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Bhiwani News: सोशल मीडिया के सकारात्मक पहलुओं का प्रयोग करते हुए व्यक्तित्व का निर्माण करें युवा

Thu, 01 May 2025 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 01 May 2025 01:20 AM IST
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Aparajita program in Bhiwani
भिवानी के वैश्य महाविद्यालय में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद प्राध्यापिकाएं और छात्राएं।
भिवानी। वैश्य महाविद्यालय में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से व्यक्तित्व विकास एवं सोशल मीडिया के अवगुण विषय पर अपराजिता कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम में 10 महिला प्राध्यापिकाओं और 20 छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर इस मौके पर राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय से मुख्य अतिथि के तौर पर वाणिज्य विभाग की सहायक प्राध्यापिका सीमा बुमराह व बतौर विशिष्ट अतिथि के तौर पर कंप्यूटर साइंस की सहायक प्राध्यापिका डॉ. रेणू बाला ने शिरकत की।
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सहायक प्राध्यापिका सीमा ने कहा कि युवा सोशल मीडिया के सकारात्मक पहलुओं का प्रयोग करते हुए व्यक्तित्व का निर्माण करें। आजकल युवा पीढ़ी सोशल मीडिया का सबसे अधिक उपयोग करती है। इससे उनमें अवसाद के लक्षणों की संभावना अधिक होती है। सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने से युवाओं में भावनात्मक कमी आती है। साथ ही, आत्म-सम्मान भी कम होने लगता है। वहीं, सोशल मीडिया का ज्यादा प्रयोग करने से रिश्तों में भी अनबन होने लगी है। सोशल मीडिया के ज्यादा प्रयोग से युवाओं का व्यक्तित्व विकास भी प्रभावित होता है।
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कार्यक्रम में वैश्य महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. वंदन वत्स, डॉ. पूनम, डॉ. कामना कौशिक, कमलेश देवी, कोमल, प्रियंका, दीप्ति सहित अनेक छात्राओं ने अपने विचार रखे। महिला प्राध्यापिकाओं ने कहा कि प्रत्येक चीज के दो पहलु होते हैं। वैसे ही सोशल मीडिया के भी सकारात्मक और नकारात्मक दो पहलु हैं। युवाओं को सोशल मीडिया का कम प्रयोग करना चाहिए। सोशल मीडिया का ज्यादा प्रयोग उनके शारीरिक, मानसिक व भौतिक विकास पर बुरा प्रभाव डालता है।
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उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो उनके लिए उपयोगी सामग्री हो, केवल उसी का प्रयोग करें। विद्यार्थी वर्ग उनकी पढ़ाई में काम आने वाली जरूरी चीजों के लिए ही उपयोग करें। इसके उपयोग के लिए विद्यार्थी एक लिमिट तय करें। उसी के अनुरूप ही इसे कार्य में लाए। सोशल मीडिया का गलत उपयोग न करें। लाभदायक उपयोग के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग विद्यार्थियों की काफी मदद करेगा। हर रोज साइबर अपराधों जैसे- हैकिंग और फिशिंग का खतरा भी बढ़ रहा है। आजकल सोशल मीडिया के माध्यम से धोखाधड़ी का चलन भी काफी बढ़ गया है, ये लोग ऐसे सोशल मीडिया का उपयोग करने वालों की तलाश करते हैं। इसके बाद उन्हें आसानी से फंसाते है। युवाओं को अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाना और उसमें निखार लाना चाहिए। व्यक्तित्व विकास एक एक सतत प्रक्रिया है। इसमें व्यक्तित्व विकास से व्यक्ति अपने गुणों, क्षमताओं और व्यवहार को बेहतर बनाता है।

विद्यार्थी सोशल मीडिया उपयोग के लिए एक लिमिट तय करें। ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया का उपयोग पढ़ाई के लिए करें। जीवन में समय की महता होती है। इसलिए सोशल मीडिया पर विद्यार्थी व्यर्थ समय की बरबादी न करें। यह उनके भविष्य के लिए सही नहीं होगा। सोशल मीडिया की लत लगने पर सबसे ज्यादा समय की बरबादी होती है। जो विद्यार्थियों के लिए गलत है। साथ ही, इससे उनके व्यक्तित्व पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। विद्यार्थी युवावस्था में अपने व्यक्तित्व का निर्माण करें। जो उनके लिए काफी लाभदायक होगा। - सीमा बुमराह, सहायक प्राध्यापिका, राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय, भिवानी।
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