फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   bhiwani news

जब सुविधाएं नहीं दे सकते तो वोट मांगने क्यों आते हो...

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Sep 2022 01:09 AM IST
विज्ञापन
bhiwani news
04 फोटो देव नगर में कच्ची गलियां। संवाद - फोटो : Bhiwani
भिवानी। जब सुविधाएं नहीं दे सकते तो वोट मांगने क्यों आते हो। हमारी कॉलोनी में न सीवर लाइन है, न गलियां पक्की है। पानी की लाइन भी ऐसी है कि जिसमें नाममात्र का पानी आता है। टेल तक तो कभी पहुंचता ही नहीं। ऐसे में टैंकर से पानी खरीदना पड़ता है। यह सवाल देवनगर के लोग सोशल मीडिया पर पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधियों से पूछ रहे हैं। शहर की देवनगर ही नहीं सात अन्य कॉलोनियों में भी लोग मूलभूत सुविधाओं को लेकर तरस रहे हैं। इन आठ अवैध कॉलोनियों के करीब 25 हजार लोग मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर गुहार लगा रहे हैं।
विज्ञापन

शहरी दायरे में करीब आठ कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां लोग शहर का हिस्सा है, मगर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं। यहां लोगों को वोट डालने का अधिकार है पर पीने को पानी नहीं। सीवरेज सुविधा के नाम पर लोग घरों के बाहर गड्ढा खोदकर काम चला रहे है। कच्ची गलियां इनकी शान हैं। यह हालत पिछले काफी वर्षों से है। इनके लिए आवाज तो उठती है मगर जिम्मेदारों तक नहीं पहुंच पाती। यही कारण है कि आज भी इन कॉलोनियों के लोग पिछड़े क्षेत्रों से भी बदतर जिंदगी जी रहे हैं।
विज्ञापन

देव नगर कॉलोनी में 19 गलियां है और करीब 7500 मतदाता। जनसंख्या करीब दो हजार से अधिक है। मगर सभी गलियां कच्ची हैं। यहां सीवर लाइन नहीं, पेयजल लाइन थोड़ी जगह में ही है। ऐसा ही हाल डाबर कॉलोनी, कमला नगर, राजीव कॉलोनी, उत्तम नगर का है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन कॉलोनियों में बनी है समस्या
शहर की देव नगर कॉलोनी, उत्तम नगर फेस एक और फेस दो, डाबर कॉलोनी, टिब्बा बस्ती, कमला नगर, राजीव कॉलोनी फेस एक, फेस दो, सिटी स्टेशन लाइन पार की कॉलोनी।
नप की बैठक में भी गूंजा मुद्दा, वैध कराने की तैयारी
नगर परिषद की पिछले दिनों हुई हाउस की बैठक में भी इन कॉलोनियों को वैध करने का मामला उठा। जहां जनप्रतिनिधियों ने माना कि अवैध होने के कारण इनमें विकास कार्य नहीं हो रहे। जिसके बाद चेयरपर्सन ने सभी पार्षदों से ऐसी अवैध कॉलोनियों की लिस्ट बना वैध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
परेशानी आमजन की जुबानी :
कॉलोनी में सारी गलियां कच्ची है और पीने को पानी तक नहीं। हर जगह गुहार लगाई, मगर कहीं सुनवाई नहीं हो रही। जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान किया जाए। नगर परिषद को ध्यान देना चाहिए।
- रॉबिन, देवनगर वासी
हमें वोट डालने का अधिकार तो है मगर पीने को पानी नहीं। सीवर लाइन की जगह यहां हर घर के बाहर कुई बनी है। पेयजल खरीदकर पीना पड़ता है। न गांव के हैं न शहर के। हालात तो गांव से भी बदतर है।
- रमेश कुमार, कॉलोनी वासी
मेरे वार्ड में देवनगर कॉलोनी शहर का हिस्सा है मगर वहां मूलभूत सुविधाएं कुछ नहीं। न सीवर लाइन है न गलियां पक्की। पीने के लिए भी लोग पानी के टैंकर मंगवाते हैं। हाउस की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। लोग अब तो फेसबुक पर सवाल कर रहे है कि जब काम ही नहीं करा सकते तो वोट मांगने क्यों आते हो।
-सूर्यकांत, पार्षद
वार्ड एक
मेरे वार्ड में उत्तम नगर, डाबर कॉलोनी, टिब्बा बस्ती में लोग मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशान हैं। अवैध कॉलोनी होने के कारण यहां विकास कार्य नहीं हो रहे। लोग परेशान हैं। पहले इन कॉलोनियों को वैध करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था मगर सिरे नहीं चढ़ा। अब दोबारा प्रयास किया जाएगा।

-सुभाष तंवर, पार्षद
वार्ड 17
शहर के साथ लगती अवैध कॉलोनियों को भी वैध करवाया जाएगा ताकि इन कॉलोनियों में लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जा सके। इसका प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही मुख्यालय भेजा जाएगा।
-प्रीति भवानी प्रताप, चेयर पर्सन
नगर परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed