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Bhiwani News: मतदान के बाद अब नेता उतार रहे चुनावी भागदौड़ की थकान, कार्यकर्ताओं से हो रहे रूबरू
Mon, 07 Oct 2024 03:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 07 Oct 2024 03:38 AM IST
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कार्यकर्ताओं से बातचीत करते घनश्याम सर्राफ।
भिवानी। मतदान के बाद अब नेता चुनावी भागदौड़ की थकान उतारने में जुटे हैं। वहीं दिग्गज नेताओं के आवास पर अब भी समर्थकों व कार्यकर्ताओं का तांता लगा है। नेता भी अब कार्यकर्ताओं के बीच बैठकर मतदान के बाद चुनावी मंथन में जुटे हैं। हालांकि नेता अपनी जीत सुनिश्चित मानकर आश्वस्त हैं। वहीं भिवानी जिले की चारों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर है। अब आठ अक्तूबर को मतदान का रुझान आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी कि किसकी नैया पार होगी और किसकी लुटिया डूबेगी। हालांकि नेता मतदान के दौरान बूथ एजेंट और अपने समर्थकों से फीडबैक भी ले रहे हैं।
चुनावी माहौल के बीच करीब एक पखवाड़े की भागदौड़ भरी थकान मिटाने के लिए नेता आवास पर खुद को कार्यकर्ताओं के बीच काफी सहज महसूस कर रहे हैं वहीं उनके परिजन भी चुनावी भागदौड़ से निकल परिवार के बीच बैठकर चुनावी माहौल पर ही बातचीत कर रहे हैं।
बागकोठी आवास पर कार्यकर्ताओं के बीच कटा घनश्याम सर्राफ का दिन
भिवानी की बागकोठी स्थित भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सर्राफ के आवास पर कार्यकर्ताओं का मजमा लगा है। पिछले तीन योजनाओं से घनश्याम सर्राफ भिवानी के विधायक बनते आ रहे हैं। वे चौथी बार चुनावी मैदान में हैं। घनश्याम सर्राफ का कहना है कि पीएम मोदी की नीतियों पर विश्वास करते हुए जनता ने उन्हें वोट किया है। उन्हें पूरा भरोसा है कि वे चौथी बार भी यहां से जनप्रतिनिधि चुनकर इलाके के लिए बेहतर ढंग से काम करेंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आए समर्थकों ने अपने-अपने इलाके में मतदान की रिपोर्ट भी नेता को दी।
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सुबह पांच बजे शुरू हुई कामरेड ओमप्रकाश की दिनचर्या, कार्यकर्ताओं के बीच बीता अधिकांश समय
भिवानी विधानसभा क्षेत्र से माकपा और कांग्रेस के साझा प्रत्याशी कामरेड ओमप्रकाश भी कार्यकर्ताओं के साथ दिनभर चुनावी चर्चा में मशगूल दिखे। 65 वर्षीय कामरेड ओमप्रकाश की दिनचर्या सुबह पांच बजे से शुरू होकर देर रात दो बजे तक चलती है। वे बैंक से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद से ही कमेरे, किसान और कर्मचारी के साथ आम वर्ग के लोगों की मांग मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए जनसेवा में लगे हैं। चुनाव के दौरान भी उनका ये काम लगातार जारी रहा। चुनावी कार्यालय में कामरेड ओमप्रकाश के साथ काफी कार्यकर्ता चुनावी चर्चा में शामिल रहे। माकपा-कांग्रेस प्रत्याशी कामरेड ओमप्रकाश का कहना है कि जनता इस बार बदलाव चाहती है। उन्हें पूरा विश्वास है कि भाजपा की तानाशाही के खिलाफ लोगों ने खुलकर वोट किया है। उन्होंने मतदाताओं का भी आभार जताया वहीं उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो वे भय और भ्रष्टाचार मुक्त शासन और प्रशासन देने में अहम भागीदारी निभाएंगे।
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चुनावी माहौल के बीच करीब एक पखवाड़े की भागदौड़ भरी थकान मिटाने के लिए नेता आवास पर खुद को कार्यकर्ताओं के बीच काफी सहज महसूस कर रहे हैं वहीं उनके परिजन भी चुनावी भागदौड़ से निकल परिवार के बीच बैठकर चुनावी माहौल पर ही बातचीत कर रहे हैं।
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बागकोठी आवास पर कार्यकर्ताओं के बीच कटा घनश्याम सर्राफ का दिन
भिवानी की बागकोठी स्थित भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सर्राफ के आवास पर कार्यकर्ताओं का मजमा लगा है। पिछले तीन योजनाओं से घनश्याम सर्राफ भिवानी के विधायक बनते आ रहे हैं। वे चौथी बार चुनावी मैदान में हैं। घनश्याम सर्राफ का कहना है कि पीएम मोदी की नीतियों पर विश्वास करते हुए जनता ने उन्हें वोट किया है। उन्हें पूरा भरोसा है कि वे चौथी बार भी यहां से जनप्रतिनिधि चुनकर इलाके के लिए बेहतर ढंग से काम करेंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आए समर्थकों ने अपने-अपने इलाके में मतदान की रिपोर्ट भी नेता को दी।
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सुबह पांच बजे शुरू हुई कामरेड ओमप्रकाश की दिनचर्या, कार्यकर्ताओं के बीच बीता अधिकांश समय
भिवानी विधानसभा क्षेत्र से माकपा और कांग्रेस के साझा प्रत्याशी कामरेड ओमप्रकाश भी कार्यकर्ताओं के साथ दिनभर चुनावी चर्चा में मशगूल दिखे। 65 वर्षीय कामरेड ओमप्रकाश की दिनचर्या सुबह पांच बजे से शुरू होकर देर रात दो बजे तक चलती है। वे बैंक से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद से ही कमेरे, किसान और कर्मचारी के साथ आम वर्ग के लोगों की मांग मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए जनसेवा में लगे हैं। चुनाव के दौरान भी उनका ये काम लगातार जारी रहा। चुनावी कार्यालय में कामरेड ओमप्रकाश के साथ काफी कार्यकर्ता चुनावी चर्चा में शामिल रहे। माकपा-कांग्रेस प्रत्याशी कामरेड ओमप्रकाश का कहना है कि जनता इस बार बदलाव चाहती है। उन्हें पूरा विश्वास है कि भाजपा की तानाशाही के खिलाफ लोगों ने खुलकर वोट किया है। उन्होंने मतदाताओं का भी आभार जताया वहीं उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो वे भय और भ्रष्टाचार मुक्त शासन और प्रशासन देने में अहम भागीदारी निभाएंगे।