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बैंक में कैश नहीं मिला तो किया रास्ता जाम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Dec 2016 12:52 AM IST
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भिवानी में नोटबंदी के 46 दिन बीत जाने के बावजूद बैंकों व एटीएम के बाहर लाइनें लगी हैं और लोगों को बैंकों में कैश नहीं मिल रहा है। एसबीआई में घंटों के इंतजार के बाद भी कैश नहीं मिला तो लोग भड़क गए और सरकुलर रोड जाम कर दिया। महिलाएं व पुरुष बीच सड़क बैठ गए और बैंक प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। रास्ता जाम होने की वजह से वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस के समझाने के बाद लोग रास्ते से हटे।
सोमवार दोपहर 12 बजे नेहरू पार्क के पास स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की मेन ब्रांच के बाहर लोगों ने उस समय जाम लगा दिया, जब घंटों के इंतजार के बाद भी लोगों को कैश नहीं मिला। बैंक सामने लोग बीच सड़क बैठ गए। कैश न मिलने से नाराज लोगों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। बैंक प्रबंधन ने लोगों को बताया कि सर्वर में खराबी आने की वजह से लेन-देन ठप है। लेकिन, लोग संतुष्ट नहीं हुए।
शहर के आवागमन का मुख्य रास्ता जाम होने के बाद तुरंत ही लंबा जाम लग गया। घंटाघर से हांसी चौक और घंटाघर से रेलवे रोड व घंटाघर से दिनोद गेट तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।
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रास्ता जाम होने के करीब 30 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जाम हटाने को तैयार नहीं हुए। लोगों को बताया कि सर्वर में दिक्कत आने के कारण लेन-देन ठप है। जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिया तो लोगों ने जाम खोल दिया।
इसलिए चढ़ा लोगों का पारा
बामला गांव की कमला ने बताया कि वह कैश के लिए पिछले 20 दिन से चक्कर लगा रही हैं। कभी कैश न होने तो कभी कुछ कभी कुछ कहकर उन्हें कैश नहीं दिया जा रहा है। वह परेशान हो चुकी है। इसी गांव की आंगनबाड़ी वर्कर बिमला ने बताया कि वह 10 दिन से कैश के लिए बैंक आ रही हैं, लेकिन कैश नहीं मिल रहा है। रिटायर्ड कर्मचारी प्रेम प्रकाश ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से पेंशन के लिए लाइन में खड़े हुए थे। दो घंटे इंतजार के बाद बैंक वालों ने बताया कि सर्वर में खराबी है। बेवजह बैंक वालों ने उन्हें दो घंटे इंतजार कराया। रामपाल का कहना है कि वे नोटबंदी के समर्थक हैं, लेकिन परेशानी ज्यादा हो रही है।
बैंक व एटीएम के बाहर अब भी कतार
नोटबंदी के फैसले को 46 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब भी कई बैंकों के बाहर कतार हटने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को पीएनबी मेन ब्रांच, एसबीआई मेन ब्रांच, बैंक ऑफ बडौदा, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला पंचायत भवन ब्रांच आदि के बाहर कैश के लिए लंबी लाइन दिखी। घंटों
डाटा केबल की वायर में खराबी आने की वजह से कंप्यूटर नहीं चल सके। इस समस्या के बाद सारे कंप्यूटर दूसरी बिल्डिंग में ले जाकर चलाए गए। कुछ समय के लिए काम प्रभावित हुआ। लेकिन, बाद में सबकी पेमेंट का भुगतान किया गया।
राम सिंह
चीफ मैनेजर, एसबीआई।
सोमवार दोपहर 12 बजे नेहरू पार्क के पास स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की मेन ब्रांच के बाहर लोगों ने उस समय जाम लगा दिया, जब घंटों के इंतजार के बाद भी लोगों को कैश नहीं मिला। बैंक सामने लोग बीच सड़क बैठ गए। कैश न मिलने से नाराज लोगों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। बैंक प्रबंधन ने लोगों को बताया कि सर्वर में खराबी आने की वजह से लेन-देन ठप है। लेकिन, लोग संतुष्ट नहीं हुए।
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शहर के आवागमन का मुख्य रास्ता जाम होने के बाद तुरंत ही लंबा जाम लग गया। घंटाघर से हांसी चौक और घंटाघर से रेलवे रोड व घंटाघर से दिनोद गेट तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।
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रास्ता जाम होने के करीब 30 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जाम हटाने को तैयार नहीं हुए। लोगों को बताया कि सर्वर में दिक्कत आने के कारण लेन-देन ठप है। जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिया तो लोगों ने जाम खोल दिया।
इसलिए चढ़ा लोगों का पारा
बामला गांव की कमला ने बताया कि वह कैश के लिए पिछले 20 दिन से चक्कर लगा रही हैं। कभी कैश न होने तो कभी कुछ कभी कुछ कहकर उन्हें कैश नहीं दिया जा रहा है। वह परेशान हो चुकी है। इसी गांव की आंगनबाड़ी वर्कर बिमला ने बताया कि वह 10 दिन से कैश के लिए बैंक आ रही हैं, लेकिन कैश नहीं मिल रहा है। रिटायर्ड कर्मचारी प्रेम प्रकाश ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से पेंशन के लिए लाइन में खड़े हुए थे। दो घंटे इंतजार के बाद बैंक वालों ने बताया कि सर्वर में खराबी है। बेवजह बैंक वालों ने उन्हें दो घंटे इंतजार कराया। रामपाल का कहना है कि वे नोटबंदी के समर्थक हैं, लेकिन परेशानी ज्यादा हो रही है।
बैंक व एटीएम के बाहर अब भी कतार
नोटबंदी के फैसले को 46 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब भी कई बैंकों के बाहर कतार हटने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को पीएनबी मेन ब्रांच, एसबीआई मेन ब्रांच, बैंक ऑफ बडौदा, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला पंचायत भवन ब्रांच आदि के बाहर कैश के लिए लंबी लाइन दिखी। घंटों
डाटा केबल की वायर में खराबी आने की वजह से कंप्यूटर नहीं चल सके। इस समस्या के बाद सारे कंप्यूटर दूसरी बिल्डिंग में ले जाकर चलाए गए। कुछ समय के लिए काम प्रभावित हुआ। लेकिन, बाद में सबकी पेमेंट का भुगतान किया गया।
राम सिंह
चीफ मैनेजर, एसबीआई।