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Bhiwani News: शेड्यूल से पांच दिन पहले नहरों में पहुंचा 2200 क्यूसेक पानी
Tue, 28 Mar 2023 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 28 Mar 2023 11:53 PM IST
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भिवानी। निर्धारित शेड्यूल से पांच दिन पहले ही जिले की मुख्य नहरों में 2200 क्यूसेक पानी पहुंचा गया है। इसके बाद शहर को भी राशनिंग से निजात मिल जाएगी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का दावा है कि बुधवार से पूरे शहर में नियमित पेयजल सप्लाई सुचारु कर दी जाएगी। पुराने जलघर के टैंक सूख चुके थे। वहीं शहरी बूस्टरों में भी दो से तीन दिन सप्लाई का ही पानी बचा था, मगर ऐन वक्त पर मुख्यमंत्री के भिवानी आगमन को लेकर उच्चाधिकारियों ने शेड्यूल से पहले ही अतिरिक्त नहरी पानी का इंतजाम करा दिया है। इससे पूरे जिले को गर्मी के मौसम में प्यास बुझाने के लिए बड़ी राहत मिलेगी।
गर्मी की शुरुआत मेंं पूरा शहर जलसंकट से जूझ रहता रहा, इसकी वजह नहरी पानी की कमी बनी थी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने 20 मार्च के बाद ही शहर में पानी की राशनिंग शुरू कर एक दिन के बाद एक दिन पेयजल सप्लाई का शेड्यूल बना दिया था। इस लिहाज से भी पानी की आपूर्ति देने में अब पुराने जलघर के टैंक सूख चुके हैं। शेड्यूल के हिसाब से तीन अप्रैल को सुंदर ग्रुप की नहरों में पानी आना था, लेकिन दो अप्रैल को ही भिवानी में मुख्यमंत्री मनोहरलाल का तीन दिवसीय दौरा है। जिसको लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से बात कर नहर आने से पहले ही अतिरिक्त पानी की डिमांड की। जिसके बाद सोमवार देर रात को ही मोहला हेड पर पानी पहुंच गया। सिंचाई विभाग की माने तो मोहला हेड से जिले की नहरों में पानी मंगलवार सुबह पहुंच गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि उनका प्रयास रहेगा कि अतिरिक्त पानी के अलावा शेड्यूल के हिसाब से भी हिस्से का पूरा पानी मिले। मुख्यमंत्री आगमन से पहले गंभीर जलसंकट से जूझ रहे शहर और ग्रामीण क्षेत्र की आबादी को नहरी पानी मिलने से बड़ी राहत मिली है, क्योंकि पानी को लेकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में त्राही-त्राही मची थी।
अतिरिक्त पंप लगाकर भरे जाएंगे पानी के टैंक
पुराने जलघर में दूसरा नया टैंक निर्माण का काम भी करीब 90 फीसदी तक पूरा हो चुका है। इससे पहले एक नया टैंक पहले से ही चालू हो चुका है। नए टैंक को पानी से भरने के लिए अतिरिक्त पंप भी लगाए जाएंगे। ताकि नया टैंक पूरी तरह से भरा जा सके। अगर एक बार ये टैंक भर गया तो 20 दिन तक पेयजल आपूर्ति देने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके अलावा अप्रैल में दूसरे टैंक का काम भी पूरा हो जाएगा। जिसके बाद मई से नए वाटर टैंक को भी पेयजल सप्लाई देने के लिए पानी भंडारण में इस्तेमाल किया जा सकेगा। जिसकी तैयारियां चल रही हैं।
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ये हैं जिले की नहरों में पानी की स्थिति
नहर का नाम-
पानी की मात्रा क्यूसेक में
सुंदर नहर-
847 क्यूसेक
मिताथल नहर-
301 क्यूसेक
जूई नहर-
872 क्यूसेक
मंगलवार सुबह नहरों में पानी आ गया है। शाम तक जलघरों के टैंकों को भरना शुरू करा देंगे। अतिरिक्त पंप लगाकर जलघर के टैंकों को भरा जाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि गर्मी में इस तरह की समस्या फिर से न बने। इसके लिए पुराने जलघर के दूसरे टैंक को भी मई में नहरी पानी से भराना सुनिश्चित कराएंगे। एक नया टैंक पहले ही चालू करा दिया है। बुधवार से राशनिंग खत्म कर पूरे शहर में नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति कराएंगे।
