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Bhiwani News: बारिश के बाद मंडी में किसानों के बाजरे की बेकद्री, बाजरे के लगा रहे 1850 से 1950 तक मिल रहे प्राइवेट दाम

Mon, 18 Sep 2023 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 18 Sep 2023 11:58 PM IST
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After the rain, farmers are ignoring millet in the market, private prices are being sold for millet from 1850 to 1950.
भिवानी। बारिश के बाद किसानों के मंडी में पहुंचे बाजरे की भी बेकद्री हो रही है। पिछले सप्ताह तक किसानों को बाजरे के दो हजार प्रति क्विंटल दाम मिल रहे थे, अब उसी बाजरे को प्राइवेट बोली में 1850 से लेकर 1950 रुपये प्रति क्विंटल दामों में खरीदा जा रहा है। किसान को एमएसपी के मुकाबले प्रति क्विंटल 550 से 650 रुपये नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं भावांतर योजना का लाभ को लेकर भी असमंजस बना है। अधिकारियों के पास भी बाजरा की सरकारी खरीद को लेकर अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
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भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी में अब तक करीब 500 क्विंटल से अधिक बाजरे की आवक हो चुकी है। इसमें से अधिकांश किसानों का बाजरा दो हजार से नीचे दामों में ही प्राइवेट बिका है। मंडी पहुंचे किसान दयाकिशन, राम सिंह, महावीर, महासिंह का कहना है कि बाजरा की फसल लेकर मंडी पहुंचे तो यहां पता चला कि कोई सरकारी खरीद नहीं हो रही है। मंडी में हाइब्रिड बाजरा के भी 1950 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं, जबकि सामान्य बाजरा के 1850 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक कोई दाम नहीं लगा रहा है।
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किसानों का कहना है कि वे ज्यादा दिन फसल अपने घर इसलिए नहीं रोक सकते, क्योंकि उन्हें अगली फसल की बिजाई के लिए भी खाद और बीज बाजार से खरीद करना है। अगर वे समय पर अगली फसल की बिजाई नहीं कर पाए तो मुश्किल बढ़ जाएगी। मुख्यालय की मंडी में बाजरा की आवक के बावजूद सरकारी खरीद तो बंद ही पड़ी है। वहीं किसानों के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश के दौरान भी मंडी में किसान की फसल भीग गई, जिसे सुरक्षित रखने के लिए भी यहां कोई व्यवस्था तक नहीं है। मंडी के शेड के नीचे आढ़तियों का कब्जा है, जहां पहले से ही अन्य फसलें रखी हुई हैं। जो किसान अपनी फसल लेकर आ रहा है, उसे खुले प्लेटफार्म पर ही ट्रैक्टर ट्राली खाली करनी पड़ती है।
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बाजरा की सरकारी खरीद को लेकर अभी तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं। बाजरा का एमएसपी इस बार 2500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। मुख्यालय से जो भी निर्देश मिलेंगे उसी हिसाब से किसानों की फसल खरीद होगी।
-मुकेश कुमार, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी भिवानी।
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