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अस्पतालों के सामने निजी एंबुलेंस बैन
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 02 Jul 2016 12:27 AM IST
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सरकारी अस्पतालों के सामने निजी एंबुलेंस बैन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अब अस्पताल के सामने प्राइवेट एंबुलेंस नहीं खड़ी होगी। लंबे समय से इन प्राइवेट एंबुलेंस चालकों द्वारा मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर अत्यधिक फीस ठगे जाने की शिकायतें आ रही थी। अब इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने निर्देश दिए। निर्देशों के बाद अब सामान्य अस्पताल प्रशासन ने भी शहर थाना को पत्र लिखकर अस्पताल के आसपास खड़ी होने वाली गाड़ियों को हटवाने की तैयारी कर ली है।
सामान्य अस्पताल के बाहर प्राइवेट एंबुलेंस की भीड़ लगी रहती है। मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर ये मनमाफिक किराया वसूल करते हैं। निर्देश के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अस्पताल के सामने खड़ी एंबुलेंस के फोटो खींच पुलिस में शिकायत कर इन्हें हटवाने के लिए पत्र लिखा गया है।
मजबूरी भी है प्राइवेट एंबुलेंस
सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी से मरीजों को सिर्फ पीजीआई रोहतक रेफर किया जाता है मगर कई बार मरीज पीजीआई रोहतक में इलाज के लिए जाने के बजाए हिसार के निजी अस्पतालों में जाना ज्यादा बेहतर समझते है। ऐसे में मरीजों के पास सिर्फ प्राइवेट एंबुलेंस का ही ऑप्शन बचता है।
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सामान्य अस्पताल के बाहर प्राइवेट एंबुलेंस की भीड़ लगी रहती है। मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर ये मनमाफिक किराया वसूल करते हैं। निर्देश के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अस्पताल के सामने खड़ी एंबुलेंस के फोटो खींच पुलिस में शिकायत कर इन्हें हटवाने के लिए पत्र लिखा गया है।
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मजबूरी भी है प्राइवेट एंबुलेंस
सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी से मरीजों को सिर्फ पीजीआई रोहतक रेफर किया जाता है मगर कई बार मरीज पीजीआई रोहतक में इलाज के लिए जाने के बजाए हिसार के निजी अस्पतालों में जाना ज्यादा बेहतर समझते है। ऐसे में मरीजों के पास सिर्फ प्राइवेट एंबुलेंस का ही ऑप्शन बचता है।
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