फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Angry clouds...drying fields, longing eyes, farmers forced to irrigate crops with underground water because of no rain

Bhiwani News: रूठे मेघराज...सूखते खेत, तरसती अंखियां, बारिश नहीं होने पर फसलों को बचाने के लिए भूमिगत जल से सिंचाई करने पर मजबूर किसान

Thu, 16 Jul 2026 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 16 Jul 2026 10:47 PM IST
विज्ञापन
Angry clouds...drying fields, longing eyes, farmers forced to irrigate crops with underground water because of no rain
खेतों में मुरझाई नरमा की फसल। 
कैरू। जुलाई का आधा महीना बीत जाने के बावजूद बारिश न होने से क्षेत्र के किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले एक सप्ताह से आसमान में बादल तो छा रहे हैं लेकिन बिना बरसे ही लौट जाते हैं। प्रतिदिन बादलों की यह लुका-छिपी किसानों के अरमानों पर पानी फेर रही है। तेज धूप और उमस के कारण जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहीं खेतों में नमी की कमी के चलते ग्वार, कपास और बाजरे की फसलों पर संकट मंडराने लगा है।
विज्ञापन

सूखने लगीं फसलें, फव्वारों का सहारा
बारिश न होने से खेतों में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। फसलें पीली पड़नी शुरू हो चुकी हैं और उनकी बढ़त रुक गई है। सबसे ज्यादा असर ग्वार की फसल पर दिख रहा है, जिसकी पत्तियां मुरझा रही हैं और समय से पहले ही फलियां निकलने लगी हैं। अब किसान फसलों को सूखने से बचाने के लिए भूमिगत जल (ट्यूबवेल) और फव्वारा सिस्टम के माध्यम से सिंचाई करने को मजबूर हैं। हालांकि, फसल उत्पादन की असली उम्मीदें अब भी अच्छी बरसात पर ही टिकी हैं।
विज्ञापन

किसान अजीत पूनिया, रविंद्र पोटलिया, रूघबीर, मांगेराम, मनोहर, जयभगवान यादव, सुरेश यादव और रमेश सूरा का कहना है कि यदि एक-दो दिन में बारिश नहीं हुई तो फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों में बारिश की संभावना जताई है जिससे थोड़ी आस बंधी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
इस समय फसलों को बारिश की सख्त जरूरत है ताकि उन्हें मुरझाने से बचाया जा सके। पानी की कमी के चलते हमें मजबूरन भूमिगत जल से सिंचाई का सहारा लेना पड़ रहा है। - राजेश, किसान
---
आसमान में रोज बादल आते हैं पर बरसते नहीं। तेज गर्मी और उमस से आम लोग तो परेशान हैं। साथ में खेतों में दम तोड़ती फसलों को देखकर किसानों की रातों की नींद उड़ गई है। - प्रदीप, किसान

-----
अगर बुवाई के बाद लंबे समय तक बारिश न हो, तो किसानों को खेतों में निराई-गुड़ाई (गोड़ाई) कर देनी चाहिए। इससे मिट्टी की नमी को लंबे समय तक बरकरार रखने में मदद मिलती है। यदि साधन उपलब्ध हों तो फसलों में हल्की सिंचाई अवश्य करें। - श्रीभगवान, खंड कृषि अधिकारी, कैरू।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed