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Bhiwani News: 42 साल पुराने ठगी के मामले में एथलेटिक्स कोच नाहन से गिरफ्तार
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नाहन (सिरमौर)। बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के 42 साल पुराने मामले में राजस्थान पुलिस ने भिवानी निवासी एथलेटिक्स कोच विजय कुमार यादव को नाहन से गिरफ्तार किया है।
भिवानी के रूपगढ़ निवासी विजय लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ अदालत से उद्घोषित अपराधी घोषित होने के बाद कार्रवाई लंबित थी। राजस्थान के उदयपुर स्थित धनमंडी थाने की पुलिस टीम आरोपी की तलाश में नाहन पहुंची थी।
उसकी पहचान की पुष्टि के लिए पुलिसकर्मी खिलाड़ी बनकर चौगान मैदान पहुंचे और कोच से बातचीत की। इसके बाद सिरमौर पुलिस के सहयोग से उसे हिरासत में ले लिया गया। मामले में नौ आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे जबकि विजय पुलिस की पकड़ से बाहर था।
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सिरमौर के पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने नाहन पुलिस की सहायता से पुराने ठगी के मामले में फरार चल रहे विजय कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में आगामी कार्रवाई राजस्थान पुलिस की ओर से की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 5 मार्च 1984 को भंवर सिंह ने धनमंडी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि विजय कुमार यादव और उसके साथियों ने एक संस्था बनाकर उसे केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त होने का दावा किया। इसके बाद बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर प्रत्येक व्यक्ति से तीन हजार रुपये वसूले गए।
करीब 32 हजार रुपये लेने के बाद आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए।
इस मामले में पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन विजय का पता नहीं चल पाया। उसके खिलाफ मामला लंबित रहा और वह उद्घोषित अपराधी के रूप में वांछित था।
पुलिस के मुताबिक फरारी के दौरान वह असम, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों में रहा। पारिवारिक संपर्कों से जुड़े सुरागों के आधार पर पुलिस उसकी तलाश करते हुए नाहन पहुंची।
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भिवानी के रूपगढ़ निवासी विजय लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ अदालत से उद्घोषित अपराधी घोषित होने के बाद कार्रवाई लंबित थी। राजस्थान के उदयपुर स्थित धनमंडी थाने की पुलिस टीम आरोपी की तलाश में नाहन पहुंची थी।
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उसकी पहचान की पुष्टि के लिए पुलिसकर्मी खिलाड़ी बनकर चौगान मैदान पहुंचे और कोच से बातचीत की। इसके बाद सिरमौर पुलिस के सहयोग से उसे हिरासत में ले लिया गया। मामले में नौ आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे जबकि विजय पुलिस की पकड़ से बाहर था।
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सिरमौर के पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने नाहन पुलिस की सहायता से पुराने ठगी के मामले में फरार चल रहे विजय कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में आगामी कार्रवाई राजस्थान पुलिस की ओर से की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 5 मार्च 1984 को भंवर सिंह ने धनमंडी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि विजय कुमार यादव और उसके साथियों ने एक संस्था बनाकर उसे केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त होने का दावा किया। इसके बाद बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर प्रत्येक व्यक्ति से तीन हजार रुपये वसूले गए।
करीब 32 हजार रुपये लेने के बाद आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए।
इस मामले में पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन विजय का पता नहीं चल पाया। उसके खिलाफ मामला लंबित रहा और वह उद्घोषित अपराधी के रूप में वांछित था।
पुलिस के मुताबिक फरारी के दौरान वह असम, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों में रहा। पारिवारिक संपर्कों से जुड़े सुरागों के आधार पर पुलिस उसकी तलाश करते हुए नाहन पहुंची।