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एल्युमनी मीट में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जीता सबका दिल
Updated Mon, 12 Feb 2018 12:57 AM IST
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एल्युमनी मीट में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जीता सबका दिल
भिवानी। टीआईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित एल्युमनी मीट में छात्रों की नई और पुरानी पीढ़ी मिली तो माहौल खुशगवार हो गया। कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा के दम पर एल्युमनीज (पुरातन छात्र) का दिल जीत लिया। छात्र-छात्राओं के इनोवेटिव मॉडल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की एल्युमनीज ने जमकर तारीफ की।
शनिवार देर रात तक चले महाकुटुंब मिलन समारोह की शुरूआत परिचय से हुई। ज्योत्सना व मुस्कान ने एक-एक करके पुरातन छात्रों का परिचय कराया। समारोह में कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ पुराने छात्रों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोहा। एल्युमनी प्रदीप कुमार गोविल व उनके साथियों ने गीत पेश किया।
तमाशा ग्रुप द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। सुकून द्वारा मनोरम स्वर में गायन किया गया। हाईब्रिड द्वारा मूक अभिनय द्वारा प्रस्तुत किया तथा लोकेश और पारितोष द्वारा धमाकेदार नृत्य प्रस्तुत किया। हिप स्टार द्वारा रैपिंग (द्रुत गायन) पेश किया गया। अरुण द्वारा काव्यपाठ किया गया। निषम एवं सौगात द्वारा पीपीटी द्वारा अनुभव सांझा किया। शेरे पंजाब समूह द्वारा भंगड़ा की प्रस्तुति ने सबको थिरकने पर मजबूर कर दिया। भारतीय संस्कृति एवं पाश्चात्य वेश-भूषाओं के प्रदर्शन के लिए फैशन शो के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। पुरातन छात्रों ने उपलब्ध रोजगार अवसरों से अवगत कराया।
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टीआईटी निदेशक प्रो. डा. जीके त्यागी ने कालेज की प्रगति रिपोर्ट तथा आगामी योजना प्रस्तुत की। कार्यक्रम को सफल बनाने में आशीषराज, कीर्ति, ज्योतसना, सक्षम, अश्वनी व कृष्ण सलोनी एवं दीपिका का अहम योगदान रहा।
आकर्षण का केंद्र बनी मोबाइल चालित तोप
मैकेनिकल ब्रांच के छात्र प्रवीण और हनी की मोबाइल चालित तोप (मोबाइल ऑपरेटिड केनन) प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रही। यह तोप मोबाइल से चलती है और इसमें लगा कैमरा अपने टारगेट को ढूंढकर प्रहार करता है। प्रवीण व हनी ने बताया कि यह तोप 30 दिन में तैयार की और इस पर चार हजार रुपये खर्च आया।
छात्रों ने बनाई ई-बाइक
मैकेनिकल ब्रांच के सेकेंड ईयर के छात्र प्रकाश, आशू और अमित ने ई-बाइक फॉर किड्स बनाई। लकड़ी के फ्रेम की यह ई-बाइम बैटरी से चालित है। छात्रों ने बताया कि यह ई-बाइक एक बार चार्ज करने के बाद आठ से नौ घंटे चल सकती है। इसकी स्पीड 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा है।
फाइबर से तैयार की घर का सजावटी सामान
प्रदर्शनी में टेक्सटाइल फाइनल ईयर के विद्यार्थी अभिलाषा, गायत्री, अंशित व हीना ने कंप्यूटर सॉफ्वेयर में डिजाइनिंग कर फाइबर की शीट से कई तरह की वस्तुएं तैयार की। घर में सजावट के लिए बेडशीट, पर्दे, चेयर कवर, टाई, रूमाल व सोफा सेट के कवर को तैयार किए। अभिलाषा ने बताया कि कंप्यूटर मेें साफ्टवेयर का उपयोग कर पहले डिजाइन तैयार किया गया और फाइबर की शीट पर उसे उतारा गया है। कम खर्च पर यह सब सामना तैयार हो जाता है।
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कपड़े व तौलिए से बनाए जूते-बैली
कालेज के छात्र शिवम, अनुपम, प्रशांत, लवली ने पुराने कपड़े और तौलिए से आकर्षक जूते-बैली तैयार किए। छात्रों ने प्रदर्शनी में 32 तरह के अलग-अलग जूतों के डिजाइन बनाए। जिसमें लड़कियों के स्लीपर, बैली, फार्मल, स्पोट्र्स के जूतों पर डिजाइन कर तरह-तरह की पेंटिग की गई । इनके मूल्य 300 से 700 तक का रखा गया।
