किया गया है।
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डॉ. जगबीर ने आगे बताया कि 9वीं कक्षा की नवीन इतिहास की पुस्तकों में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में हरियाणा की भूमिका का विस्तार से वर्णन किया है।