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कोरोना से निजी स्कूल के शिक्षक सहित सात की मौत
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भिवानी। जिले में वीरवार का दिन राहत भरा रहा। वीरवार केे कोरोना संक्रमण के महज 55 नए मामले सामने आए, जोकि मई के अब तक के सबसे कम केस हैं। वही कोरोना संक्रमण के 255 केस ठीक हुए। वीरवार को कोरोना संक्रमण से सात की मौत हो गई। जिले में फिलहाल 1218 सक्रिय केस हैं, जिनमें से 286 केस शहरी और 932 केस ग्रामीण क्षेत्र से हैं। वहीं अब तक कुल 528 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। वीरवार को स्वास्थ्यकर्मियों ने 1450 सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे जिनकी रिपोर्ट शुक्रवार सुबह आएगी। जिले में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल 21465 केस सामने आए हैं, जिनमें से 19719 केस ठीक हो चुके हैं।
कोरोना संक्रमण से इन्होंने गंवाई जान
- गांव खरक कलां वासी 61 वर्षीय निजी स्कूल अध्यापक कोरोना संक्रमण के चलते 17 मई को हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल हुआ था। उनकी हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उसे ब्लैक फंगस, कोरोना और अस्थमा ग्रस्त होने की पुष्टि हुई। उसने अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। चिकित्सकों ने उसकी मौत का कारण कोरोना, ब्लैक फंगस और अस्थमा बताए।
- गांव मिठ्ठी वासी 61 वर्षीय व्यक्ति खेतीबाड़ी करता था। 29 अप्रैल को कोरोना संक्रमण के चलते मरीजों ने उसे हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। उपचार के दौरान उसकी हालत गंभीर हो गई और उपचार के दौरान उसने दम तोड़ा दिया।
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- गांव मिरान वासी 52 वर्षीय व्यक्ति हरियाणा रोडवेज में चालक के पद पर कार्यरत था। 19 मई को हिसार की एक लैब में उसे कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की। परिजनों ने उसे हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां 27 मई को उसकी मौत हो गई।
- पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार गांव खरक कलां वासी 65 वर्षीय व्यक्ति बेरोजगार था। 26 मई को कोरोना संक्रमण के कारण उसकी मौत हो गई।
- शांति नगर वासी 45 वर्षीय व्यक्ति कारपेंटर का काम करता था। छह मई को वह कोरोना संक्रमित हो गया था। परिजनों ने उसे जिला सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जिसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
- डीसी कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय व्यक्ति ठेकेदार था। चार मई को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसे उपचार के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। ठेकेदार ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
- कस्बा बहल निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति रसोइया था। नौ मई को कोरोना संक्रमण के कारण उसे जिला सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
सात में से तीन को थी ऑक्सीजन की कमी
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सात लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। एक मरीज ब्लैक फंगस से भी ग्रस्त था तो चिकित्सकों ने उसकी मौत का कारण कोरोना, फंगस और अस्थमा बताया है। कोरोना संक्रमण से मरने वालों में तीन ऑक्सीजन सिलिंडर की मदद से सांस ले रहे थे और तीन मरीज वेंटिलेटर पर थे। ऐसे में कोरोना संक्रमण के प्रति लापरवाही बरतना उचित नहीं है। सरकार व स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बावजूद लोगों मास्क, उचित सामुदायिक दूरी का प्रयोग नहीं कर रहे। ऐसे में कोविड-19 सुरक्षा नियमों का उल्लंघन साफ नजर आ रहा है।
वर्जन::
लॉकडाउन के चलते कोरोना संक्रमण के केस भी कम हुए हैं। ऐसे में अगर नागरिकों से अपील है कि कोरोना संक्रमण को हल्के में न लेते हुए विशेष सावधानी रखें। कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन करें और हम सब मिलकर जल्द ही इस जंग पर विजय हासिल करेंगे।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन।
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कोरोना संक्रमण से इन्होंने गंवाई जान
- गांव खरक कलां वासी 61 वर्षीय निजी स्कूल अध्यापक कोरोना संक्रमण के चलते 17 मई को हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल हुआ था। उनकी हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उसे ब्लैक फंगस, कोरोना और अस्थमा ग्रस्त होने की पुष्टि हुई। उसने अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। चिकित्सकों ने उसकी मौत का कारण कोरोना, ब्लैक फंगस और अस्थमा बताए।
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- गांव मिठ्ठी वासी 61 वर्षीय व्यक्ति खेतीबाड़ी करता था। 29 अप्रैल को कोरोना संक्रमण के चलते मरीजों ने उसे हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। उपचार के दौरान उसकी हालत गंभीर हो गई और उपचार के दौरान उसने दम तोड़ा दिया।
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- गांव मिरान वासी 52 वर्षीय व्यक्ति हरियाणा रोडवेज में चालक के पद पर कार्यरत था। 19 मई को हिसार की एक लैब में उसे कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की। परिजनों ने उसे हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां 27 मई को उसकी मौत हो गई।
- पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार गांव खरक कलां वासी 65 वर्षीय व्यक्ति बेरोजगार था। 26 मई को कोरोना संक्रमण के कारण उसकी मौत हो गई।
- शांति नगर वासी 45 वर्षीय व्यक्ति कारपेंटर का काम करता था। छह मई को वह कोरोना संक्रमित हो गया था। परिजनों ने उसे जिला सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जिसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
- डीसी कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय व्यक्ति ठेकेदार था। चार मई को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसे उपचार के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। ठेकेदार ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
- कस्बा बहल निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति रसोइया था। नौ मई को कोरोना संक्रमण के कारण उसे जिला सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
सात में से तीन को थी ऑक्सीजन की कमी
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सात लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। एक मरीज ब्लैक फंगस से भी ग्रस्त था तो चिकित्सकों ने उसकी मौत का कारण कोरोना, फंगस और अस्थमा बताया है। कोरोना संक्रमण से मरने वालों में तीन ऑक्सीजन सिलिंडर की मदद से सांस ले रहे थे और तीन मरीज वेंटिलेटर पर थे। ऐसे में कोरोना संक्रमण के प्रति लापरवाही बरतना उचित नहीं है। सरकार व स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बावजूद लोगों मास्क, उचित सामुदायिक दूरी का प्रयोग नहीं कर रहे। ऐसे में कोविड-19 सुरक्षा नियमों का उल्लंघन साफ नजर आ रहा है।
वर्जन::
लॉकडाउन के चलते कोरोना संक्रमण के केस भी कम हुए हैं। ऐसे में अगर नागरिकों से अपील है कि कोरोना संक्रमण को हल्के में न लेते हुए विशेष सावधानी रखें। कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन करें और हम सब मिलकर जल्द ही इस जंग पर विजय हासिल करेंगे।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन।