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नागरिक अस्पताल की चौथी मंजिल से पैर फिसलकर नीचे खड़ी गाड़ी पर गिरा अनुबंधित सफाई कर्मचारी
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02 फोटो नागरिक अस्पताल के आपातकाल विभाग में उपचाराधीन सफाई कर्मी अंकित। संवाद
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल की चौथी मंजिल पर रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पैर फिसलकर एक अनुबंधित सफाई कर्मचारी नीचे खड़ी कार पर जा गिरा। कर्मचारी के काफी ऊंचाई से गिरने पर गाड़ी के शीशे टूट गए। वहीं कर्मचारी भी बेसुध हो गया। जिसे गंभीर हालत में नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में भर्ती कराया गया। कर्मचारी की पहचान गांव बलियाली निवासी अंकित के रूप में हुई। फिलहाल उसका उपचार चल रहा है। वहीं सिंचाई विभाग के जेई की कार भी क्षतिग्रस्त हो गई जो अपनी गर्भवती पत्नी को नागरिक अस्पताल लेकर आया था।
जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय अंकित स्वीपर के पद पर पिछले तीन सालों से भिवानी नागरिक अस्पताल में कार्यरत है। अंकित के पिता गांव बलियाली निवासी शीशपाल व उनके साथी दीपक ने बताया कि अंकित अपने मां और बेटे की मृत्यु के बाद निराश व परेशान रहता है। दो वर्ष पहले उसकी मां की मृत्यु हो गई थी व तीन माह पहले उसके नवजात शिशु की मृत्यु हो गई थी। भिवानी नागरिक अस्पताल की चौथी मंजिल पर काम करने के दौरान जब वह गिरा तो नीचे एक कार खड़ी हुई थी, जिसके शीशे पर गिरा और शीशा चकनाचूर हो गया। इसी दौरान लोगों ने उसे तुरंत संभाला और आपात विभाग में दाखिल करवाया गया, उसके बाद से अंकित बेहाश है।
अधिकारी बोले
सुबह हमें सूचना मिली कि स्वीपर का कार्य करने वाले बलियाली गांव का अंकित अस्पताल की चौथी मंजिल से पैर फिसलने के कारण नीचे कार पर गिर गया है। इस मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल घायल के होश में आने का इंतजार कर रहे हैं। परिजनों से भी इस बारे में पूछताछ की जा रही है।
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-एएसआई सुरेश कुमार, जांच अधिकारी, शहर थाना पुलिस भिवानी।
नागरिक अस्पताल में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
नागरिक अस्पताल की वार्डों की तरफ जाने वाली चार मंजिला इमारत पर पहले भी इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। जिनमें कुछ लोगों ने तो आत्महत्या के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी थी। जिसमें कुछ अर्से पहले ही एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के साथ तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। जिसकी मौत हो गई थी। उसकी गंभीर हालत में उपचाराधीन बेटी ने भी बाद में दम तोड़ दिया था। वजह घरेलू वजह से परेशान थी। वहीं एक महिला ने भी अपनी बीमारी से परेशान होकर तीसरी मंजिल से नीचे छलांग लगाई थी। जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। नागरिक अस्पताल की उस जगह को सुसाइड प्वाइंट भी माना जाने लगा था। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने उस रास्ते को ही बंद कर दिया था। मगर अब वार्डों के इस रास्ते को फिर से खोला गया है। जिसके बाद अब फिर से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय अंकित स्वीपर के पद पर पिछले तीन सालों से भिवानी नागरिक अस्पताल में कार्यरत है। अंकित के पिता गांव बलियाली निवासी शीशपाल व उनके साथी दीपक ने बताया कि अंकित अपने मां और बेटे की मृत्यु के बाद निराश व परेशान रहता है। दो वर्ष पहले उसकी मां की मृत्यु हो गई थी व तीन माह पहले उसके नवजात शिशु की मृत्यु हो गई थी। भिवानी नागरिक अस्पताल की चौथी मंजिल पर काम करने के दौरान जब वह गिरा तो नीचे एक कार खड़ी हुई थी, जिसके शीशे पर गिरा और शीशा चकनाचूर हो गया। इसी दौरान लोगों ने उसे तुरंत संभाला और आपात विभाग में दाखिल करवाया गया, उसके बाद से अंकित बेहाश है।
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अधिकारी बोले
सुबह हमें सूचना मिली कि स्वीपर का कार्य करने वाले बलियाली गांव का अंकित अस्पताल की चौथी मंजिल से पैर फिसलने के कारण नीचे कार पर गिर गया है। इस मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल घायल के होश में आने का इंतजार कर रहे हैं। परिजनों से भी इस बारे में पूछताछ की जा रही है।
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-एएसआई सुरेश कुमार, जांच अधिकारी, शहर थाना पुलिस भिवानी।
नागरिक अस्पताल में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
नागरिक अस्पताल की वार्डों की तरफ जाने वाली चार मंजिला इमारत पर पहले भी इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। जिनमें कुछ लोगों ने तो आत्महत्या के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी थी। जिसमें कुछ अर्से पहले ही एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के साथ तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। जिसकी मौत हो गई थी। उसकी गंभीर हालत में उपचाराधीन बेटी ने भी बाद में दम तोड़ दिया था। वजह घरेलू वजह से परेशान थी। वहीं एक महिला ने भी अपनी बीमारी से परेशान होकर तीसरी मंजिल से नीचे छलांग लगाई थी। जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। नागरिक अस्पताल की उस जगह को सुसाइड प्वाइंट भी माना जाने लगा था। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने उस रास्ते को ही बंद कर दिया था। मगर अब वार्डों के इस रास्ते को फिर से खोला गया है। जिसके बाद अब फिर से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।