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Bhiwani News: पिछले साल खरीदा गया 80 हजार मीट्रिक टन सरसों आज भी गोदामों में पड़ा
Fri, 07 Feb 2025 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 07 Feb 2025 11:51 PM IST
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दादरी शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित खेतों में खड़ी सरसों की फसल।
चरखी दादरी। जिले के गोदामाें में पिछले साल खरीदा गया 65 प्रतिशत सरसों अब भी रखा है। 35 प्रतिशत सरसों ही प्राइवेट एजेंसियों ने खरीदा है। वहीं, अब सरसों खरीद का नया सीजन 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है। अगर सरसों की इस बार ज्यादा आवक हुई तो जींद, हिसार व अन्य गोदामों में सरसों को रखना पड़ेगा।
हैफेड की ओर से गत वर्ष चरखी दादरी सहित दो जिलों से खरीदा गया एक लाख 25 हजार मीट्रिन टन सरसों गोदामों में रखा गया था। इसमें से 80 हजार मीट्रिक टन सरसों फिलहाल गोदामों में ही पड़ा है। जिले में कोहलावास व घसोला स्थित गोदामों में सरसों रखा है। वहीं, मौजूदा रबी सीजन में भी सरसों की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है।
दरअसल, सरकार ने सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू करने का निर्णय लिया है। मार्च मध्य से सरसों की कटाई का कार्य शुरू हो जाएगा। उसके बाद किसान कढ़ाई कर मंडी में बिक्री के लिए आएंगे। इस बार सरसों की औसत पैदावार 10.50 लाख क्विंटल होने की उम्मीद है।
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सरसों का बिजित रकबा एक लाख 50 हजार एकड़ है। पिछले साल की तुलना में 10 हजार एकड़ रकबा कम है। सरसों किसानों की नकदी फसल मानी जाती है।
- पिछले पांच सालों के अंदर किसानों का बढ़ा रुझान
पिछले पांच साल से सरसों की फसल की बिजाई के प्रति किसानों का रुझान ज्यादा बढ़ा है। सरसों में लागत खर्च कम व आय ज्यादा होती है। एक या दो सिंचाई में ही काम चल जाता है। सरसों के खेत की रखवाली भी नहीं करनी पड़ती है जबकि गेहूं की रखवाली दिन-रात करनी पड़ती है। सरसों का भाव भी बढि़या मिलता है।
- खरीद केंद्रों में नहीं होगा बदलाव, तैयारियों में जुटे अधिकारी
सरकारी खरीद के लिए अभी से तैयारियां शुरू की जा रही हैं। खरीद केंद्र इस बार भी वही रहेंगे। इनमें कोई बदलाव नहीं होगा। पोर्टल पर दर्ज किसानों से ही सरसों की सरकारी खरीद की जाएगी। खरीद सरकारी समर्थन मूल्य पर की जाएगी। खरीद के 72 घंटे बाद ही किसान को भुगतान कर दिया जाता है। जिले में शहर स्थित नई अनाज मंडी व बाढड़ा अनाज मंडी में सरसों की खरीद की जाती है। कई बार ज्यादा आवक होने पर खरीद केंद्र गांवों में भी बना दिए जाते हैं। ताकि, किसानों को परेशानी न हो।
गोदामों में 65 प्रतिशत सरसों गत वर्ष का रखा है। जरूरत पड़ी तो इस सीजन के खरीदे सरसों को जींद व हिसार भेजा जाएगा। सरसों की 28 की मार्च से होने वाली खरीद के लिए तैयारियां शुरू की जा रही हैं।
-पुनीत कुमार, डीएम
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हैफेड की ओर से गत वर्ष चरखी दादरी सहित दो जिलों से खरीदा गया एक लाख 25 हजार मीट्रिन टन सरसों गोदामों में रखा गया था। इसमें से 80 हजार मीट्रिक टन सरसों फिलहाल गोदामों में ही पड़ा है। जिले में कोहलावास व घसोला स्थित गोदामों में सरसों रखा है। वहीं, मौजूदा रबी सीजन में भी सरसों की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है।
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दरअसल, सरकार ने सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू करने का निर्णय लिया है। मार्च मध्य से सरसों की कटाई का कार्य शुरू हो जाएगा। उसके बाद किसान कढ़ाई कर मंडी में बिक्री के लिए आएंगे। इस बार सरसों की औसत पैदावार 10.50 लाख क्विंटल होने की उम्मीद है।
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सरसों का बिजित रकबा एक लाख 50 हजार एकड़ है। पिछले साल की तुलना में 10 हजार एकड़ रकबा कम है। सरसों किसानों की नकदी फसल मानी जाती है।
- पिछले पांच सालों के अंदर किसानों का बढ़ा रुझान
पिछले पांच साल से सरसों की फसल की बिजाई के प्रति किसानों का रुझान ज्यादा बढ़ा है। सरसों में लागत खर्च कम व आय ज्यादा होती है। एक या दो सिंचाई में ही काम चल जाता है। सरसों के खेत की रखवाली भी नहीं करनी पड़ती है जबकि गेहूं की रखवाली दिन-रात करनी पड़ती है। सरसों का भाव भी बढि़या मिलता है।
- खरीद केंद्रों में नहीं होगा बदलाव, तैयारियों में जुटे अधिकारी
सरकारी खरीद के लिए अभी से तैयारियां शुरू की जा रही हैं। खरीद केंद्र इस बार भी वही रहेंगे। इनमें कोई बदलाव नहीं होगा। पोर्टल पर दर्ज किसानों से ही सरसों की सरकारी खरीद की जाएगी। खरीद सरकारी समर्थन मूल्य पर की जाएगी। खरीद के 72 घंटे बाद ही किसान को भुगतान कर दिया जाता है। जिले में शहर स्थित नई अनाज मंडी व बाढड़ा अनाज मंडी में सरसों की खरीद की जाती है। कई बार ज्यादा आवक होने पर खरीद केंद्र गांवों में भी बना दिए जाते हैं। ताकि, किसानों को परेशानी न हो।
गोदामों में 65 प्रतिशत सरसों गत वर्ष का रखा है। जरूरत पड़ी तो इस सीजन के खरीदे सरसों को जींद व हिसार भेजा जाएगा। सरसों की 28 की मार्च से होने वाली खरीद के लिए तैयारियां शुरू की जा रही हैं।
-पुनीत कुमार, डीएम