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Bhiwani News: कागजों में चल रहे बाढ़ से निपटने के प्रबंध, धरातल पर कश्ती में भी सुराख

Mon, 10 Jul 2023 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 10 Jul 2023 01:55 AM IST
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Arrangements to deal with the ongoing flood on paper, there is also a hole in the boat on the ground
भिवानी। मानसून पूरी सक्रियता के साथ आगे बढ़ रहा है। अभी तक कागजों में ही बाढ़ से निपटने के प्रबंध चल रहे हैं, जबकि धरातल पर जिला प्रशासन की कश्ती में भी सुराख है। अब सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने सभी उपायुक्तों को भारी बारिश के दौरान जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी कराने के निर्णय लेकर निर्देश देने का पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि जिला उपायुक्त अपने जिले में भारी बारिश के दौरान जलभराव होने पर स्कूलों में छुट्टियों कराने के निर्देश दे सकते हैं। दरअसल कई ऐसे हादसे भी हुए हैं, जिसमें अधिकारियों की लापरवाही से बेकसूर लोगों की जान तक चली गई है।
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भिवानी जिले में अगर धरातल पर बाढ़ नियंत्रण के प्रबंधों को जांचे तो अभी तक अधिकारी केवल कागजों में ही बाढ़ प्रबंधों को पुख्ता करने में जुटे हैं। हालांकि सिंचाई विभाग और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अपनी परियोजनाओं पर विधिवत काम कर रहे हैं, लेकिन ये योजनाएं भी अभी पूरी नहीं हुई हैं, जिसका फायदा भी अभी लोगों को नहीं मिलने लगा है। तेज बारिश और जलभराव के दौरान अगर किसी हिस्से में लोग फंसते हैं तो उन्हें बचाने और रेस्क्यू चलाने के लिए जिला प्रशासन के पास आठ से दस कश्ती भी हैं, मगर ये कश्ती पिछले तीन साल से एक ही जगह से नहीं हिली। इन कश्तियों में भी कई जगह सुराख हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर इनके तैरने की कोई गारंटी नहीं। कई जगह से ये कश्ती टूट भी चुकी हैं। अधिकारी बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत पहले जलभराव के दौरान का प्रशिक्षण भी कर्मचारियों को देते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर वे रेस्क्यू में अहम योगदान दे सकें। लेकिन अभी तक न तो ऐसा कोई प्रशिक्षण कर्मचारियों को दिया है। हालांकि जिला प्रशासन लघु सचिवालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष जरूर बनाता है। जिसमें चौबीसों घंटे एक कर्मचारी की तैनाती भी दी जाती है। जिस पर नंबर भी जारी होता है।
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सिंचाई विभाग ने पानी निकासी के लिए 75 से अधिक कनेक्शन लिए
सिंचाई विभाग ने बारिश के दौरान गांवों में पानी की निकासी के लिए 75 से अधिक अस्थायी बिजली कनेक्शन लिए हैं, जिनमें बरसाती पानी ठहराव वाले निचले इलाकों व ओवरफ्लो हुए जोहड़ों से अतिरिक्त पानी की निकासी खेतों या ड्रेन में कराई जा सके। हालांकि अभी तक विभाग ने इस पर भी काम शुरू नहीं किया है। जबकि अभी कई जगह कनेक्शन भी निगम ने चालू नहीं किए हैं। अगर तेज बारिश होती है तो जलभराव संभावित इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।

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ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में भी होता है बारिश से जलभराव
शहर के सेक्टर 13 के सरकारी स्कूल में बारिश के दौरान जलभराव होता है। इसी तरह अधिकांश गांवों में बने स्कूलों के अंदर भी ढाई से तीन फुट बारिश का पानी जमा हो जाता है। जिससे बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है। वहीं कई स्कूलों के मुख्य गेट के आगे भी जलभराव के हालात बन रहे हैं। क्योंकि उनके आगे बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे स्कूलों में बारिश के दौरान बच्चों की भी छुट्टी के अलावा शिक्षा विभाग के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता है।
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वर्जन:::
बरसाती पानी की निकासी के लिए संभावित जगहों पर अस्थायी बिजली कनेक्शनों के लिए जितने भी आवेदन विभाग के समक्ष आए हैं, उन पर कनेक्शन जारी किए गए हैं। अभी कुछ साइटों का कर्मचारी निरीक्षण कर वहां जल्द से जल्द कनेक्शन चालू करा रहे हैं।
-रणबीर सिंह, महाप्रबंधक भिवानी सर्कल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।
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