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बैप्टिस्ट चर्च भूमि घोटाला: पकड़े गए रजिस्ट्री क्लर्क और नंबरदार, एसीबी चरखी दादरी टीम ने किया गिरफ्तार

Fri, 04 Jul 2025 01:29 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 04 Jul 2025 01:29 PM IST
सार

अमर उजाला ने संवाद न्यूज एजेंसी के माध्यम से बैप्टिस्ट चर्च की विवादित भूमि की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री प्रयास मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद इस प्रकरण में भिवानी के तत्कालीन तहसीलदार, रजिस्ट्री क्लर्क सहित नौ नामजद व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था।

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Baptist Church land scam Registry clerk and numberdar arrested by ACB Charkhi Dadri team
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद

विस्तार

बैप्टिस्ट चर्च की करीब 200 करोड़ की बेशकीमती भूमि घोटाला मामले में वीरवार को चरखी दादरी एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने भिवानी के तोशाम से रजिस्ट्री क्लर्क विकास और भिवानी से ओमवीर नंबरदार को गिरफ्तार किया है। दोनों ही बैप्टिस्ट चर्च भूमि बिक्री मामले में दर्ज की गई एफआईआर में नामजद किए गए थे। इससे पहले इस मामले में भिवानी के तत्कालीन तहसीलदार रवींद्र मलिक व अन्य की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामला 2022 से स्टेट विजिलेंस के पास है। अमर उजाला ने बैप्टिस्ट चर्च भूमि बिक्री घोटाले को उजागर किया था।

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अमर उजाला ने संवाद न्यूज एजेंसी के माध्यम से बैप्टिस्ट चर्च की विवादित भूमि की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री प्रयास मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद इस प्रकरण में भिवानी के तत्कालीन तहसीलदार, रजिस्ट्री क्लर्क सहित नौ नामजद व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में विवादित भूमि में खरीदार जगजीत मलिक वासी पुट्ठी और गवाह राजेश फौगाट को पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि बाद में इस मामले में शामिल तत्कालीन तहसीलदार रवींद्र मलिक को भी बहादुरगढ़ से एसीबी की टीम ने गिरफ्तार किया था।
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इस प्रकरण में तत्कालीन भिवानी के उपायुक्त का भी नाम सामने आया था। वहीं प्रकरण में अन्य आरोपियों को भी एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया था। वहीं इस मामले में रजिस्ट्री क्लर्क काफी अर्से से पुलिस के शिकंजे से बचता आ रहा था। उसने हाई कोर्ट में भी अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी। वहीं प्रशासनिक स्तर पर कराई गई जांच के बाद भी रजिस्ट्री क्लर्क को निलंबित कर दिया था, लेकिन अब उसे तोशाम में फिर से बहाल कर रजिस्ट्री क्लर्क लगाया गया था। वीरवार को चरखी दादरी के एंटी करप्शन ब्यूरो के निरीक्षक कुलवंत की टीम ने तोशाम कार्यालय से रजिस्ट्री क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया। जबकि नंबरदार को भिवानी से काबू किया है।

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दो साल बाद हुई रजिस्ट्री क्लर्क की गिरफ्तारी

बैप्टिस्ट चर्च भूमि फर्जी रजिस्ट्री प्रकरण में नामजद रजिस्ट्री क्लर्क की एफआईआर दर्ज होने के करीब दो साल से अधिक अर्सा बीत जाने के बाद गिरफ्तारी हुई है। इस मामले की शिकायत बैप्टिस्ट चर्च से जुड़े सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक को दी थी। जिसकी प्रारंभिक जांच तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने आर्थिक अपराध शाखा से कराई थी। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद एसपी के निर्देश पर इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार सहित नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी और बाद में ये मामला एंटी करप्शन ब्यूरो के पास भेजा गया था। जिसकी जांच स्टेट विजिलेंस कर रही है।



एसीबी ने बैप्टिस्ट चर्च भूमि घोटाला मामले में रजिस्ट्री क्लर्क विकास और गांव देवसर के नंबरदार ओमवीर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। दोनों को जिला कारागार भेजने के आदेश हुए हैं। रजिस्ट्री क्लर्क विकास ने भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे जबकि नंबरदार ने इन फर्जी दस्तावेजों की तस्दीक कर दी थी। इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार सहित आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। -निरीक्षक कुलवंत एंटी करप्शन ब्यूरो चरखी दादरी। 

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