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बुजुर्ग की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर लगाया बामला बस स्टैंड पर जाम
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गांव बामला में नेशनल हाईवे की सड़क पर जाम लगाकर बैठे गुस्साए ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते ?
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709ई पर गांव बामला बस स्टैंड के समीप बैंक में पेंशन लेने जा रहे एक बुजुर्ग को सड़क पार करते समय कैंटर ने टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर चोटों की वजह से बुजुर्ग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद कैंटर चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग गया।
इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर शाम करीब पांच बजे शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने एएसपी हितेश यादव के आश्वासन के बाद रात 10:45 बजे शव को उठाया।
जाम में दिल्ली से भिवानी के रास्ते राजस्थान की तरफ जाने वाले सैकड़ों वाहन फंस गए। जाम की सूचना पाकर सदर पुलिस थाना एसएचओ की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जाम पर डटे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, मगर ग्रामीण हाईवे पर ब्रेकर लगाए जाने व मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी व मुआवजा दिए जाने की मांग पर अड़े रहे।
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दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे गांव बामला में दोनों तरफ घनी आबादी है। आबादी के बीच से गुजर रही सड़क पर कहीं भी कोई ब्रेकर नहीं है। ऐसे में यहां तेज रफ्तार से वाहन दौड़ते हैं। सड़क पार करते समय यहां पहले भी कई जान गंवा चुके हैं। हादसों में लावारिस पशुओं की भी मौत हो चुकी है। ग्रामीण पहले भी ब्रेकर बनाए जाने की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगा चुके हैं। मगर इसके बावजूद भी यहां ब्रेकर नहीं बने।
मंगलवार दोपहर बाद गांव बामला निवासी 65 वर्षीय सरवर बस स्टैंड के समीप स्थित बैंक शाखा में अपनी बुढ़ापा पेंशन लेने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान दिल्ली की तरफ से भिवानी जा रहे एक तेज रफ्तार आयशर कैंटर ने बुजुर्ग को टक्कर मार दी। बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों व ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी लगी तो भारी संख्या में ग्रामीण हाईवे पर जुट गए और फिर शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण और मृतक के परिजन सरकारी नौकरी व मुआवजे की मांग के साथ-साथ बामला में सड़क पर ब्रेकर बनाए जाने की मांग कर रहे थे।
ग्रामीणों ने लिंक मार्गों को भी किया जाम
दिल्ली पिलानी नेशनल हाईवे के अलावा गांव बामला के आसपास से लिंक मार्गों को भी ग्रामीणों ने बंद करा दिया, जिसकी वजह से दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहन वाया ग्रामीण व गांव के बीच के रास्तों से भी आगे नहीं बढ़ पाए। वहीं जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए और हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस से भी जाम नहीं सुलझा, क्योंकि वाहनों को कहीं से भी निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा था। इधर भिवानी से नौरंगाबाद टोल तक जाम में वाहन फंसे रहेेेेेेेेेेेेेे वहीं रोहतक की तरफ गांव खरक तक जाम का असर दिखाई दिया।
एएसपी के समझाने के बाद खोला जाम
जाम की सूचना मिलते ही सदर पुलिस थाना प्रभारी पवन शर्मा की टीम मौके पर पहुंच गई और मोर्चा संभाला, लेकिन गुस्साएं ग्रामीण जाम खोलने पर राजी नहीं हुए। ग्रामीणों ने किसी बड़े प्रशासनिक अधिकारी के यहां पहुंचने की मांग पुलिस के सामने रखी। इसके बाद एसएचओ ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। करीब डेढ़ घंटे तक अधिकारियों से फोन पर बातचीत का सिलसिला चलता रहा, लेकिन जाम खोलने को लेकर कोई सहमति नहीं बनी। इसके बाद देर रात एएसपी हितेश यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों को समझाया कि नियमानुसार जो भी मदद होगी, वह की जाएगी। इसके बाद ग्रामीण जाम खोलने के लिए सहमत हो गए।
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इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर शाम करीब पांच बजे शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने एएसपी हितेश यादव के आश्वासन के बाद रात 10:45 बजे शव को उठाया।
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जाम में दिल्ली से भिवानी के रास्ते राजस्थान की तरफ जाने वाले सैकड़ों वाहन फंस गए। जाम की सूचना पाकर सदर पुलिस थाना एसएचओ की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जाम पर डटे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, मगर ग्रामीण हाईवे पर ब्रेकर लगाए जाने व मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी व मुआवजा दिए जाने की मांग पर अड़े रहे।
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दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे गांव बामला में दोनों तरफ घनी आबादी है। आबादी के बीच से गुजर रही सड़क पर कहीं भी कोई ब्रेकर नहीं है। ऐसे में यहां तेज रफ्तार से वाहन दौड़ते हैं। सड़क पार करते समय यहां पहले भी कई जान गंवा चुके हैं। हादसों में लावारिस पशुओं की भी मौत हो चुकी है। ग्रामीण पहले भी ब्रेकर बनाए जाने की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगा चुके हैं। मगर इसके बावजूद भी यहां ब्रेकर नहीं बने।
मंगलवार दोपहर बाद गांव बामला निवासी 65 वर्षीय सरवर बस स्टैंड के समीप स्थित बैंक शाखा में अपनी बुढ़ापा पेंशन लेने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान दिल्ली की तरफ से भिवानी जा रहे एक तेज रफ्तार आयशर कैंटर ने बुजुर्ग को टक्कर मार दी। बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों व ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी लगी तो भारी संख्या में ग्रामीण हाईवे पर जुट गए और फिर शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण और मृतक के परिजन सरकारी नौकरी व मुआवजे की मांग के साथ-साथ बामला में सड़क पर ब्रेकर बनाए जाने की मांग कर रहे थे।
ग्रामीणों ने लिंक मार्गों को भी किया जाम
दिल्ली पिलानी नेशनल हाईवे के अलावा गांव बामला के आसपास से लिंक मार्गों को भी ग्रामीणों ने बंद करा दिया, जिसकी वजह से दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहन वाया ग्रामीण व गांव के बीच के रास्तों से भी आगे नहीं बढ़ पाए। वहीं जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए और हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस से भी जाम नहीं सुलझा, क्योंकि वाहनों को कहीं से भी निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा था। इधर भिवानी से नौरंगाबाद टोल तक जाम में वाहन फंसे रहेेेेेेेेेेेेेे वहीं रोहतक की तरफ गांव खरक तक जाम का असर दिखाई दिया।
एएसपी के समझाने के बाद खोला जाम
जाम की सूचना मिलते ही सदर पुलिस थाना प्रभारी पवन शर्मा की टीम मौके पर पहुंच गई और मोर्चा संभाला, लेकिन गुस्साएं ग्रामीण जाम खोलने पर राजी नहीं हुए। ग्रामीणों ने किसी बड़े प्रशासनिक अधिकारी के यहां पहुंचने की मांग पुलिस के सामने रखी। इसके बाद एसएचओ ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। करीब डेढ़ घंटे तक अधिकारियों से फोन पर बातचीत का सिलसिला चलता रहा, लेकिन जाम खोलने को लेकर कोई सहमति नहीं बनी। इसके बाद देर रात एएसपी हितेश यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों को समझाया कि नियमानुसार जो भी मदद होगी, वह की जाएगी। इसके बाद ग्रामीण जाम खोलने के लिए सहमत हो गए।