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900 रुपये में कराया जा रहा था गर्भपात

Wed, 18 Sep 2019 01:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2019 01:42 AM IST
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abortion was being done for 900 rupee
शहर के बीच नए अस्पताल में ही गर्भपात का खेल चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिकॉय (नकली मरीज) भेजकर खेल का खुलासा किया। महज नौ सौ रुपये में एमटीपी किट दी जा रही थी। टीम ने एक किट नकली मरीज के पास से और एक किट अस्पताल से बरामद की। रात तक स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस की टीम केस दर्ज करने की तैयारी में जुटी थी।
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मामला मंगलवार शाम का है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि कृष्णा कॉलोनी मोड़ पर नए खुले अस्पताल में ही गर्भपात का खेल चल रहा है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक डिकॉय और उसका परिजन तैयार किया गया। परिजन ने संपर्क साधा तो निजी अस्पताल सदस्य ने पहले सवाल-जवाब और नंबर कहां से मिलने जैसे सवाल किए। बाद में जब बताया कि कृष्णा कॉलोनी की एक महिला ने नंबर दिया है। जिसके बाद निजी अस्पताल सदस्य ने शाम को छह बजे बुलाया। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम तैयार की गई। जिसमें डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मीना बरबर, डॉ. सुनील के नेतृत्व में अन्य स्टाफ सदस्य ड्रग कंट्रोलर हेमंत ग्रोवर, अंजू, प्रदीप शामिल रहे। वहां मौजूद सदस्य ने पहले तो डिकॉय और उसके परिजन को आधे घंटे तक अस्पताल में बैठाए रखा। बाद में उन्हें एमटीपी किट दी गई और दवा लेने के बारे में समझाया गया। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा और वहां एक चिकित्सक को रंगे हाथ पकड़ा। उसके पास से दिए गए एक हजार रुपये भी बरामद किए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ दो पुलिसकर्मी भी रहे। रंगे हाथ चिकित्सक एमटीपी किट देते पकड़े जाने की सूचना पर सिविल सर्जन डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ संध्या गुप्ता भी पहुंची। समाचार लिखे जाने तक मामले की जांच की जा रही थी और केस दर्ज करने की कार्रवाई चल रही थी।
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आयुष्मान अस्पताल में एमटीपी किट देने की सूचना थी। जिसके बाद डिकॉय भेजकर डाक्टर को रंगे हाथ पकड़ा गया है। नौ सौ रुपये में एमटीपी किट दे रहा था जबकि नियमानुसार ये दवाइयां बिल पर रखी जाती है और ऑन रिकार्ड ही चिकित्सक दे सकता है।
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-डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन
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