फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   85 thousand quintals of mustard got wet in the market of chaos

Bhiwani News: अव्यवस्था की मंडी में गीली हुई 85 हजार क्विंटल सरसों

Sun, 14 Apr 2024 03:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sun, 14 Apr 2024 03:53 AM IST
विज्ञापन
85 thousand quintals of mustard got wet in the market of chaos
​भिवानी की चारामंडी में खुले आसमान के नीचे रखे करीब 85 हजार ​क्विंटल सरसों भीगने के बाद पूरी मं
भिवानी। मंडियों में अव्यवस्था के बीच शुरू हुई सरसों की सरकारी खरीद में शनिवार को किसानों के अरमानों पर बारिश से पानी फिर गया। भिवानी की चारामंडी में खुले में रखी करीब 85 हजार क्विंटल सरसों और खरीद के बाद भराई कराए गए हजारों कट्टे भी बारिश में भीग गए। जिन्हें बारिश से बचाने के यहां खरीद एजेंसी के पास कोई प्रबंध तक नहीं थे। खुली मंडी बारिश से तरबतर हो गई वहीं किसानों की फसल भी बारिश में भीग गई। जिसकी गुणवत्ता पर भी अब बुरा असर पड़ेगा। वहीं शनिवार को बारिश के बाद मंडी से उठान भी बंद हो गया वहीं खरीद के बाद भराई कराए गए सरसों के कट्टों को सुखाने में भी अब समय लगेगा। हालांकि खराब मौसम की आशंका के चलते शनिवार और रविवार को किसानों की फसल खरीद मंडियों में बंद कर दी गई थी। लेकिन पहले से खरीद फसल पर मौसम का जमकर कहर बरपा।
विज्ञापन

भिवानी जिले की नौ मंडियों में अब तक सरकारी खरीद एजेंसियां करीब साढ़े दस लाख क्विंटल से अधिक सरसों की सरकारी खरीद कर चुकी हैं। लेकिन अब तक उठान सिर्फ 30 फीसदी ही हुआ है। उठान धीमा होने की वजह से प्रशासन ने शनिवार और रविवार को मंडियों में नई आवक पर भी रोक लगा दी थी वहीं उठान में तेजी के निर्देश दिए। लेकिन शनिवार शाम को अचानक ही धूल भरी आंधी के बाद बारिश हुई। जिसमें किसानों का हजारों क्विंटल खुले में पड़ी सरसों भी भीग गई। वहीं भिवानी की अनाज मंडी में भी करीब 30 हजार क्विंटल किसानों का खुले में पड़ा गेहूं बारिश से भीग गया। इन ढेरियों में खरीद एजेंसी के अधिकारियों ने शुक्रवार को भी अधिक नमी बता दी थी। बारिश में भीगने के बाद इनकी नमी और अधिक हो गई। अब सोमवार को भी इन ढेरियों की खरीद नहीं हो पाएगी। मंडी पहुंचे किसान अपना माथा पकड़कर बैठे गए हैं, क्योंकि उन्हें मौसम खराब होने की आशंका के चलते पहले ही खेत में महंगी मजदूरी देकर फसल कटाई कराई थी, अब कढ़ाई के बाद मंडी पहुंचे हैं तो उन्हें यहां पर भी मौसम की आफत झेलनी पड़ी।
विज्ञापन



बारिश में भीगी सरसों का बदल जाएगा रंग, तेल की धार होगी प्रभावित
बारिश में भीगने के बाद सरसों के दाने का रंग भी हल्का भूरा जो जाएगा और इसके अंदर तेल की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। यानी इस सरसों के अंदर उम्मीद से कम तेल ही निकलेगा। हालांकि मंडियों में खुले आसमान में पड़ी हजारों क्विंटल सरसों की ढेरियों की खरीद हो चुकी है, मगर इनकी आढ़ति समय रहते भराई और उठान नहीं करा पाए। वहीं खरीद एजेंसी के अधिकारियों को मौसम बिगड़ने का पहले से ही आभास था, मगर समय रहते मंडियों में उठान और बारिश में बचाव के प्रबंध भी नहीं हो पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंडियों में सरसों का लगातार उठान का काम चल रहा है। जिले में हल्की बूंदाबांदी हुई है, इससे उठान प्रभावित नहीं होगा। अब तक नेफेड करीब दस लाख क्विंटल की खरीद कर चुकी है, इसमें से अभी आधे का भी उठान नहीं हुआ है। उठान कार्य में तेजी लाने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

-संदीप पूनिया जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।



हरियाणा वेयर हाउस की अब तक निर्धारित मंडियों में 24 हजार क्विंटल से अधिक की सरकारी खरीद हो चुकी है। खरीद के साथ ही उठान भी कराया जा रहा है। सोमवार से मंडियों में सरसों की फिर से खरीद आरंभ होगी, इस दौरान केवल उठान ही कराया जा रहा है।
-दिलबाग सिंह, जिला प्रबंधक हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed