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सरपंच की कार्यप्रणाली से खफा लोगों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
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सरपंच पर ग्रामीणों ने लगाया सीएम सेनहीं मिलने देने का आरोप, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
बवानी खेड़ा।
सरपंच पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए रोहनात गांव के ग्रामीणों ने बीआर आंबेडकर शहीद सम्मान मोर्चा के प्रधान उमेद सिंह कटारिया के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार की अनुपस्थिति में सीओ को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने सरपंच पर आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से ग्रामीणों को नहीं मिलने दिया और मांग पत्र भी नहीं सौंपने दिया। इसी से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने तहसीलदार की अनुपस्थिति में सीओ को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन देने वालों में बिमला, राजबाला, खजानी, प्रकाशी, दयापति, मोनिका, प्रधान, कर्णसिंह, सुनील आदि ने बताया कि 20 जुलाई 1858 के दिन ब्रिटिश सरकार ने 20656 बीघे 19 बिसवे जमीन कुल 8100 रूपये में नीलाम कर दी थी। गांव रोहनात काफी समय से पूर्व और वर्तमान सरकार से इस बारे में लड़ाई लड़ता रहा लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। 23 मार्च 2018 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव रोहनात में पहुंचकर गांव की आजादी की बात कही लेकिन छोटी मोटी घोषणाओं करके पल्ला झाड़ लिया। इस बारे में सरपंच ने बताया कि गांव के विकास और अन्य का मांगपत्र मुख्यमंत्री के समक्ष पेश कर दिया है।
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फोटो 34
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बवानी खेड़ा।
सरपंच पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए रोहनात गांव के ग्रामीणों ने बीआर आंबेडकर शहीद सम्मान मोर्चा के प्रधान उमेद सिंह कटारिया के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार की अनुपस्थिति में सीओ को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने सरपंच पर आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से ग्रामीणों को नहीं मिलने दिया और मांग पत्र भी नहीं सौंपने दिया। इसी से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने तहसीलदार की अनुपस्थिति में सीओ को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन देने वालों में बिमला, राजबाला, खजानी, प्रकाशी, दयापति, मोनिका, प्रधान, कर्णसिंह, सुनील आदि ने बताया कि 20 जुलाई 1858 के दिन ब्रिटिश सरकार ने 20656 बीघे 19 बिसवे जमीन कुल 8100 रूपये में नीलाम कर दी थी। गांव रोहनात काफी समय से पूर्व और वर्तमान सरकार से इस बारे में लड़ाई लड़ता रहा लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। 23 मार्च 2018 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव रोहनात में पहुंचकर गांव की आजादी की बात कही लेकिन छोटी मोटी घोषणाओं करके पल्ला झाड़ लिया। इस बारे में सरपंच ने बताया कि गांव के विकास और अन्य का मांगपत्र मुख्यमंत्री के समक्ष पेश कर दिया है।
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