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शिक्षाबोर्ड का कारनामा एक विषय के पुन:मूल्यांकन में बढ़े 30 अंक
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के परीक्षा परिणाम में बड़ी लापरवाही सामने आई है। परीक्षा में कम अंक आने पर जब विद्यार्थी ने अपने विषय का पुनर्मूल्यांकन करवाया तो उसके 30 अंक बढ़ गए।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोहाड़ की छात्रा काजल ने मार्च 2020 में दसवीं की परीक्षा दी थी। परीक्षा परिणाम में उसे सामाजिक विज्ञान में केवल सात अंक प्राप्त हुए, जबकि अन्य विषयों में अच्छे अंक मिले। परिणाम अनुसार उसका सामाजिक विज्ञान में री-अपीयर आ गया। इसे देखकर छात्रा काजल हताश थी। सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले अर्थशास्त्र के प्रवक्ता विकाश शर्मा ने छात्रा के पिता सुरेंद्र कुमार से संपर्क किया और उन्हें पुनर्मूल्यांकन करने के लिए कहा, जिसके बाद उन्होंने पुनर्मूल्यांकन करवाया। इसमें उसको सामाजिक विज्ञान के विषय में 30 अंकों की बढ़ोतरी हुई।
हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के पूर्व राज्य महासचिव विकास शर्मा ने कहा कि शिक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षा परिणाम में इस प्रकार की लापरवाही बरतना गलत है। शिक्षा बोर्ड अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करना बंद करे।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोहाड़ की छात्रा काजल ने मार्च 2020 में दसवीं की परीक्षा दी थी। परीक्षा परिणाम में उसे सामाजिक विज्ञान में केवल सात अंक प्राप्त हुए, जबकि अन्य विषयों में अच्छे अंक मिले। परिणाम अनुसार उसका सामाजिक विज्ञान में री-अपीयर आ गया। इसे देखकर छात्रा काजल हताश थी। सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले अर्थशास्त्र के प्रवक्ता विकाश शर्मा ने छात्रा के पिता सुरेंद्र कुमार से संपर्क किया और उन्हें पुनर्मूल्यांकन करने के लिए कहा, जिसके बाद उन्होंने पुनर्मूल्यांकन करवाया। इसमें उसको सामाजिक विज्ञान के विषय में 30 अंकों की बढ़ोतरी हुई।
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हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के पूर्व राज्य महासचिव विकास शर्मा ने कहा कि शिक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षा परिणाम में इस प्रकार की लापरवाही बरतना गलत है। शिक्षा बोर्ड अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करना बंद करे।
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