{"_id":"5c7c2b57bdec2253a33c6872","slug":"21551641431-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। गांव चांग में कानूनी जागरूकता शिविर लगाकर ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों को बताया गया।
रविवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिफा के मार्गदर्शन में अधिवक्ता अनिल गिल और पीएलवी कंचन ने
बताया कि एसिड फेंकने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। बताया कि प्रदेश सरकार की तरफ से पीड़ित को 8 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाती है।
ग्रामीणों को फसली अवशेष व पराली नहीं जलाने के प्रति जागरूक किया। फसली अवशेष जलाने से जहां एक तरफ वातावरण प्रदूषित होता है, वहीं दूसरी और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी कम होती है। इसकी वजह से खेती की पैदावार पर भी प्रतिकुल प्रभाव पड़ता है। फसल अवशेष को जलाना कानूनी अपराध है। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि उपकरण कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा सब्सिीडी दरों पर उपलब्ध करवाए जाते हैं। उन्होंने किसानों से फसली अवशेषों को जलाने की बजाय कृषि उपकरणों से खेत की मिट्टी में ही मिलाने को कहा ताकि भूमि उर्वरा शक्ति को बनाए रखा जा सकें।इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि बीरसिंह, कर्ण सिंह, पंकज, भोलू, मोनू, रामफल, मैदान, अमित, मलखान व धर्मपाल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
भिवानी। गांव चांग में कानूनी जागरूकता शिविर लगाकर ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों को बताया गया।
रविवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिफा के मार्गदर्शन में अधिवक्ता अनिल गिल और पीएलवी कंचन ने
बताया कि एसिड फेंकने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। बताया कि प्रदेश सरकार की तरफ से पीड़ित को 8 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाती है।
ग्रामीणों को फसली अवशेष व पराली नहीं जलाने के प्रति जागरूक किया। फसली अवशेष जलाने से जहां एक तरफ वातावरण प्रदूषित होता है, वहीं दूसरी और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी कम होती है। इसकी वजह से खेती की पैदावार पर भी प्रतिकुल प्रभाव पड़ता है। फसल अवशेष को जलाना कानूनी अपराध है। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि उपकरण कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा सब्सिीडी दरों पर उपलब्ध करवाए जाते हैं। उन्होंने किसानों से फसली अवशेषों को जलाने की बजाय कृषि उपकरणों से खेत की मिट्टी में ही मिलाने को कहा ताकि भूमि उर्वरा शक्ति को बनाए रखा जा सकें।इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि बीरसिंह, कर्ण सिंह, पंकज, भोलू, मोनू, रामफल, मैदान, अमित, मलखान व धर्मपाल आदि मौजूद थे।