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Bhiwani News: 37 साल बाद शहर के पॉश इलाके सेक्टर 13 और 23 के गंदे पानी की निकासी का रास्ता साफ

Thu, 24 Aug 2023 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 24 Aug 2023 12:17 AM IST
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After 37 years, the way for the drainage of dirty water from the posh areas of the city, Sector 13 and 23, is clear.
भिवानी। शहर के पॉश इलाके सेक्टर 13 और 23 में गंदे पानी की निकासी का सेक्टर के आबाद होने के 37 साल बाद रास्ता साफ हुआ है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने सेक्टर के 50 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के गंदे पानी की निकासी प्रेमनगर ड्रेन में डालने के लिए रोड क्रॉसिंग की एनएचएआई से अनुमति मिल गई है। हालांकि अभी एक ऑब्जेक्शन दूर करना बाकी है, लेकिन फिर भी जल्द ही दोनों सेक्टरों के गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान मिल गया है।
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सेक्टर 13 और 23 में बारिश के साथ-साथ गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था ठप है। इसकी वजह से सेक्टर की सड़कें भी गहरे गड्ढों में बदल चुकी हैं। भिवानी में 1986 में शहर के पॉश इलाका सेक्टर 13 और 23 अस्तित्व में आया था। इसके बाद 1992-93 में दोनों सेक्टरों का तेजी से विकास हुआ। सेक्टर के अंदर आबादी बढ़ी तो यहां सीवरेज के गंदे पानी की निकासी और बारिश के पानी की निकासी बड़ी चुनौती बन गई।
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सेक्टर 13 में तीन हजार 581 मकान हैं जबकि सेक्टर 23 में एक हजार से अधिक मकान बन चुके हैं। दोनों सेक्टरों के अंदर करीब साढ़े चार हजार से अधिक मकानों में 30 हजार से अधिक लोगों की आबादी भी रह रही है। सेक्टर 13 और 23 के गंदे पानी की निकासी के लिए करीब 16 करोड़ की लागत से 50 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट 2005 में तैयार किया गया। जिसे 2017 में विभाग द्वारा ठेके पर देकर चालू कराना पड़ा। लेकिन ट्रीटमेंट प्लांट के गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। बारिश के दौरान सेक्टर में जलभराव होने लगा और सीवर के गंदे पानी की निकासी भी ठप रहने से गलियों के अंदर गंदा पानी जमा होने लगा। संवाद
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भिवानी-जींद हाईवे के नीचे से होगी 400 मीटर लंबी पाइप से क्रॉसिंग

एचएसवीपी एसटीपी की लाइन डालने के लिए रेलवे क्रॉसिंग की कुछ साल पहले अनुमति मिल गई थी। लेकिन कुछ खेतों में लाइन डालने को लेकर विवाद होने से मामला अटक गया। मगर अब भिवानी-जींद नेशनल हाईवे के नीचे से लाइन क्रॉसिंग होनी है। इसकी अनुमति को लेकर अब मंजूरी मिल गई है। हाईवे अथॉरिटी ने एचएसवीपी से कुछ पैसा भी जमा कराया है। जबकि कुछ आपत्ति भी लगाई है, जिसे दूर कराने के बाद ही हाईवे के नीचे से 400 मीटर लाइन की क्रॉसिंग कर सेक्टर के एसटीपी से पाइप लाइन सीधी प्रेमनगर में ड्रेन तक पहुंचेगी। जहां गंदे पानी की निकासी की जाएगी। फिलहाल एसटीपी से गंदे पानी की निकासी नहीं है।



डिस्पोजल पर लगी 50 एचपी की मोटर, निकासी के लिए 150 एचपी की जरूरत

दी रेजीडेंट सेक्टर 13 वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रामकिशन शर्मा ने बताया कि हुडा सेक्टर का डिस्पोजल बना है। जिस पर फिलहाल 50 एचपी क्षमता की मोटर लगी है। इससे सेक्टर के अंदर से सीवर के गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। डिस्पोजल पर 150 एचपी क्षमता की मोटर लगाने की जरूरत है। दोनों सेक्टरों के सीवर के गंदे एसडीपी पर करीब 25 फीसदी ही निकासी हो रही है। सेक्टरों के अंदर सीवर ठप हैं।

सेक्टर के एसटीपी से प्रेमनगर ड्रेन तक पाइप लाइन चालू की जाएगी। इसके लिए हाईवे से भिवानी-जींद हाईवे के नीचे से लाइन क्रॉसिंग की परमिशन मिल चुकी है। कुछ आपत्ति भी दर्ज कराई गई है, जिसे दूर कराकर अगले सप्ताह से टेंडर कराकर वर्क ऑर्डर जारी किए जाएंगे। इसके बाद दोनों सेक्टरों में सीवरेज और बरसाती पानी की निकासी का स्थायी समाधान हो जाएगा।

-भूपेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी हिसार।
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