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रोडवेज हड़ताल फेल करने में प्रशासन ने झोंकी ताकत, क्लर्क, बस इंस्पेक्टर और पुलिस कर्मी बनें कंडक्टर
Updated Wed, 17 Oct 2018 12:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। सीएम मनोहर लाल भिवानी में थे तो प्रशासन ने रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम को फेल करने के लिए ताकत झोंकी। कंडक्टर नहीं होने की सूरत में चालकों, क्लर्क, विभाग के सब इंस्पेक्टर के साथ-साथ पुलिस कर्मी भी बसों में टिकट काटते नजर आए। एसडीएम और जीएम का दावा है कि 90 बसें चली हैं जबकि रोडवेज यूनियन नेताओं का दावा है कि 15 से 20 बसें खाली चलाई गई हैं। अधिकारियों ने साथ ही दलील दी कि पुलिस कर्मचारियों को कंडक्टर नहीं बनाया गया, सिर्फ सुरक्षा के तौर पर बसों में भेजा गया था। मगर पुलिस कर्मचारियों की टिकट काटते हुए कि तथाकथित वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई।
720 प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी की बैनर तले रोडवेज कर्मचारियों ने 16 और 17 अक्तूबर को चक्का जाम का आह्वान किया है। चक्का जाम के पहले दिन मंगलवार को सीएम भिवानी में होने के कारण प्रशासन ने हड़ताल फेल करने में ताकत झोंकी। एसडीएम और जीएम सतीश कुमार स्वयं दिनभर बस स्टैंड परिसर में तैनात रहे। डीसी ने भी निरीक्षण किया। हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को बस स्टैंड और वर्कशॉप से दूर रखा गया। रोडवेज प्रबंधन को हाल ही में नियुक्त बस चालक तो मिले मगर कंडक्टर नहीं होने के कारण समस्या हुई। ऐसे में रोडवेज के क्लर्क, सब इंस्पेक्टर और यहां तक कि चालकों को भी कंडक्टर बनाया गया। इतना ही नहीं कुछ पुलिस कर्मचारियों को भी टिकटें थमाई गई। करीब आठ बसों पर पुलिस कर्मी कंडक्टर बने। रोडवेज के जीएम और डीएसपी ने पुलिस कर्मचारियों को कंडक्टर बनाने की बात से इंकार किया।
एस्मा के उल्लंघन पर 10 पर केस दर्ज
हड़ताल करने वाले कर्मचारी रोडवेज वर्कशॉप मोड़ के पास धरना देकर रोष जताते नजर आए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हड़ताल पूरी तरह सफल है और प्रशासन गुमराह कर रहा है कि 90 बसें चलाई गई। बमुश्किल 20 बसें चलाई हैं और वे भी खाली। कंडक्टर नहीं होने पर पुलिस कर्मचारियों, विभाग के सब इंस्पेक्टर को टिकट काटने की जिम्मेवारी दी है, जोकि गलत है। एस्मा के उल्लंघन के विरोध में ओमप्रकाश, राज कुमार, नरेंद्र कुमार, पवन कुमार, राजेश कुमार, घीसूराम, रणबीर सिंह, सज्जन चालक, जगदीश लिपिक, हरज्ञान के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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कंडक्टर मिलेगा तो वर्कशॉप में से निकालूंगा
बस चालक के भरोसे ही रोडवेज प्रबंधन ने सुबह-सवेरे बस चलाने का प्रयास किया। चालक ने साफ कहा कि वर्कशॉप से बस तब निकालूंगा जब कंडक्टर मिलेगा।
ड्यूटी पर मौजूद कंडक्टर पर भी दर्ज हुआ केस
एस्मा के उल्लंघन के विरोध में 10 कर्मचारियों पर केस दर्ज किया गया है। इसमें कमाल की बात यह है कि एक कंडक्टर जो हड़ताल में शामिल नहीं है और रोडवेज की बस लेकर दिल्ली गया हुआ है। उसके खिलाफ भी केस दर्ज हो गया है। इस बारे में कंडक्टर घीसूराम ने बताया कि वह इस नाम का अकेला कंडक्टर है और उसे भी फोन से सूचना मिली है कि केस दर्ज हुआ है।
वर्जन::::
कर्मचारी हड़ताल कर रहे थे मगर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। हर रोज 100 बसें बस स्टैंड से निकलती हैं और आज 90 बसें चली हैं। आज सवारियां कम रही। एस्मा के तहत 10 कर्मचारियों पर केस दर्ज करवाया गया है। क्लर्क, चालकों और सब इंस्पेक्टर से कंडक्टर का काम लिया गया। पुलिस कर्मियों को सुरक्षा के तौर पर साथ भेजा है। अगर कोई पुलिस कर्मी टिकट कटवाने में मदद करता है तो अच्छी बात है।
सतीश कुमार, एसडीएम और रोडवेज जीएम
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पुलिस फोर्स वर्कशॉप और बस स्टैंड परिसर में तैनात रही। बसों में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस कर्मी साथ भेजे गए है ताकि कर्मचारी रास्ते में ना रूकवाये। पुलिस कर्मियों को कंडक्टर की ड्यूटी नहीं दी गई, वे सिर्फ सुरक्षा के लिए ही साथ थे।
वीरेंद्र सिंह, डीएसपी
हड़ताल सफल रही और कंडक्टर नहीं मिलने पर गलत तरीके से पुलिस कर्मचारियों, रोडवेज के क्लर्क, सब इंस्पेक्टर को टिकटें दी गई। इसके बावजूद बमुश्किल 20 बसें चलाई गई। वे भी खाली दौड़ाई गई। चंडीगढ़ के लिए भेजी बस जींद में खड़ी है। इसी तरह अन्य बसें भी बीच रास्ते में खड़ी हुई।
