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Bhiwani News: बलजीत और भलेराम के बाद सूबे सिंह हत्याकांड में आया फैसला, आनंद ने जेल में ही रची थी हत्या की साजिश

Thu, 05 Dec 2024 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 05 Dec 2024 10:32 PM IST
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Anand had hatched the murder plot in jail itself
संजय वर्मा
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भिवानी। गांव बड़ेसरा के बलजीत और भलेराम के बाद अब सूबे सिंह हत्याकांड में न्यायालय का फैसला आया है। पूर्व सरपंच आनंद उर्फ बबलू ने रंजिश के चलते जेल के अंदर से ही खूनी खेला था। आनंद को न्यायालय ने तीसरी बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। इससे पहले, बलजीत और भलेराम की हत्या मामले में न्यायालय आनंद को दो बार उम्रकैद की सजा सुना चुका है। हत्याकांड में बबलू के परिजन भी दोषी करार दिए गए हैं। आरटीआई में तत्कालीन सरपंच के अंकपत्र से शुरू हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों से अब तक छह लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसमें बलजीत पक्ष के पांच लोगों की गोली मारकर हत्या की जा चुकी है जबकि बबलू पक्ष के एक व्यक्ति की हत्या की गई है।
इन हत्याओं का सिलसिला जुलाई 2017 में शुरू हुआ था। इसमें एक के बाद एक को निशाना बनाते हुए उसे मौत के घाट उतारा गया। आनंद उर्फ बबलू जेल के अंदर से ही इन हत्याओं में मास्टरमाइंड बना रहा। बबलू के साथियों ने भी रंजिश को खूनी खेल में तब्दील करने में उसका साथ दिया।
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वीरवार को भिवानी में अतिरिक्त सेशन जज डॉ. संजीव आर्य की कोर्ट ने बलजीत पक्ष के सूबे सिंह हत्या मामले में मुख्य अभियुक्त पूर्व सरपंच आनंद उर्फ बबलू के साथ सूरज उर्फ श्रवण व वीरेंद्र उर्फ बॉक्सर को उम्रकैद की सजा व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जबकि इसी हत्याकांड में दोषी सुमित, मंदीप को 13-13 साल की सजा सुनाई गई है।
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बवानीखेड़ा पुलिस थाना में 15 जुलाई 2020 को बड़ेसरा निवासी मोहित ने शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया था कि उसके दादा सूबे सिंह की बैठक के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड में आनंद उर्फ बबलू सहित उसके साथियों का नाम सामने आया था। बवानीखेड़ा पुलिस थाना में इस हत्याकांड में एक और एफआईआर दर्ज की गई थी।
बलजीत व भलेराम हत्याकांड में भी पूर्व सरपंच व उसके परिवार के सदस्यों को हो चुकी है उम्रकैद
जिले के गांव बड़ेसरा में बहुचर्चित बलजीत व भलेराम हत्याकांड में 18 लोगों को उम्रकैद की सजा हो चुकी है। न्यायालय ने 14 अगस्त 2023 में 18 लोगों को दोषी करार दिया था। भिवानी न्यायालय से बलजीत व उसके चाचा भलेराम हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त आनंद उर्फ बबलू पूर्व सरपंच समेत 18 लोगों को उम्रकैद की सजा अगस्त 2023 को हो चुकी है। उम्रकैद की सजा में गांव बड़ेसरा निवासी मुख्य अभियुक्त आनंद उर्फ बबलू पूर्व सरपंच, पवन उर्फ भोलू, कपूर, वजीर, जगवंत, बलवान, प्रमोद उर्फ मोनी, पवन, रवींद्र, सबीर, अजीत उर्फ जीता, कर्मवीर, आनंद उर्फ बबलू का भाई लेहणा, सोनू, नरेश, सुधीर शामिल है।


ये था पूरा मामला
खूनी संघर्ष चुनावी रंजिश के चलते जुलाई 2017 में शुरू हुआ था। इसमें महिला सरपंच सुदेश देवी पक्ष के लोगों ने खेत से लौट रहे बलजीत व उसके परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला किया था। इसमें बलजीत (50) की मौके पर ही मौत हो गई थी और हमले में घायल हुए बलजीत के पिता भलेराम ने पांच दिन बाद अस्पताल में दम तोड़ा था। घायल महेंद्र सिंह की छह महीने बाद उपचार के दौरान मौत हुई थी। तिहरे हत्याकांड में बलजीत के बेटे विकास की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। बड़सेरा निवासी बलजीत ने 2017 में गांव की सरपंच सुदेश के खिलाफ आरटीआई लगाई थी। उसमें सुदेश की दसवीं कक्षा की मार्कशीट फर्जी पाई गई थी। इसके बाद उसे सरपंच पद छोड़ना पड़ा था और एफआईआर भी दर्ज हुई थी। बलजीत और उसके परिवार के पांच लोगों की हत्या की जा चुकी है। इसके बाद अक्तूबर 2019 में गवाह पूर्व सरपंच पवन की भी हत्या कर दी गई थी। 2020 में हुए तिहरे हत्याकांड में मृतक बलजीत का ताऊ सूबे सिंह की घर के सामने ही तीन गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा परिवार के कई लोगों पर जानलेवा हमला हो चुका था। वहीं बबलू पक्ष के महेंद्र (50) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में मास्टर अजीत उर्फ बालिया गंभीर रूप से घायल हुआ था। इस हत्याकांड के अलावा कई लोगों पर भी जानलेवा हमले हो चुके हैं।

2017 में हत्याकांड में गवाह राजकुमार पर भी हुआ था हमला

सरपंच की आरटीआई लगाने को लेकर शुरू हुई रंजिश के लिए हुए हत्याकांड में जो भी गवाह बना। उस उसकी हत्या या फिर हत्या की कोशिश हुई। 2017 में तिहरे हत्याकांड के बाद दो गवाहों की भी हत्या की गई थी। पूर्व सरपंच पवन की हत्या में गवाह सूबे सिंह की भी हत्या हुई थी। गवाह राजकुमार की भी हत्या का प्रयास हो चुका है।


इन धाराओं के तहत सुनाई सजा
अतिरिक्त सेशन जज डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने सूबे सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी पूर्व सरपंच आनंद उर्फ बबलू को धारा 302, 120 बी के तहत उम्रकैद व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। उसके साथी सूरज उर्फ श्रवण को धारा 302 व 120 बी के तहत उम्रकैद व दस हजार रुपये जुर्माना, वीरेंद्र उर्फ बॉक्सर को धारा 302 व 149 के तहत उम्रकैद व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। वहीं सूरज उर्फ श्रवण को धारा 302 व 149 के तहत उम्रकैद की सजा व 10,000 जुर्माना, सुमित को धारा 449 व 149 के तहत 10 वर्ष कैद व 5,000 रुपये जुर्माना, मनदीप को धारा 449 व 149 के तहत 10 वर्ष कैद व 5,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। वीरेंद्र उर्फ बॉक्सर को 25 शस्त्र अधिनियम के तहत तीन वर्ष कैद व 2,000 रुपये जुर्माना, सुमित को शस्त्र अधिनियम में तीन वर्ष कैद व 2,000 रुपये जुर्माना, मनदीप को 25 शस्त्र अधिनियम में तीन वर्ष की कैद व 2,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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