{"_id":"5bdb52b2bdec2269c2365b15","slug":"31541100210-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव चांग में 250 तो खरक राजायान में 125 लोगों ने किया था शौचालयों का निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव चांग में 250 तो खरक राजायान में 125 लोगों ने किया था शौचालयों का निर्माण
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चांग। स्वच्छता भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त का सपना तो सरकार धरातल पर उतरना चाहता हैं लेकिन शौचालय निर्माण के लिए दी जाने वाली राशि में लेटलतीफी का आलम यह है कि शौचालय निर्माण कराए जाने के एक साल बाद भी आवेदन करने वालों के खाते में रुपये नहीं आए। कुछ इस तरह का आरोप गांव खरक और गांव चांग के लिए लोगों ने सरकार पर लगाए। लोगों ने जिला प्रशासन ने शौचालय निर्माण के लिए जल्द से जल्द दिलाए जाने की मांग की है।
गांव खरक के सरपंच राजेश धानक ने बताया कि वर्ष 2017 में गांव खरक राजायान में लोगों ने 125 शौचालयों का निर्माण अपने रुपये खर्च करके बनवाया था। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से पैसे मिलने की आस में लोगों ने पैसे ब्याज या अपने पशु बेचकर शौचालयों का निर्माण तो करवा लिया, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी लोगों को एक भी रुपया नहीं मिला है। राजेश ने बताया कि गांव के लोग उनके पास आकर लड़ाई करने को उतारू हो जाते है कि हमारे रुपये कब आएंगे। ऐसा ही हाल गांव चांग में है। गांव चांग में भी करीब 250 लोगों ने अपने अपने घरों में शौचालयों का निर्माण करवाया था, लेकिन सिर्फ 25 लाभ पात्रों को सरकार की तरफ से अभी तक रुपये मिले है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनवाए थे शौचालय
वर्ष 2017 में स्वच्छ भारत अभियान के तहत किसी गांव में तो सरपंच ने लोगों को सामान देकर शौचालय का निर्माण करवाया था। लेकिन कुछ गांव में लोगों ने अपने पैसे लगाकर शौचालय का निर्माण करवाया था। गांव में शौचालय निर्माण करने पर एक लाभ पात्र को सरकार की तरफ से 12 हजार रुपये मिलने थे, लेकिन अभी तक एक भी रुपया लोगों को नही मिला है।
गांव खरक के सरपंच राजेश धानक ने बताया कि वर्ष 2017 में गांव खरक राजायान में लोगों ने 125 शौचालयों का निर्माण अपने रुपये खर्च करके बनवाया था। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से पैसे मिलने की आस में लोगों ने पैसे ब्याज या अपने पशु बेचकर शौचालयों का निर्माण तो करवा लिया, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी लोगों को एक भी रुपया नहीं मिला है। राजेश ने बताया कि गांव के लोग उनके पास आकर लड़ाई करने को उतारू हो जाते है कि हमारे रुपये कब आएंगे। ऐसा ही हाल गांव चांग में है। गांव चांग में भी करीब 250 लोगों ने अपने अपने घरों में शौचालयों का निर्माण करवाया था, लेकिन सिर्फ 25 लाभ पात्रों को सरकार की तरफ से अभी तक रुपये मिले है।
विज्ञापन
स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनवाए थे शौचालय
वर्ष 2017 में स्वच्छ भारत अभियान के तहत किसी गांव में तो सरपंच ने लोगों को सामान देकर शौचालय का निर्माण करवाया था। लेकिन कुछ गांव में लोगों ने अपने पैसे लगाकर शौचालय का निर्माण करवाया था। गांव में शौचालय निर्माण करने पर एक लाभ पात्र को सरकार की तरफ से 12 हजार रुपये मिलने थे, लेकिन अभी तक एक भी रुपया लोगों को नही मिला है।
विज्ञापन