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Bhiwani News: पत्थर के साथ रेत भेजने का आरोप, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
Thu, 11 Jun 2026 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 11 Jun 2026 12:08 AM IST
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तोशाम। एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों द्वारा कथित रूप से मनमानी करते हुए पत्थर के साथ भारी मात्रा में रेत भेजे जाने और प्रति टन 50 से 60 रुपये की मांग किए जाने का आरोप लगाते हुए क्रशर मालिकों ने उच्च स्तर पर शिकायत भेजी है। इस मामले में जगदीश स्टोन क्रशर के मालिक कृष्ण मलिक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी, मुख्यमंत्री हरियाणा, कैबिनेट नरवीर सिंह, एसडीएम तोशाम तथा एमडी एचएसआईआईडीसी को ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेजी है।
शिकायत में कहा गया है कि एचएसआईआईडीसी खानक की ओर से भेजे जा रहे पत्थर में भारी अनियमितताएं हैं और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। क्रशर मालिकों का आरोप है कि जिन वाहनों में पत्थर भेजा जा रहा है उनमें लगभग 60 से 70 प्रतिशत तक रेत मिली होती है जिससे क्रशर पर तैयार होने वाले माल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और व्यवसाय को नुकसान पहुंच रहा है।
कृष्ण मलिक ने बताया कि यह समस्या पहले भी कई बार एचएसआईआईडीसी कार्यालय खानक तथा संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाई जा चुकी है लेकिन अब तक इसका कोई समाधान नहीं किया गया। उन्होंने ई-रवाना और रेत मिश्रित पत्थर की तस्वीरें भी शिकायत के साथ संलग्न कर भेजी हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि साफ पत्थर उपलब्ध कराने के नाम पर प्रति टन 50 से 60 रुपये की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे बोली प्रक्रिया के तहत पत्थर की खरीद करते हैं इसके बावजूद रेत मिश्रित सामग्री भेजी जा रही है। कृष्ण मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि एचएसआईआईडीसी के कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने कहा कि एचएसआईआईडीसी के एग्रीमेंट के अनुसार 30 एमएम से छोटे और 50 एमएम से बड़े पत्थर की आपूर्ति नहीं की जानी चाहिए इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने एमडी एचएसआईआईडीसी सहित सभी संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करने और शुद्ध एवं मानक गुणवत्ता का पत्थर उपलब्ध कराने की मांग की है।
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शिकायत में कहा गया है कि एचएसआईआईडीसी खानक की ओर से भेजे जा रहे पत्थर में भारी अनियमितताएं हैं और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। क्रशर मालिकों का आरोप है कि जिन वाहनों में पत्थर भेजा जा रहा है उनमें लगभग 60 से 70 प्रतिशत तक रेत मिली होती है जिससे क्रशर पर तैयार होने वाले माल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और व्यवसाय को नुकसान पहुंच रहा है।
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कृष्ण मलिक ने बताया कि यह समस्या पहले भी कई बार एचएसआईआईडीसी कार्यालय खानक तथा संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाई जा चुकी है लेकिन अब तक इसका कोई समाधान नहीं किया गया। उन्होंने ई-रवाना और रेत मिश्रित पत्थर की तस्वीरें भी शिकायत के साथ संलग्न कर भेजी हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि साफ पत्थर उपलब्ध कराने के नाम पर प्रति टन 50 से 60 रुपये की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे बोली प्रक्रिया के तहत पत्थर की खरीद करते हैं इसके बावजूद रेत मिश्रित सामग्री भेजी जा रही है। कृष्ण मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि एचएसआईआईडीसी के कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने कहा कि एचएसआईआईडीसी के एग्रीमेंट के अनुसार 30 एमएम से छोटे और 50 एमएम से बड़े पत्थर की आपूर्ति नहीं की जानी चाहिए इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने एमडी एचएसआईआईडीसी सहित सभी संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करने और शुद्ध एवं मानक गुणवत्ता का पत्थर उपलब्ध कराने की मांग की है।