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जिले में पहली बार मिले डेंगू के 24 मरीज, आंकड़ा हुआ 265

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 12:30 AM IST
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24 dengue patients found for the first time in the district, the figure was 265
घरों में जाकर पानी की टंकी में डेंगू मच्छर का लारवा चेक करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद - फोटो : Bhiwani
भिवानी। जिले में डेंगू मच्छर के डंक का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को डेंगू के मरीजों ने इस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शुक्रवार को पहली बार डेंगू के 24 मरीज सामने आए हैं, जिसके बाद डेंगू मरीजों की संख्या 265 हो गई है। लगातार बढ़ रहे मरीज स्वास्थ्य विभाग के लिए भी बड़ी समस्या बनते जा रहे हैैं। विभाग ने एंटी लारवा अभियान और फीवर मास सर्वे को अधिक सक्रिय कर दिया है। वहीं दूसरी ओर प्लेटलेट्स किट न होने से मरीजों को भी एसडीपी यूनिट के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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एंटी लारवा अभियान और फीवर मास सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग की 141 टीमें जुटी हुई हैं। शुक्रवार को स्वास्थ्यकर्मियों ने मलेरिया की जांच के लिए 310 ब्लड स्लाइड बनाईं। इनमें शहरी क्षेत्र में 44 और ग्रामीण क्षेत्र में 266 आशंकित मरीजों की ब्लड स्लाइड बनाई। हालांकि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। शुक्रवार को डेंगू की जांच के लिए 60 आशंकित मरीजों के सैंपल नागरिक अस्पताल की लैब में भेजे हैं। मलेरिया की जांच के लिए जिले में अब तक 13606 ब्लड स्लाइड बनाई हैं। डेंगू की जांच के लिए 1895 सैंपल लिए है। जिले में मलेरिया का कोई मरीज सामने नहीं आया है। वहीं डेंगू के 265 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें से 254 मरीज रिकवर हो गए है, बाकि के 11 मरीज नागरिक अस्पताल व अन्य निजी अस्पतालों में दाखिल है। एंटी लारवा अभियान के दौरान डेंगू मच्छर का लारवा मिलने पर 4090 मरीजों को चेतावनी नोटिस जारी किया जा चुका है।
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नागरिक अस्पताल में नहीं प्लेटलेट्स की सुविधा
वहीं डेंगू में मरीज की प्लेटलेट्स कम हो जाती है, जिसकी वजह से मरीज की हालत बिगड़ जाती है। मरीज की प्लेटलेट्स काम होने से चिकित्सक उसे एसडीपी या फिर आरडीपी यूनिट लगाते हैं। नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की कोई सुविधा नहीं है, जबकि शहर के निजी ब्लड बैंक फ्रीडम ब्लड बैंक में भी एसडीपी किट खत्म हो चुकी है। मरीज के परिजन प्लेटलेट्स के लिए परेशान हैं। ऐसे में मजबूरी में वे एसडीपी की यूनिट की जगह आरडीपी यूनिट लगवा रहे हैं, ताकि मरीज का स्वास्थ्य ठीक रहे।
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नहीं मिला सकारात्मक जवाब
पिछले तीन-चार दिन से ब्लड बैंक में एसडीपी किट का स्टॉक खत्म हो रखा है। ऐसे में जो लोग एसडीपी यूनिट लेने के लिए आ रहे हैं उन्हें आरडीपी यूनिट उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि मरीज की हालत न बिगड़े। किट के लिए कई बार कंपनी के अधिकारियों से बात कर ली, मगर अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है।

- डॉ. नवीन पंघाल, प्रबंधन निदेशक, फ्रीडम ब्लड बैंक भिवानी।
उपायुक्त को भी दे चुके ज्ञापन
एसडीपी किट उपलब्ध करवाने और नागरिक अस्पताल की ब्लड सेपरेटर मशीन को शुरू करवाने के लिए उपायुक्त को ज्ञापन सौंप चुके हैं। प्रशासन और सरकार से मांग है कि वे डेंगू के मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उचित संसाधन उपलब्ध करवाएं। रक्तदान के लिए डोनर इंतजार कर रहे हैं, मगर किट न होने की वजह से रक्तदान नहीं कर पा रहे हैं।
- राजेश डुडेजा, रक्तवीर भिवानी।
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