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हिसार में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद भिवानी में दहशत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Nov 2016 01:30 AM IST
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भिवानी।
हिसार में बतखों की बर्ड फ्लू वायरस से मौत की पुष्टि होने के बाद भिवानी में चिंता बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एवीएन वायरस से होने वाली बर्ड फ्लू बीमारी के लिए स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग को अलर्ट किया गया है और दोनों ही विभागों को एक-साथ मिलकर इस पर नजर रखने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए है।
अब तक दिल्ली में फैली बर्ड फ्लू बीमारी हरियाणा में दस्तक दे चुकी है। हिसार में एच 5, एन 8 वायरस से बतखों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके बाद वहां करीब 150 बतखें मारी गई है। हिसार जिला भिवानी से सटा है और भिवानी में चिड़ियाघर, तोशाम में झील पर प्रवासी पक्षियों का आना लगा रहता है। कुछ गांवों के तालाबों पर भी प्रवासी पक्षी देखे जाते है तो गांवों में बतख पालन भी होता। अक्सर ये पक्षी एक-दूसरे के संपर्क में आते है। दिल्ली में अलर्ट के बाद हरियाणा में एवीएन वायरस पीड़ित पक्षी सामने आने के बाद लोगों में भी इसका डर बना है। चिकन की दुकानों से लोग गायब से हो गए है वहीं पक्षियों वाली जगह खासकर चिडिय़ाघर, तोशाम की झील से भी दूरी बना रहे है।
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वायरस पीड़ित पक्षी की बीट भी है घातक
एवीएन वायरस यानी बर्ड फ्लू बीमारी पक्षियों में होती है। एक पक्षी से दूसरे पक्षी में यह फैलती है और इस वायरल से पीड़ित पक्षी के संपर्क में आने से यह व्यक्ति में फैलती है। व्यक्तियों के लिए यह वायरस काफी घातक है। यह वायरस कितना घातक है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ित पक्षी की बीट भी घातक है। उससे भी यह बीमारी आमजन में फैल सकती है।
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दवाइयां चलेंगी स्वाइन फ्लू वाली, टेस्ट होगा दिल्ली में
स्वास्थ्य विभाग में अलर्ट जारी करने के बाद यहां की व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जा रहा है। बर्ड फ्लू बीमारी में एंटी वायरस ट्रीटमेंट ही चलता है। ऐसे में स्वाइन फ्लू वाली ही दवाइयां चलेगी। इसमें टेमीफ्लू शामिल है। विभाग का दावा है कि ये दवाइयां पर्याप्त मात्रा में है। डेंगू, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू आदि के मरीजों के लिए वार्ड नौ तैयार किया गया है। टेस्ट की बात की जाए तो सेंपल लेकर टेस्ट के लिए दिल्ली लैब में भेजा जाएगा। जहां से 24 घंटों में रिपोर्ट आएगी। यह टेस्ट नि:शुल्क होगा।
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ये हैं लक्षण
* तेज खासी के साथ बुखार होना
* खासी इतनी तेज होना की सांस लेने में भी समस्या हो
* कफ होना और शरीर में दर्द होना
* निमोनिया और सांस लेने में तकलीफ
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वर्जन::::
बर्ड फ्लू बारे में विभाग पूरी तरह अलर्ट है। आइसोलेशन वार्ड बनाया हुआ है। एंटी वारयरस दवाइयां भी है। बर्ड फ्लू एवीएन इंफ्लूएंजा वायरस है, जो पक्षियों में फैलता है। पक्षियों से यह मनुष्य में फैलता है। इसके लक्षण बहुत कुछ डेंगू या स्वाइन फ्लू जैसे ही होते है। जिनमें तेज बुखार, शरीर में दर्द, अत्यधिक खांसी, सांस लेने में समस्या होना शामिल है। विभाग पूरी तरह अलर्ट है। अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट किया गया है और पशुपालन विभाग से भी संपर्क बनाया जा रहा है।
