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नहर टूटने से गेहूं व सरसों की फसल डूबी
Updated Thu, 16 Nov 2017 02:22 AM IST
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नहर टूटने से गेहूं और सरसों की फसल डूबी
बहल
बहल के समीप ढ़ाणी सहजमानपुर गांव में सोरा डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने से करीब छह एकड़ जमीन में लगी फसल जलमग्न हो गई। तीन से पांच फुट तक पानी भरने से करीब तीन एकड़ की गेहूं और तीन एकड़ में लगी सरसों की फसल खराब हो गई। नहर टूटने के बाद करीब छह घंटे बाद पानी का बहाव रूक सका हालांकि पानी को ढाई घंटे बाद ही बंद कर दिया गया था।
ढ़ाणी सहजमानपुर के किसान ईश्वर सिंह सांगवान और नवभार सांगवान के लिए मंगलवार की रात आफत बनकर आई। रात को करीब साढ़े बारह बजे उनके खेत के समीप से निकल रही सोरा डिस्ट्रीब्यूटरी की आरडी नंबर 133800 का बेड दरक गया। बेड के टूटने से पानी नहर के नीचे से जाना शुरू हो गया। कुछ ही देर में पानी के तेज बहाव से करीब बीस फीट दूरी तक नहर टूट गई और पानी खेतों में जाना शुरू हो गया। पानी नहर के साथ लगते दोनों किसानों के खेतों में खड़ी फसल में भर गया। नहर के दोनों तरफ से आ रहा पानी खेत में करीब पांच फीट तक भर गया और तीन एकड़ की सरसों और तीन एकड़ की गेहूं की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई। ग्रामीणों ने मिलकर नहर को पाटने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बाद में नहर विभाग को सूचित किया तो पानी को करीब 2:30 बजे बंद किया जा सका। रात भर चले पानी का बहाव सुबह साढ़े छह बजे रुक सका। नहर विभाग के कनाल गार्ड मनोज कुमार ने बताया कि संभव है कि नहर के कमजोर पड़ चुके बेड में चूहों के बिलों से दरार आ है तथा उससे ही नहर टूटी है। उन्होंने बताया कि विभाग ने दिन भर नहर को दुरुस्त कर शाम तक पानी को चला दिया है।
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किसान सभा ने जताई नाराजगी
बार-बार नहरों के टूटने से किसानों को रहे नुकसान को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा ने नहर विभाग की खिंचाई की है। सभा के प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया ने कहा कि नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाकर बेशक नहर विभाग झूठी वाहवाही लूट रहा है। पिछले एक साल में ऐसी आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी है जब किसानों को नहर टूटने से नुकसान झेलना पड़ा है। उन्होंने कहा कि नहर विभाग असल मायने में किसानों को पानी देना चाहता है तो नहरों के साथ लगे खेतों की मोरियों को खोलने की इजाजत दे ताकि किसानों को पानी का फायदा मिल सके। सीधे नहर में पानी चलाने से पुरानी नहरें पानी के बहाव को सहन नहीं कर पा रही है जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने किसानों के लिए मुआवजे की मांग की है।
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बहल
बहल के समीप ढ़ाणी सहजमानपुर गांव में सोरा डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने से करीब छह एकड़ जमीन में लगी फसल जलमग्न हो गई। तीन से पांच फुट तक पानी भरने से करीब तीन एकड़ की गेहूं और तीन एकड़ में लगी सरसों की फसल खराब हो गई। नहर टूटने के बाद करीब छह घंटे बाद पानी का बहाव रूक सका हालांकि पानी को ढाई घंटे बाद ही बंद कर दिया गया था।
ढ़ाणी सहजमानपुर के किसान ईश्वर सिंह सांगवान और नवभार सांगवान के लिए मंगलवार की रात आफत बनकर आई। रात को करीब साढ़े बारह बजे उनके खेत के समीप से निकल रही सोरा डिस्ट्रीब्यूटरी की आरडी नंबर 133800 का बेड दरक गया। बेड के टूटने से पानी नहर के नीचे से जाना शुरू हो गया। कुछ ही देर में पानी के तेज बहाव से करीब बीस फीट दूरी तक नहर टूट गई और पानी खेतों में जाना शुरू हो गया। पानी नहर के साथ लगते दोनों किसानों के खेतों में खड़ी फसल में भर गया। नहर के दोनों तरफ से आ रहा पानी खेत में करीब पांच फीट तक भर गया और तीन एकड़ की सरसों और तीन एकड़ की गेहूं की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई। ग्रामीणों ने मिलकर नहर को पाटने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बाद में नहर विभाग को सूचित किया तो पानी को करीब 2:30 बजे बंद किया जा सका। रात भर चले पानी का बहाव सुबह साढ़े छह बजे रुक सका। नहर विभाग के कनाल गार्ड मनोज कुमार ने बताया कि संभव है कि नहर के कमजोर पड़ चुके बेड में चूहों के बिलों से दरार आ है तथा उससे ही नहर टूटी है। उन्होंने बताया कि विभाग ने दिन भर नहर को दुरुस्त कर शाम तक पानी को चला दिया है।
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किसान सभा ने जताई नाराजगी
बार-बार नहरों के टूटने से किसानों को रहे नुकसान को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा ने नहर विभाग की खिंचाई की है। सभा के प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया ने कहा कि नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाकर बेशक नहर विभाग झूठी वाहवाही लूट रहा है। पिछले एक साल में ऐसी आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी है जब किसानों को नहर टूटने से नुकसान झेलना पड़ा है। उन्होंने कहा कि नहर विभाग असल मायने में किसानों को पानी देना चाहता है तो नहरों के साथ लगे खेतों की मोरियों को खोलने की इजाजत दे ताकि किसानों को पानी का फायदा मिल सके। सीधे नहर में पानी चलाने से पुरानी नहरें पानी के बहाव को सहन नहीं कर पा रही है जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने किसानों के लिए मुआवजे की मांग की है।
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