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कृषि कानूनों के खिलाफ अभय चौटाला ने शुरू की ट्रैक्टर यात्रा
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ट्रैक्टर यात्रा का शुभारंभ करते इनेलो नेता अभय चौटाला। संवाद
- फोटो : Bhiwani
तोशाम। केंद्र सरकार तीनों कृषि कानून 26 जनवरी तक वापस लें और देश के किसानों से माफ मांगे। यह बात इनेलो प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने ट्रैक्टर यात्रा से पहले पत्रकारों से बातचीत में कही। बुधवार को तोशाम से उन्होंने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर यात्रा की शुरुआत की।
अभय चौटाला ने कहा कि पूरे हरियाणा में उन्होंने किसानों को तीनों कानूनों के खिलाफ जागरूक किया है कि यह तुम्हारी पगड़ी का सवाल है। आज अगर सरकार ने किसान की बात को नहीं माना तो किसान बर्बाद हो जाएगा। ये कृषि कानून लागू होने के बाद किसान के सामने अनेक समस्या खड़ी हो जाएंगी और किसान अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर हो जाएगा। कृषि कानूनों के खिलाफ जो आंदोलन चल रहा है, उसमें हरियाणा के किसान की सबसे ज्यादा भागीदारी है, क्योंकि हरियाणा दिल्ली के चारों तरफ फैला हुआ है और हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है। पंजाब, राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यों के किसान भी आंदोलन में भागीदार बने हुए हैं। अभय सिंह ने कहा कि किसान व जवान एक ही परिवार से हैं। अगर सरकार ने किसानों को कुचलने की कोशिश की तो जवान भी अपनी दूसरी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। मैंने मेरी जिम्मेदारी निभाते हुए विधायक पद से इस्तीफा स्पीकर को भेज दिया है। जो किसान का वोट लेकर विधायक बने हुए हैं और आज वे किसानों के पक्ष में अपना इस्तीफा नहीं दे रहे तो आने वाले समय में वे अपने गांव के पंच भी नहीं बन पाएंगे।
अभय सिंह चौटाला ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज जो कृषि कानून बने हैं उनका ड्राफ्ट 2012 में बना था और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी उस कमेटी में शामिल थे। कांग्रेसी प्रदेश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कहकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। यात्रा बाढड़ा, सतनाली होते हुए रात्रि ठहराव महेंद्रगढ़ में करेगी। यात्रा में प्रदेश सचिव सुनील लांबा, अनूप बागनवाला, राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र वर्मा, जिला प्रधान रवि महमिया, पूर्व विधायक ओमप्रकाश गोरा, हलका प्रधान रणधीर सिंह धीरा, अशोक ढाणीमाहू, ओमप्रकाश कडवासरा, मुकेश महतानी, संदीप बागनवाला मौजूद थे।
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अभय चौटाला ने कहा कि पूरे हरियाणा में उन्होंने किसानों को तीनों कानूनों के खिलाफ जागरूक किया है कि यह तुम्हारी पगड़ी का सवाल है। आज अगर सरकार ने किसान की बात को नहीं माना तो किसान बर्बाद हो जाएगा। ये कृषि कानून लागू होने के बाद किसान के सामने अनेक समस्या खड़ी हो जाएंगी और किसान अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर हो जाएगा। कृषि कानूनों के खिलाफ जो आंदोलन चल रहा है, उसमें हरियाणा के किसान की सबसे ज्यादा भागीदारी है, क्योंकि हरियाणा दिल्ली के चारों तरफ फैला हुआ है और हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है। पंजाब, राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यों के किसान भी आंदोलन में भागीदार बने हुए हैं। अभय सिंह ने कहा कि किसान व जवान एक ही परिवार से हैं। अगर सरकार ने किसानों को कुचलने की कोशिश की तो जवान भी अपनी दूसरी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। मैंने मेरी जिम्मेदारी निभाते हुए विधायक पद से इस्तीफा स्पीकर को भेज दिया है। जो किसान का वोट लेकर विधायक बने हुए हैं और आज वे किसानों के पक्ष में अपना इस्तीफा नहीं दे रहे तो आने वाले समय में वे अपने गांव के पंच भी नहीं बन पाएंगे।
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अभय सिंह चौटाला ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज जो कृषि कानून बने हैं उनका ड्राफ्ट 2012 में बना था और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी उस कमेटी में शामिल थे। कांग्रेसी प्रदेश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कहकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। यात्रा बाढड़ा, सतनाली होते हुए रात्रि ठहराव महेंद्रगढ़ में करेगी। यात्रा में प्रदेश सचिव सुनील लांबा, अनूप बागनवाला, राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र वर्मा, जिला प्रधान रवि महमिया, पूर्व विधायक ओमप्रकाश गोरा, हलका प्रधान रणधीर सिंह धीरा, अशोक ढाणीमाहू, ओमप्रकाश कडवासरा, मुकेश महतानी, संदीप बागनवाला मौजूद थे।
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