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खतरनाक हुई शहर की हवा, 355 तक पहुंचा एक्यूआई

Thu, 12 Dec 2019 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 12:09 AM IST
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air pollution, dengerous
07 फोटो रेलवे स्टेशन पर छाया कोहरा। - फोटो : Bhiwani
शहर की हवा एक बार फिर खतरनाक हो गई है। शहर का वायु प्रदूषण 355 एक्यूआई तक पहुंच गया है। आसमान में दिनभर स्मॉग की चादर छाई रही और सूर्य भी बादलों के बीच छीपे नजर आए। खतरनाक हुई हवा का लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा समय तक ऐसी हवा में सांस लेना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। चिकित्सकों ने सभी लोगों को घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाने की सलाह दी है।
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बुधवार को सुबह से ही प्रदूषण का स्तर बढ़ा दिखा और आसमान में स्मॉग की चादर नजर आई। यह स्मॉग दिनभर छाई रही। शाम चार बजे यह ज्यादा गहरा गई। दोपहर बाद तीन बजे ही प्रदूषण का स्तर 355 एक्यूआई तक पहुंच चुका था। दो दिन पहले भी प्रदूषण का स्तर 362 एक्यूआई तक पहुंच गया था। मंगलवार को इसमें थोड़ी कमी आई मगर बुधवार को फिर से यह बढ़ गया। प्रदूषण के बढ़ने के पीछे पराली जलाना या पटाखे चलाना, इंडस्ट्रीज एरिया में फैक्टरियों का धुआं, शहर में जगह-जगह जलता कचरा, जनरेटर से निकलता धुआं और वाहनों की बढ़ती संख्या आदि कारण माने जा रहे है।
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पीएम 2.5 की मात्रा पहुंची 395 पार, पीएम 10 भी हुआ 276 : प्रदूषण में पार्टिकल पीएम 2.5 और पीएम 10 का अहम रोल होता है। शनिवार को पीएम 2.5 की मात्रा 395 तक पहुंच गई जबकि पीएम 10 भी 276 दर्ज किया गया। यह आंकड़ा खतरनाक माना जाता है।
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बच्चों और बुजुर्गों मरीजों के लिए घातक है प्रदूषण का बढ़ता स्तर : प्रदूषण बच्चों और बुजुर्गों खासकर सांस के मरीजों के लिए घातक है। पिछले माह भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा तो सांस के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई थी। अब फिर से वहीं हालात बनते जा रहे है। बच्चों को भी सांस संबंधित समस्याएं सामने आ रही है।
नवंबर माह में आफत बना रहा था प्रदूषण : नवंबर माह में प्रदूषण का स्तर 500 एक्यूआई के आंकड़े को पार गया था। करीब 15 दिन प्रदूषण का बढ़ा स्तर लोगों के लिए परेशानी बना। मजबूरन स्कूलों में बच्चों की छुट्टियां तक करानी पड़ी और शहर के मुख्य मार्गों पर पानी का छिड़काव भी करवाया गया। शनिवार को भी शहर के कुछेक मार्गों पर पानी का छिड़काव करवाया गया।

प्रदूषण का बढ़ना बच्चों और ज्यादा उम्र के लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है। सांस के मरीजों को सांस लेने में ज्यादा तकलीफ हो जाती है। अब बच्चों में भी सांस की बीमारी की समस्या बढ़ रही है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि जहां तक जरूरी न हो घर से बाहर न निकले और निकलते समय मुंह पर मास्क पहनकर निकले।
- डॉ. राज महता, बाल रोग विशेषज्ञ
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