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Bhiwani News: बरालु माइनर 24 घंटे बाद भी नहीं हुआ दुरुस्त, पानी कराया बंद
Mon, 31 Jul 2023 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 31 Jul 2023 01:33 AM IST
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भिवानी: गांव सेहर में बरालु माइन का क्षतिग्रस्त हिस्सा।
लोहारू। बरालु माइनर टूटने से गांव सेहर गांव के किसानों के खेतों में खड़ी कपास में जलभराव हो गया। मामले की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने काफी घंटों बाद नहर में पानी तो बंद करा दिया, मगर क्षतिग्रस्त माइनर को दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। दरअसल शनिवार को बरालु माइनर अचानक टूट गई थी। जिसकी वजह से करीब 50 एकड़ कपास की फसल में जलभराव हुआ।
मानसून के दौरान इस बार ज्यादा बारिश होने से पहले से ही किसानों के खेतों में जलभराव बना है। ऐसे में बरालु माइनर का एक किनारा शनिवार सुबह टूट गया। जिससे आसपास के करीब 50 एकड़ में कपास, बाजरा और मूंग की फसल में पानी जमा हो गया। किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी और नहर के टूटे हुए हिस्से को भी बंद करने का प्रयास किया। मगर मिट्टी का कटाव ज्यादा हो गया और पेड़ भी पानी के बहाव के आगे नहीं टिक पाए। किसानों का कहना है कि उन्हें जलभराव से फसलों में नुकसान होगा। वहीं सिंचाई विभाग ने शनिवार को ही माइनर में पानी बंद करा दिया था। लेकिन माइनर के टूटे हुए हिस्से को दुरुस्त कराने के लिए सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी रविवार को मौके पर नहीं पहुंचा।
इस संबंध में गांव सेहर के सरपंच प्रतिनिधि संदीप ढिल्लो ने बताया कि रविवार को कोई अधिकारी टूटी हुई माइनर की सुध लेने नहीं आया न ही क्षतिग्रस्त हिस्से को पाटने का काम शुरू हुआ है। किसानों को भी माइनर टूटने से काफी नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई की भी सरकार से मांग करेंगे।
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मानसून के दौरान इस बार ज्यादा बारिश होने से पहले से ही किसानों के खेतों में जलभराव बना है। ऐसे में बरालु माइनर का एक किनारा शनिवार सुबह टूट गया। जिससे आसपास के करीब 50 एकड़ में कपास, बाजरा और मूंग की फसल में पानी जमा हो गया। किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी और नहर के टूटे हुए हिस्से को भी बंद करने का प्रयास किया। मगर मिट्टी का कटाव ज्यादा हो गया और पेड़ भी पानी के बहाव के आगे नहीं टिक पाए। किसानों का कहना है कि उन्हें जलभराव से फसलों में नुकसान होगा। वहीं सिंचाई विभाग ने शनिवार को ही माइनर में पानी बंद करा दिया था। लेकिन माइनर के टूटे हुए हिस्से को दुरुस्त कराने के लिए सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी रविवार को मौके पर नहीं पहुंचा।
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इस संबंध में गांव सेहर के सरपंच प्रतिनिधि संदीप ढिल्लो ने बताया कि रविवार को कोई अधिकारी टूटी हुई माइनर की सुध लेने नहीं आया न ही क्षतिग्रस्त हिस्से को पाटने का काम शुरू हुआ है। किसानों को भी माइनर टूटने से काफी नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई की भी सरकार से मांग करेंगे।
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