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हेपेटाइटिस सी की दवाइयां एक्सपायरी के बाद खत्म, मरीज परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। हेपेटाइटिस सी के मरीज इन दिनों परेशान हैं। हेपेटाइटिस सी में दी जाने वाली दवा का स्टॉक बीती 28 फरवरी को एक्सपायर हो गया। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी डिमांड मुख्यालय भेजी है, लेकिन अवकाश के चलते यह अभी तक नहीं आ पाई है। मंगलवार को दवाइयां पहुंचने की उम्मीद है। वहीं दवाएं नहीं मिलने से परेशान मरीज पीजीआई तक चक्कर लगा रहे हैं।
हेपेटाइटिस सी बीमारी गंभीर है, लेकिन इसका सरकारी अस्पतालों में इसका नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। प्रदेशभर के अस्पतालों में वैसे तो हेपेटाइटिस सी की दवाइयां एडवांस रखने की हिदायत है लेकिन प्रदेशभर के अधिकतर अस्पतालों में पहले का स्टॉक 28 फरवरी को एक्सपायर हो गया।
22 का चल रहा इलाज
पिछले कुछ समय के दौरान हेपेटाइटिस सी के 140 मरीजों ने अपना उपचार कराया है। वहीं 22 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है। औसतन हर महीने चार से पांच मरीज हेपेटाइटिस सी के सामने आ रहे हैं।
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क्या है हेपेटाइटिस सी बीमारी
हेपेटाइटिस सी लीवर से जुड़ी एक बीमारी है, जिसका संक्रमण लिवर को क्षतिग्रस्त कर सकता है। हालांकि शुरूआती संक्रमण के बाद इसके लक्षणों को पहचानना बेहद कठिन है।
हेपेटाइटिस सी के लक्षण :
- भूख न लगना या बेहद कम भूख लगना
- सामान्य रहते हुए भी थकान महसूस होना
- आंखें पीली होना
- पेट में यकृत की ओर से दर्द महसूस होना
- पीलिया होना भी इसका एक लक्षण हो सकता है
- हल्का बुखार होना एवं खुजली।
सरकार ने हेपेटाइटिस सी के मरीजों को अस्पताल में नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की है। प्राइवेट अस्पतालों में इस बीमारी के इलाज पर एक से डेढ़ लाख तक का खर्च आता है। हेपेटाइटिस सी की दवाइयां 28 फरवरी को एक्सपायर हो गई है। इस बारे में डिमांड भेजी हुई है और मंगलवार तक दवाइयां आने की उम्मीद है।
डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन
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भिवानी। हेपेटाइटिस सी के मरीज इन दिनों परेशान हैं। हेपेटाइटिस सी में दी जाने वाली दवा का स्टॉक बीती 28 फरवरी को एक्सपायर हो गया। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी डिमांड मुख्यालय भेजी है, लेकिन अवकाश के चलते यह अभी तक नहीं आ पाई है। मंगलवार को दवाइयां पहुंचने की उम्मीद है। वहीं दवाएं नहीं मिलने से परेशान मरीज पीजीआई तक चक्कर लगा रहे हैं।
हेपेटाइटिस सी बीमारी गंभीर है, लेकिन इसका सरकारी अस्पतालों में इसका नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। प्रदेशभर के अस्पतालों में वैसे तो हेपेटाइटिस सी की दवाइयां एडवांस रखने की हिदायत है लेकिन प्रदेशभर के अधिकतर अस्पतालों में पहले का स्टॉक 28 फरवरी को एक्सपायर हो गया।
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22 का चल रहा इलाज
पिछले कुछ समय के दौरान हेपेटाइटिस सी के 140 मरीजों ने अपना उपचार कराया है। वहीं 22 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है। औसतन हर महीने चार से पांच मरीज हेपेटाइटिस सी के सामने आ रहे हैं।
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क्या है हेपेटाइटिस सी बीमारी
हेपेटाइटिस सी लीवर से जुड़ी एक बीमारी है, जिसका संक्रमण लिवर को क्षतिग्रस्त कर सकता है। हालांकि शुरूआती संक्रमण के बाद इसके लक्षणों को पहचानना बेहद कठिन है।
हेपेटाइटिस सी के लक्षण :
- भूख न लगना या बेहद कम भूख लगना
- सामान्य रहते हुए भी थकान महसूस होना
- आंखें पीली होना
- पेट में यकृत की ओर से दर्द महसूस होना
- पीलिया होना भी इसका एक लक्षण हो सकता है
- हल्का बुखार होना एवं खुजली।
सरकार ने हेपेटाइटिस सी के मरीजों को अस्पताल में नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की है। प्राइवेट अस्पतालों में इस बीमारी के इलाज पर एक से डेढ़ लाख तक का खर्च आता है। हेपेटाइटिस सी की दवाइयां 28 फरवरी को एक्सपायर हो गई है। इस बारे में डिमांड भेजी हुई है और मंगलवार तक दवाइयां आने की उम्मीद है।
डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन