भिवानी। दो दिन के सरकारी अवकाश के बाद सरकारी बैंकों की दो दिन की हड़ताल ने लोगों की व्यवस्था ही बिगाड़ दी है। मंगलवार को शहर के सभी एटीएम कैशलेस यानी खाली हो गए। जिसने लोगों की परेशानी को और ज्यादा बढ़ा दिया। दिनभर लोग नकदी के लिए इधर-उधर भटकते रहे। वहीं बैंक कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन नारेबाजी कर रोष जताया और धरना दिया। कर्मचारियों ने शहर में प्रदर्शन भी किया और चेतावनी दी कि उनकी मांग नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। शहरभर में विभिन्न बैंकों के करीब 80 एटीएम हैं, जो मंगलवार को खाली हो गए। प्राइवेट बैंकों के एटीएम में ही नकदी मिली।
भारतीय स्टेट बैंक के सामने युएफबीयू के आह्वान पर सभी बैंकों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन मांगों को लेकर धरना दिया और नारेबाजी कर रोष जताया। कर्मचारियों ने नई आर्थिक नीतियों, बैंकों के निजीकरण, रेलवे निजीकरण, एलआईसी के निजीकरण, जरनल इंश्योरेंस के निजीकरण के विरोध में नारेबाजी की। धरने को कर्मचारी यूनियन के प्रधान पीएनबी से कृष्ण कुमार, यूको बैंक से सेवानिवृत्त चिरंजीलाल सांवरिया, यूको बैंक एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान कंवर सिंह जांगड़ा एवं जनसंघर्ष समिति के संयोजक कामरेड ओमप्रकाश ने संबोधित किया। कर्मचारी नेताओं ने सरकार की आर्थिक नीतियों, बैंक बीमा, रेलवे आदि के निजीकरण के बाद आम आदमी पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार इन जनविरोधी नीतियों को तुरंत वापिस ले अन्यथा बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी युनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान आमजन के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। धरने की अध्यक्षता पीएनबी बैंक से प्रधान कृष्ण कुमार ने और संचालन चिरंजी लाल सांवरिया ने किया। धरने में पीएनबी बैंक से प्रदीप कुमार, बैंक ऑफ इंडिया से कृष्ण कुमार, आईओबी से रोहित, एसबीआई से अनिल कुमार, रामेहर, दीपक, पुनित व योगेश आदि अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।