डा. यतीन गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन
स्वास्थ्य विभाग
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हिसार में बतखों की बर्ड फ्लू वायरस से मौत की पुष्टि होने के बाद भिवानी में चिंता बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एवीएन वायरस से होने वाली बर्ड फ्लू बीमारी के लिए स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग को अलर्ट किया गया है और दोनों ही विभागों को एक-साथ मिलकर इस पर नजर रखने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए है।
अब तक दिल्ली में फैली बर्ड फ्लू बीमारी हरियाणा में दस्तक दे चुकी है। हिसार में एच 5, एन 8 वायरस से बतखों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके बाद वहां करीब 150 बतखें मारी गई है। हिसार जिला भिवानी से सटा है और भिवानी में चिड़ियाघर, तोशाम में झील पर प्रवासी पक्षियों का आना लगा रहता है। कुछ गांवों के तालाबों पर भी प्रवासी पक्षी देखे जाते है तो गांवों में बतख पालन भी होता। अक्सर ये पक्षी एक-दूसरे के संपर्क में आते है। दिल्ली में अलर्ट के बाद हरियाणा में एवीएन वायरस पीड़ित पक्षी सामने आने के बाद लोगों में भी इसका डर बना है। चिकन की दुकानों से लोग गायब से हो गए है वहीं पक्षियों वाली जगह खासकर चिडिय़ाघर, तोशाम की झील से भी दूरी बना रहे है।
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वायरस पीड़ित पक्षी की बीट भी है घातक
एवीएन वायरस यानी बर्ड फ्लू बीमारी पक्षियों में होती है। एक पक्षी से दूसरे पक्षी में यह फैलती है और इस वायरल से पीड़ित पक्षी के संपर्क में आने से यह व्यक्ति में फैलती है। व्यक्तियों के लिए यह वायरस काफी घातक है। यह वायरस कितना घातक है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ित पक्षी की बीट भी घातक है। उससे भी यह बीमारी आमजन में फैल सकती है।
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दवाइयां चलेंगी स्वाइन फ्लू वाली, टेस्ट होगा दिल्ली में
स्वास्थ्य विभाग में अलर्ट जारी करने के बाद यहां की व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जा रहा है। बर्ड फ्लू बीमारी में एंटी वायरस ट्रीटमेंट ही चलता है। ऐसे में स्वाइन फ्लू वाली ही दवाइयां चलेगी। इसमें टेमीफ्लू शामिल है। विभाग का दावा है कि ये दवाइयां पर्याप्त मात्रा में है। डेंगू, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू आदि के मरीजों के लिए वार्ड नौ तैयार किया गया है। टेस्ट की बात की जाए तो सेंपल लेकर टेस्ट के लिए दिल्ली लैब में भेजा जाएगा। जहां से 24 घंटों में रिपोर्ट आएगी। यह टेस्ट नि:शुल्क होगा।
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ये हैं लक्षण
* तेज खासी के साथ बुखार होना
* खासी इतनी तेज होना की सांस लेने में भी समस्या हो
* कफ होना और शरीर में दर्द होना
* निमोनिया और सांस लेने में तकलीफ
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वर्जन::::
बर्ड फ्लू बारे में विभाग पूरी तरह अलर्ट है। आइसोलेशन वार्ड बनाया हुआ है। एंटी वारयरस दवाइयां भी है। बर्ड फ्लू एवीएन इंफ्लूएंजा वायरस है, जो पक्षियों में फैलता है। पक्षियों से यह मनुष्य में फैलता है। इसके लक्षण बहुत कुछ डेंगू या स्वाइन फ्लू जैसे ही होते है। जिनमें तेज बुखार, शरीर में दर्द, अत्यधिक खांसी, सांस लेने में समस्या होना शामिल है। विभाग पूरी तरह अलर्ट है। अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट किया गया है और पशुपालन विभाग से भी संपर्क बनाया जा रहा है।
डा. यतीन गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन
स्वास्थ्य विभाग