{"_id":"59b5901a4f1c1bee7f8b5ab4","slug":"61505071130-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटियां पढ़ेंगे तो कुरीतियों से मुक्त होगा समाज: संत कंवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटियां पढ़ेंगे तो कुरीतियों से मुक्त होगा समाज: संत कंवर
Updated Mon, 11 Sep 2017 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटियां पढ़ेंगी तो कुरीतियों से मुक्त होगा समाज : संत कंवर
भिवानी। राधा स्वामी दिनोद के संत हुजूर कंवर साहब महाराज ने कहा कि बेटी है तो सृष्टि है। बेटियां दो-दो घर को रोशन करती हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाज में बेटियां पढ़ी-लिखी होंगी, वह समाज बुराइयाें और कुरीतियां से तो दूर ही रहेगा, प्रगति के मामले में भी आगे बढ़ेगा। इसलिए हम सभी को मिलकर कन्या भ्रूण हत्या नहीं करने और बेटियों को ज्यादा से ज्यादा शिक्षक बनाने का संकल्प लेना होगा।
रविवार को दिनोद आश्रम में साध संगत को प्रवचन देते हुए हुए कंवर महाराज ने कहा कि अगर हम समय की कीमत को गंवा देते हैं तो वे अवसर हमें दोबारा नहीं मिलते। इंसान को परमात्मा में एक खूबी बख्शी है कि उसमें ज्ञान विवेक, बुद्धि, समझ सब जीवों से ज्यादा है। है। महाराज ने समझाया कि मनुष्य छोटों से प्यार व बड़ों का सम्मान करना सीखें, एक दूसरे के सुख-दुख के भी साझी बने। समाज में फैल रही नशा खोरी और बुराइयों को मिटाने का संकल्प लें।
विज्ञापन
भिवानी। राधा स्वामी दिनोद के संत हुजूर कंवर साहब महाराज ने कहा कि बेटी है तो सृष्टि है। बेटियां दो-दो घर को रोशन करती हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाज में बेटियां पढ़ी-लिखी होंगी, वह समाज बुराइयाें और कुरीतियां से तो दूर ही रहेगा, प्रगति के मामले में भी आगे बढ़ेगा। इसलिए हम सभी को मिलकर कन्या भ्रूण हत्या नहीं करने और बेटियों को ज्यादा से ज्यादा शिक्षक बनाने का संकल्प लेना होगा।
रविवार को दिनोद आश्रम में साध संगत को प्रवचन देते हुए हुए कंवर महाराज ने कहा कि अगर हम समय की कीमत को गंवा देते हैं तो वे अवसर हमें दोबारा नहीं मिलते। इंसान को परमात्मा में एक खूबी बख्शी है कि उसमें ज्ञान विवेक, बुद्धि, समझ सब जीवों से ज्यादा है। है। महाराज ने समझाया कि मनुष्य छोटों से प्यार व बड़ों का सम्मान करना सीखें, एक दूसरे के सुख-दुख के भी साझी बने। समाज में फैल रही नशा खोरी और बुराइयों को मिटाने का संकल्प लें।
विज्ञापन