-सुरज प्रकाश जैन, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा, भिवानी।
सोमवार रात को मोहला हेड पर पानी पहुंच गया। नहरों में 2200 क्यूसेक पानी चल रहा है। फिलहाल पानी की डिमांड भी कम है, इसलिए हमारी प्राथमिकता शहरी और ग्रामीण जलघर के टैंकों को भरना रहेगी। शेड्यूल के अनुसार जिले को पूरा नहरी पानी दिया जाएगा।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, यमुना जल सेवाएं परिमंडल, भिवानी।
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गर्मी की शुरुआत मेंं पूरा शहर जलसंकट से जूझ रहता रहा, इसकी वजह नहरी पानी की कमी बनी थी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने 20 मार्च के बाद ही शहर में पानी की राशनिंग शुरू कर एक दिन के बाद एक दिन पेयजल सप्लाई का शेड्यूल बना दिया था। इस लिहाज से भी पानी की आपूर्ति देने में अब पुराने जलघर के टैंक सूख चुके हैं। शेड्यूल के हिसाब से तीन अप्रैल को सुंदर ग्रुप की नहरों में पानी आना था, लेकिन दो अप्रैल को ही भिवानी में मुख्यमंत्री मनोहरलाल का तीन दिवसीय दौरा है। जिसको लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से बात कर नहर आने से पहले ही अतिरिक्त पानी की डिमांड की। जिसके बाद सोमवार देर रात को ही मोहला हेड पर पानी पहुंच गया। सिंचाई विभाग की माने तो मोहला हेड से जिले की नहरों में पानी मंगलवार सुबह पहुंच गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि उनका प्रयास रहेगा कि अतिरिक्त पानी के अलावा शेड्यूल के हिसाब से भी हिस्से का पूरा पानी मिले। मुख्यमंत्री आगमन से पहले गंभीर जलसंकट से जूझ रहे शहर और ग्रामीण क्षेत्र की आबादी को नहरी पानी मिलने से बड़ी राहत मिली है, क्योंकि पानी को लेकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में त्राही-त्राही मची थी।
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अतिरिक्त पंप लगाकर भरे जाएंगे पानी के टैंक
पुराने जलघर में दूसरा नया टैंक निर्माण का काम भी करीब 90 फीसदी तक पूरा हो चुका है। इससे पहले एक नया टैंक पहले से ही चालू हो चुका है। नए टैंक को पानी से भरने के लिए अतिरिक्त पंप भी लगाए जाएंगे। ताकि नया टैंक पूरी तरह से भरा जा सके। अगर एक बार ये टैंक भर गया तो 20 दिन तक पेयजल आपूर्ति देने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके अलावा अप्रैल में दूसरे टैंक का काम भी पूरा हो जाएगा। जिसके बाद मई से नए वाटर टैंक को भी पेयजल सप्लाई देने के लिए पानी भंडारण में इस्तेमाल किया जा सकेगा। जिसकी तैयारियां चल रही हैं।
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ये हैं जिले की नहरों में पानी की स्थिति
नहर का नाम-
पानी की मात्रा क्यूसेक में
सुंदर नहर-
847 क्यूसेक
मिताथल नहर-
301 क्यूसेक
जूई नहर-
872 क्यूसेक
मंगलवार सुबह नहरों में पानी आ गया है। शाम तक जलघरों के टैंकों को भरना शुरू करा देंगे। अतिरिक्त पंप लगाकर जलघर के टैंकों को भरा जाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि गर्मी में इस तरह की समस्या फिर से न बने। इसके लिए पुराने जलघर के दूसरे टैंक को भी मई में नहरी पानी से भराना सुनिश्चित कराएंगे। एक नया टैंक पहले ही चालू करा दिया है। बुधवार से राशनिंग खत्म कर पूरे शहर में नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति कराएंगे।
-सुरज प्रकाश जैन, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा, भिवानी।
सोमवार रात को मोहला हेड पर पानी पहुंच गया। नहरों में 2200 क्यूसेक पानी चल रहा है। फिलहाल पानी की डिमांड भी कम है, इसलिए हमारी प्राथमिकता शहरी और ग्रामीण जलघर के टैंकों को भरना रहेगी। शेड्यूल के अनुसार जिले को पूरा नहरी पानी दिया जाएगा।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, यमुना जल सेवाएं परिमंडल, भिवानी।