-राज कुमार दलाल, डिपो प्रधान रोडवेज कर्मचारी यूनियन
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भिवानी। सीएम मनोहर लाल भिवानी में थे तो प्रशासन ने रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम को फेल करने के लिए ताकत झोंकी। कंडक्टर नहीं होने की सूरत में चालकों, क्लर्क, विभाग के सब इंस्पेक्टर के साथ-साथ पुलिस कर्मी भी बसों में टिकट काटते नजर आए। एसडीएम और जीएम का दावा है कि 90 बसें चली हैं जबकि रोडवेज यूनियन नेताओं का दावा है कि 15 से 20 बसें खाली चलाई गई हैं। अधिकारियों ने साथ ही दलील दी कि पुलिस कर्मचारियों को कंडक्टर नहीं बनाया गया, सिर्फ सुरक्षा के तौर पर बसों में भेजा गया था। मगर पुलिस कर्मचारियों की टिकट काटते हुए कि तथाकथित वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई।
720 प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी की बैनर तले रोडवेज कर्मचारियों ने 16 और 17 अक्तूबर को चक्का जाम का आह्वान किया है। चक्का जाम के पहले दिन मंगलवार को सीएम भिवानी में होने के कारण प्रशासन ने हड़ताल फेल करने में ताकत झोंकी। एसडीएम और जीएम सतीश कुमार स्वयं दिनभर बस स्टैंड परिसर में तैनात रहे। डीसी ने भी निरीक्षण किया। हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को बस स्टैंड और वर्कशॉप से दूर रखा गया। रोडवेज प्रबंधन को हाल ही में नियुक्त बस चालक तो मिले मगर कंडक्टर नहीं होने के कारण समस्या हुई। ऐसे में रोडवेज के क्लर्क, सब इंस्पेक्टर और यहां तक कि चालकों को भी कंडक्टर बनाया गया। इतना ही नहीं कुछ पुलिस कर्मचारियों को भी टिकटें थमाई गई। करीब आठ बसों पर पुलिस कर्मी कंडक्टर बने। रोडवेज के जीएम और डीएसपी ने पुलिस कर्मचारियों को कंडक्टर बनाने की बात से इंकार किया।
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एस्मा के उल्लंघन पर 10 पर केस दर्ज
हड़ताल करने वाले कर्मचारी रोडवेज वर्कशॉप मोड़ के पास धरना देकर रोष जताते नजर आए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हड़ताल पूरी तरह सफल है और प्रशासन गुमराह कर रहा है कि 90 बसें चलाई गई। बमुश्किल 20 बसें चलाई हैं और वे भी खाली। कंडक्टर नहीं होने पर पुलिस कर्मचारियों, विभाग के सब इंस्पेक्टर को टिकट काटने की जिम्मेवारी दी है, जोकि गलत है। एस्मा के उल्लंघन के विरोध में ओमप्रकाश, राज कुमार, नरेंद्र कुमार, पवन कुमार, राजेश कुमार, घीसूराम, रणबीर सिंह, सज्जन चालक, जगदीश लिपिक, हरज्ञान के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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कंडक्टर मिलेगा तो वर्कशॉप में से निकालूंगा
बस चालक के भरोसे ही रोडवेज प्रबंधन ने सुबह-सवेरे बस चलाने का प्रयास किया। चालक ने साफ कहा कि वर्कशॉप से बस तब निकालूंगा जब कंडक्टर मिलेगा।
ड्यूटी पर मौजूद कंडक्टर पर भी दर्ज हुआ केस
एस्मा के उल्लंघन के विरोध में 10 कर्मचारियों पर केस दर्ज किया गया है। इसमें कमाल की बात यह है कि एक कंडक्टर जो हड़ताल में शामिल नहीं है और रोडवेज की बस लेकर दिल्ली गया हुआ है। उसके खिलाफ भी केस दर्ज हो गया है। इस बारे में कंडक्टर घीसूराम ने बताया कि वह इस नाम का अकेला कंडक्टर है और उसे भी फोन से सूचना मिली है कि केस दर्ज हुआ है।
वर्जन::::
कर्मचारी हड़ताल कर रहे थे मगर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। हर रोज 100 बसें बस स्टैंड से निकलती हैं और आज 90 बसें चली हैं। आज सवारियां कम रही। एस्मा के तहत 10 कर्मचारियों पर केस दर्ज करवाया गया है। क्लर्क, चालकों और सब इंस्पेक्टर से कंडक्टर का काम लिया गया। पुलिस कर्मियों को सुरक्षा के तौर पर साथ भेजा है। अगर कोई पुलिस कर्मी टिकट कटवाने में मदद करता है तो अच्छी बात है।
सतीश कुमार, एसडीएम और रोडवेज जीएम
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पुलिस फोर्स वर्कशॉप और बस स्टैंड परिसर में तैनात रही। बसों में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस कर्मी साथ भेजे गए है ताकि कर्मचारी रास्ते में ना रूकवाये। पुलिस कर्मियों को कंडक्टर की ड्यूटी नहीं दी गई, वे सिर्फ सुरक्षा के लिए ही साथ थे।
वीरेंद्र सिंह, डीएसपी
हड़ताल सफल रही और कंडक्टर नहीं मिलने पर गलत तरीके से पुलिस कर्मचारियों, रोडवेज के क्लर्क, सब इंस्पेक्टर को टिकटें दी गई। इसके बावजूद बमुश्किल 20 बसें चलाई गई। वे भी खाली दौड़ाई गई। चंडीगढ़ के लिए भेजी बस जींद में खड़ी है। इसी तरह अन्य बसें भी बीच रास्ते में खड़ी हुई।
-राज कुमार दलाल, डिपो प्रधान रोडवेज कर्मचारी यूनियन