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मेंटर ग्रुप से महाविद्यालय के छात्रों की गतिविधियों पर रखी जाएगी नजर
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:10 AM IST
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मेंटर ग्रुप से महाविद्यालय के छात्रों की गतिविधियों पर रखी जाएगी नजर
तोशाम। महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र अब कक्षाओं से बंक नहीं मार पाएंगे। महाविद्यालयों में अब छात्रों के मेंटर ग्रुप होंगे। प्रत्येक ग्रुप में छात्रों की संख्या 30 से 50 तक होगी। महाविद्यालय के प्राध्यापक ग्रुप के मेंटर होंगे। ग्रुप एडमिन छात्र की हर गतिविधि का ध्यान रखेंगे वहीं छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं का निदान भी ग्रुप से संबंधित प्राध्यापक ही करेंगे। कक्षाओं में उपस्थिति से लेकर छात्र के चरित्र प्रमाण-पत्र का बनने का कार्य ग्रुप एडमिन के माध्यम से ही होगा।
हाल ही में हुई बैठक में उच्चतर शिक्षा विभाग ने महाविद्यालयों में एक नये प्रयोग के आदेश दिए हैं। विभाग के इस नए आदेश के तहत महाविद्यालय में मेंटर ग्रुप बनाए जाएंगे। ग्रुप मेंटर महाविद्यालय का प्राध्यापक होगा। छात्र किसी भी समस्या के लिए संबंधित मेंटर से ही संपर्क करेगा। उपस्थित से लेकर छात्र की हर गतिविधि का रिकॉर्ड मेंटर के पास रहेगा। लगातार सात दिन तक कक्षा में अनुपस्थित छात्र का महाविद्यालय से नाम काट दिया जाएगा। अभिभावक से संपर्क के बाद ही दोबारा नाम लिखे जाने की प्रक्रिया रहेगी। नाम काटे जाने की रिपोर्ट रोडवेज विभाग को भी दी जाएगी और बस पास रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।
इस संबंध में बनवारीलाल जिंदल सूईवाला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राकेश भारद्वाज ने नये आदेशों की पुष्टि करते हुए बताया कि महाविद्यालय में मेंटर ग्रुप बनाकर प्रत्येक मेंटर को छात्र अलॉट कर दिए गए हैं। महाविद्यालय की वेबसाइट पर पूरी रिपोर्ट डाल दी गई है। जिसके माध्यम से प्रत्येक छात्र जानकारी ले सकता है कि उसका मेंटर कौन है। छात्र किसी भी समस्या के लिए संबंधित मेंटर से संपर्क करेगा।
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तोशाम। महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र अब कक्षाओं से बंक नहीं मार पाएंगे। महाविद्यालयों में अब छात्रों के मेंटर ग्रुप होंगे। प्रत्येक ग्रुप में छात्रों की संख्या 30 से 50 तक होगी। महाविद्यालय के प्राध्यापक ग्रुप के मेंटर होंगे। ग्रुप एडमिन छात्र की हर गतिविधि का ध्यान रखेंगे वहीं छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं का निदान भी ग्रुप से संबंधित प्राध्यापक ही करेंगे। कक्षाओं में उपस्थिति से लेकर छात्र के चरित्र प्रमाण-पत्र का बनने का कार्य ग्रुप एडमिन के माध्यम से ही होगा।
हाल ही में हुई बैठक में उच्चतर शिक्षा विभाग ने महाविद्यालयों में एक नये प्रयोग के आदेश दिए हैं। विभाग के इस नए आदेश के तहत महाविद्यालय में मेंटर ग्रुप बनाए जाएंगे। ग्रुप मेंटर महाविद्यालय का प्राध्यापक होगा। छात्र किसी भी समस्या के लिए संबंधित मेंटर से ही संपर्क करेगा। उपस्थित से लेकर छात्र की हर गतिविधि का रिकॉर्ड मेंटर के पास रहेगा। लगातार सात दिन तक कक्षा में अनुपस्थित छात्र का महाविद्यालय से नाम काट दिया जाएगा। अभिभावक से संपर्क के बाद ही दोबारा नाम लिखे जाने की प्रक्रिया रहेगी। नाम काटे जाने की रिपोर्ट रोडवेज विभाग को भी दी जाएगी और बस पास रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।
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इस संबंध में बनवारीलाल जिंदल सूईवाला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राकेश भारद्वाज ने नये आदेशों की पुष्टि करते हुए बताया कि महाविद्यालय में मेंटर ग्रुप बनाकर प्रत्येक मेंटर को छात्र अलॉट कर दिए गए हैं। महाविद्यालय की वेबसाइट पर पूरी रिपोर्ट डाल दी गई है। जिसके माध्यम से प्रत्येक छात्र जानकारी ले सकता है कि उसका मेंटर कौन है। छात्र किसी भी समस्या के लिए संबंधित मेंटर से संपर्क करेगा।
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