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भिवानी। टीआईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित एल्युमनी मीट में छात्रों की नई और पुरानी पीढ़ी मिली तो माहौल खुशगवार हो गया। कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा के दम पर एल्युमनीज (पुरातन छात्र) का दिल जीत लिया। छात्र-छात्राओं के इनोवेटिव मॉडल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की एल्युमनीज ने जमकर तारीफ की।
शनिवार देर रात तक चले महाकुटुंब मिलन समारोह की शुरूआत परिचय से हुई। ज्योत्सना व मुस्कान ने एक-एक करके पुरातन छात्रों का परिचय कराया। समारोह में कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ पुराने छात्रों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोहा। एल्युमनी प्रदीप कुमार गोविल व उनके साथियों ने गीत पेश किया।
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तमाशा ग्रुप द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। सुकून द्वारा मनोरम स्वर में गायन किया गया। हाईब्रिड द्वारा मूक अभिनय द्वारा प्रस्तुत किया तथा लोकेश और पारितोष द्वारा धमाकेदार नृत्य प्रस्तुत किया। हिप स्टार द्वारा रैपिंग (द्रुत गायन) पेश किया गया। अरुण द्वारा काव्यपाठ किया गया। निषम एवं सौगात द्वारा पीपीटी द्वारा अनुभव सांझा किया। शेरे पंजाब समूह द्वारा भंगड़ा की प्रस्तुति ने सबको थिरकने पर मजबूर कर दिया। भारतीय संस्कृति एवं पाश्चात्य वेश-भूषाओं के प्रदर्शन के लिए फैशन शो के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। पुरातन छात्रों ने उपलब्ध रोजगार अवसरों से अवगत कराया।
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टीआईटी निदेशक प्रो. डा. जीके त्यागी ने कालेज की प्रगति रिपोर्ट तथा आगामी योजना प्रस्तुत की। कार्यक्रम को सफल बनाने में आशीषराज, कीर्ति, ज्योतसना, सक्षम, अश्वनी व कृष्ण सलोनी एवं दीपिका का अहम योगदान रहा।
आकर्षण का केंद्र बनी मोबाइल चालित तोप
मैकेनिकल ब्रांच के छात्र प्रवीण और हनी की मोबाइल चालित तोप (मोबाइल ऑपरेटिड केनन) प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रही। यह तोप मोबाइल से चलती है और इसमें लगा कैमरा अपने टारगेट को ढूंढकर प्रहार करता है। प्रवीण व हनी ने बताया कि यह तोप 30 दिन में तैयार की और इस पर चार हजार रुपये खर्च आया।
छात्रों ने बनाई ई-बाइक
मैकेनिकल ब्रांच के सेकेंड ईयर के छात्र प्रकाश, आशू और अमित ने ई-बाइक फॉर किड्स बनाई। लकड़ी के फ्रेम की यह ई-बाइम बैटरी से चालित है। छात्रों ने बताया कि यह ई-बाइक एक बार चार्ज करने के बाद आठ से नौ घंटे चल सकती है। इसकी स्पीड 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा है।
फाइबर से तैयार की घर का सजावटी सामान
प्रदर्शनी में टेक्सटाइल फाइनल ईयर के विद्यार्थी अभिलाषा, गायत्री, अंशित व हीना ने कंप्यूटर सॉफ्वेयर में डिजाइनिंग कर फाइबर की शीट से कई तरह की वस्तुएं तैयार की। घर में सजावट के लिए बेडशीट, पर्दे, चेयर कवर, टाई, रूमाल व सोफा सेट के कवर को तैयार किए। अभिलाषा ने बताया कि कंप्यूटर मेें साफ्टवेयर का उपयोग कर पहले डिजाइन तैयार किया गया और फाइबर की शीट पर उसे उतारा गया है। कम खर्च पर यह सब सामना तैयार हो जाता है।
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कपड़े व तौलिए से बनाए जूते-बैली
कालेज के छात्र शिवम, अनुपम, प्रशांत, लवली ने पुराने कपड़े और तौलिए से आकर्षक जूते-बैली तैयार किए। छात्रों ने प्रदर्शनी में 32 तरह के अलग-अलग जूतों के डिजाइन बनाए। जिसमें लड़कियों के स्लीपर, बैली, फार्मल, स्पोट्र्स के जूतों पर डिजाइन कर तरह-तरह की पेंटिग की गई । इनके मूल्य 300 से 700 तक का रखा गया।