{"_id":"6a495dfcf696a93d0903971f","slug":"bhavika-receives-a-scholarship-worth-175-crore-rupees-for-her-phd-bhiwani-news-c-125-1-bwn1017-153472-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: भाविका को पीएचडी के लिए मिली 1.75 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: भाविका को पीएचडी के लिए मिली 1.75 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप
Sun, 05 Jul 2026 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 05 Jul 2026 12:54 AM IST
विज्ञापन
भाविका बेरवाल।
- फोटो : 1
बवानीखेड़ा। कस्बे की भाविका बेरवाल का ऑस्ट्रेलिया की ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी में बायोमेडिसिन विषय में पूरी तरह फंडेड पीएचडी के लिए चयन हुआ है। उन्हें ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी पोस्टग्रेजुएट रिसर्च स्कॉलरशिप और ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल पोस्टग्रेजुएट रिसर्च स्कॉलरशिप के तहत 1.75 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता मिलेगी।
इस स्कॉलरशिप में ट्यूशन फीस, रहने का खर्च (स्टाइपेंड) और पीएचडी के दौरान शोध से जुड़े अन्य सभी आवश्यक खर्च शामिल हैं। भाविका ने वर्ष 2023 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बायोइनफॉर्मेटिक्स में एमएससी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सीएसआईआर-सीएसआईओ, चंडीगढ़ में रिसर्च एसोसिएट के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने ड्रग डिस्कवरी और ऑलफैक्शन (सूंघने की क्षमता) के क्षेत्र में कंप्यूटेशनल पाइपलाइन विकसित करने पर काम किया।
उन्होंने पांच से अधिक शोध पत्र लिखे हैं जिनमें से कुछ प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल नेचर और अमेरिकन केमिकल सोसाइटी में प्रकाशित हो चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने ब्रिस्बेन स्थित ट्रांसलेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बायोइनफॉर्मेटिक्स में अपनी शोध प्रस्तुत की थी।
विज्ञापन
एमएससी के बाद भाविका ने कॉर्पोरेट क्षेत्र में डेटा एनालिस्ट के रूप में भी कार्य किया। अब वह अपनी पीएचडी के दौरान मानसिक विकारों (साइकियाट्रिक डिसऑर्डर) के लिए ट्रांसलेशनल रिसर्च के तहत जीन नेटवर्क स्टडीज विकसित करने पर शोध करेंगी।
विज्ञापन
इस स्कॉलरशिप में ट्यूशन फीस, रहने का खर्च (स्टाइपेंड) और पीएचडी के दौरान शोध से जुड़े अन्य सभी आवश्यक खर्च शामिल हैं। भाविका ने वर्ष 2023 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बायोइनफॉर्मेटिक्स में एमएससी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सीएसआईआर-सीएसआईओ, चंडीगढ़ में रिसर्च एसोसिएट के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने ड्रग डिस्कवरी और ऑलफैक्शन (सूंघने की क्षमता) के क्षेत्र में कंप्यूटेशनल पाइपलाइन विकसित करने पर काम किया।
विज्ञापन
उन्होंने पांच से अधिक शोध पत्र लिखे हैं जिनमें से कुछ प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल नेचर और अमेरिकन केमिकल सोसाइटी में प्रकाशित हो चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने ब्रिस्बेन स्थित ट्रांसलेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बायोइनफॉर्मेटिक्स में अपनी शोध प्रस्तुत की थी।
विज्ञापन
एमएससी के बाद भाविका ने कॉर्पोरेट क्षेत्र में डेटा एनालिस्ट के रूप में भी कार्य किया। अब वह अपनी पीएचडी के दौरान मानसिक विकारों (साइकियाट्रिक डिसऑर्डर) के लिए ट्रांसलेशनल रिसर्च के तहत जीन नेटवर्क स्टडीज विकसित करने पर शोध करेंगी।