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वायु प्रदूषण मापने के लिए लगाई उच्च तकनीक मशीन
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:27 AM IST
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वायु प्रदूषण मापने के लिए जिले में लगाई उच्च तकनीक मशीन
भिवानी। बढ़ते वायु प्रदूषण को मापने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भिवानी के साथ-साथ चरखी दादरी जिले में उच्च तकनीक आधारित आरडीएस मशीन लगाई गई है। इस मशीन की खासियत यह है कि यह वायु में मौजूद कणों की मात्रा को सटीकता के साथ मापती है। प्रदूषण बोर्ड ने इन मशीनों को किराए पर लिया है।
बड़ी मात्रा में खनन कार्य की वजह से इन दिनों भिवानी और चरखी दादरी की आबोहवा की क्वलिटी बेहद खराब हो गई है। स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खराब माने जाने वाले पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 का लेवल दोनों जिलों में 500 से ज्यादा पहुंच चुका है। बता दें कि पीएम 2.5 का लेवल 200 से अधिक होने के बाद खतरनाक माना जाता है। दोनों जिलों में वायु प्रदूषण की स्थिति के मद्देनजर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने किसी प्राइवेट फर्म से किराए पर लेकर दो आरडीएस मशीनों को भिवानी भिजवाया है। लगभग 20 लाख रुपये कीमत की यह मशीन हवा में मौजूद महीन कणों की मात्रा को बताने में सक्षम है। आरडीएस दृश्यता के स्तर को भी अच्छे से माप सकती है। एक मशीन भिवानी के इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट में लगाई गई है और दूसरी मशीन चरखी दादरी के रामलवास गांव में लगाई गई है।
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वायु की क्वालिटी और सुधरी
खनन, उद्योग बंद करने और फॉगर मशीन से पानी के छिड़काव के बाद भिवानी और चरखी दादरी दोनों जिलों की एयर क्वालिटी में अच्छा खासा सुधार हुआ है। जो आंकड़ा 500 के पार पहुंच गया था, अब दोनों ही जिलों में घटकर 200 के आसपास पहुंच गया है।
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वायु प्रदूषण पर नजर रखने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो मशीन किराए पर लेकर यहां भेजा है। इन मशीनों को कुछ समय के लिए रखा गया है। कुछ समय पहले फॉगर मशीन को भी पानी के छिड़काव के लिए भेजा गया था।
- आरके भौंसले, कार्यकारी अभियंता, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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भिवानी। बढ़ते वायु प्रदूषण को मापने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भिवानी के साथ-साथ चरखी दादरी जिले में उच्च तकनीक आधारित आरडीएस मशीन लगाई गई है। इस मशीन की खासियत यह है कि यह वायु में मौजूद कणों की मात्रा को सटीकता के साथ मापती है। प्रदूषण बोर्ड ने इन मशीनों को किराए पर लिया है।
बड़ी मात्रा में खनन कार्य की वजह से इन दिनों भिवानी और चरखी दादरी की आबोहवा की क्वलिटी बेहद खराब हो गई है। स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खराब माने जाने वाले पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 का लेवल दोनों जिलों में 500 से ज्यादा पहुंच चुका है। बता दें कि पीएम 2.5 का लेवल 200 से अधिक होने के बाद खतरनाक माना जाता है। दोनों जिलों में वायु प्रदूषण की स्थिति के मद्देनजर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने किसी प्राइवेट फर्म से किराए पर लेकर दो आरडीएस मशीनों को भिवानी भिजवाया है। लगभग 20 लाख रुपये कीमत की यह मशीन हवा में मौजूद महीन कणों की मात्रा को बताने में सक्षम है। आरडीएस दृश्यता के स्तर को भी अच्छे से माप सकती है। एक मशीन भिवानी के इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट में लगाई गई है और दूसरी मशीन चरखी दादरी के रामलवास गांव में लगाई गई है।
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वायु की क्वालिटी और सुधरी
खनन, उद्योग बंद करने और फॉगर मशीन से पानी के छिड़काव के बाद भिवानी और चरखी दादरी दोनों जिलों की एयर क्वालिटी में अच्छा खासा सुधार हुआ है। जो आंकड़ा 500 के पार पहुंच गया था, अब दोनों ही जिलों में घटकर 200 के आसपास पहुंच गया है।
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वायु प्रदूषण पर नजर रखने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो मशीन किराए पर लेकर यहां भेजा है। इन मशीनों को कुछ समय के लिए रखा गया है। कुछ समय पहले फॉगर मशीन को भी पानी के छिड़काव के लिए भेजा गया था।
- आरके भौंसले, कार्यकारी अभियंता, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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