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सात साल से नौकरी करने वालो को दिया जाएगा ग्रेड पे
Updated Sat, 02 Jun 2018 01:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
वैश्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी में शिक्षकों को दोबारा से लिखित परीक्षा और इंटरव्यू देने के निर्देशों के बाद उठा विवाद शुक्रवार को तीन दिन बाद राजनीतिक हस्तक्षेप और करीब पांच घंटे चली बैठक के बाद सुलझ गया। सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक घनश्याम सर्राफ के अलावा हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन और वाइस चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज की मौजूदगी में मैनेजमेंट ने कर्मचारियों की मांगें मानी। इस दौराना फैसला लिया गया कि किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा और सभी को ज्वाइनिंग लेटर दिए जाएंगे। इसके अलावा सात वर्ष की नौकरी के बाद शिक्षक या नान टीचिंग कर्मचारियों को उचित पद व ग्रेड-पे से जोड़ा जाएगा। मांगे पूरी होने के बाद शिक्षकों के चेहरों पर रौनक लौटी और अनिश्चितकालीन धरना समाप्त हुआ। इससे पहले विभिन्न राजनीकि दलों के प्रतिनिधि धरनारत शिक्षकों का समर्थन करने पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि हटाये जाने के निर्देशों के बाद से वैश्य मॉडल स्कूल का टीचिंग व नान टीचिंग स्टाफ पिछले तीन दिन से हड़ताल पर है। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने स्कूल गेट को बंद कर रखा था और किसी की एंट्री नहीं होने दे रहे थे।
ऐसे चली प्रक्रिया
सुबह करीब पौने 11 बजे सांसद धर्मबीर सिंह शिक्षकों के बीच पहुंचे और धरने पर बैठे। उनके साथ वैश्य मॉडल स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के महासचिव पवन बुवानीवाला भी बैठे। करीब 15 मिनट सांसद ने शिक्षकों से बातचीत की। इसके बाद स्कूल के कान्फ्रेंस रूम में मैनेजमेंट पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन शिवरत्न गुप्ता, बृजलाल सर्राफ, पवन बुवानीवाला भी शामिल हुए। करीब पांच घंटे चली बैठक में शिक्षकों की मांगों पर विचार विमर्श किया। कुछ पर शिक्षक तैयार हुए तो मैनेजमेंट ने आपत्ति जताई। कुछ पर मैनेजमेंट तैयार हुई तो शिक्षक मानने को तैयार नहीं हुए। दोपहर बाद करीब तीन बजे सभी मांगों पर सहमति बनी और विवाद निपटा। जिसके बाद शिक्षकों ने धरना खत्म किया।
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सात साल की समय सीमा को कम कराना चाहते थे शिक्षक
घंटों चली बैठक में मुख्य बिंदु सात साल की सेवा के बाद ही ग्रेड-पे देने वाला रहा। यहां शिक्षक सात को पांच वर्ष करवाना चाहते थे मगर मैनेजमेंट इसके लिए तैयार नहीं हुई। आखिरकार सांसद, विधायक के समझाने पर शिक्षक इस शर्त को मानने को तैयार हुए।
पूर्व विधायक शंकर भारद्वाज, प्रदीप गुलिया, मनोज यादव ने दिया समर्थन
सुबह से ही धरने पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पहुंचने शुरू हो गए थे। सबसे पहले पूर्व विधायक डा. शिव शंकर भारद्वाज धरने पर पहुंचे। शिक्षकों से बातचीत कर हर तरह से समर्थन देने की बात कही। इसके बाद युवा कांग्रेसी नेता प्रदीप गुलिया धरने पर पहुंचे और अपनी और सांसद दीपेंद्र हुड्डा की ओर से समर्थन दिया। उन्होंने मसले पर सांसद और डीसी की भी बातचीत करवाई। इनेलो की ओर से जिला प्रधान मनोज यादव, जिला पार्षद नरेंद्रराज गागड़वास, इनसो चेयरमैन मंदीप सूई धरने में पहुंचे और समर्थन दिया।
महिला आयोग की चेयरपर्स प्रतिभा सुमन ने जानी समस्याएं
हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन, वाइस चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज व सदस्य इंदु यादव भी धरनारत शिक्षकों के बीच पहुंचीं। विरोध कर रहे सदस्यों में अधिकतर महिला शिक्षक थी। चेयरपर्सन ने कहा कि महिला आयोग स्कूल में कार्यरत महिला स्टाफ सदस्यों के साथ किसी भी प्रकार से अन्याय नहीं होने देगा।
इन मांगों पर बनी सहमति
* ज्वाइनिंग लैटर दिया जाएगा।
* ज्वाइनिंग लेटर पर कॉन्ट्रैक्ट लिखा जाएगा
* नियमानुसार कन्फर्म किए जाएंगे।
* विषय के साथ पद के रूप में पीआरटी/टीजीटी/पीजीटी लिखा जाएगा।
* ग्रेड के लिए चार्जर बनाया जाएगा।
* पीआरटी/टीजीटी/पीजीटी पद का सृजन किया जाएगा।
* सात वर्ष से अधिक वर्ष से कार्यरत कर्मचारी को उसके उचित पद एवं ग्रेड पे से जोड़ा जाएगा।
* एक बार रि-अपॉइन्टमेंट होने के बाद कर्मचारी को उसके के साथ कंसोलीडेट लिखकर अंकित किया जाएगा और सात वर्ष बाद वह ग्रेड पे पर आ जाएगा।
* एक साल व इससे कम समय के कर्मचारियों का अंकन कर नियुक्ति दी जाएगी।
* गैर शिक्षक कर्मचारियों और चतुर्थ श्रेण कर्मचारियों के लिए भी उपरोक्त शर्तें लागू होंगी।
* प्रत्येक कर्मचारी की नियुक्ति उसी दिन से मानी जाएगी, जिस दिन सर्वप्रथम स्कूल ज्वाइन किया था।
* चार वर्ष या उससे ऊपर के किसी भी कर्मचारी को सेवा मुक्त नहीं किया जाएगा।
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भिवानी।
वैश्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी में शिक्षकों को दोबारा से लिखित परीक्षा और इंटरव्यू देने के निर्देशों के बाद उठा विवाद शुक्रवार को तीन दिन बाद राजनीतिक हस्तक्षेप और करीब पांच घंटे चली बैठक के बाद सुलझ गया। सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक घनश्याम सर्राफ के अलावा हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन और वाइस चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज की मौजूदगी में मैनेजमेंट ने कर्मचारियों की मांगें मानी। इस दौराना फैसला लिया गया कि किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा और सभी को ज्वाइनिंग लेटर दिए जाएंगे। इसके अलावा सात वर्ष की नौकरी के बाद शिक्षक या नान टीचिंग कर्मचारियों को उचित पद व ग्रेड-पे से जोड़ा जाएगा। मांगे पूरी होने के बाद शिक्षकों के चेहरों पर रौनक लौटी और अनिश्चितकालीन धरना समाप्त हुआ। इससे पहले विभिन्न राजनीकि दलों के प्रतिनिधि धरनारत शिक्षकों का समर्थन करने पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि हटाये जाने के निर्देशों के बाद से वैश्य मॉडल स्कूल का टीचिंग व नान टीचिंग स्टाफ पिछले तीन दिन से हड़ताल पर है। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने स्कूल गेट को बंद कर रखा था और किसी की एंट्री नहीं होने दे रहे थे।
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ऐसे चली प्रक्रिया
सुबह करीब पौने 11 बजे सांसद धर्मबीर सिंह शिक्षकों के बीच पहुंचे और धरने पर बैठे। उनके साथ वैश्य मॉडल स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के महासचिव पवन बुवानीवाला भी बैठे। करीब 15 मिनट सांसद ने शिक्षकों से बातचीत की। इसके बाद स्कूल के कान्फ्रेंस रूम में मैनेजमेंट पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन शिवरत्न गुप्ता, बृजलाल सर्राफ, पवन बुवानीवाला भी शामिल हुए। करीब पांच घंटे चली बैठक में शिक्षकों की मांगों पर विचार विमर्श किया। कुछ पर शिक्षक तैयार हुए तो मैनेजमेंट ने आपत्ति जताई। कुछ पर मैनेजमेंट तैयार हुई तो शिक्षक मानने को तैयार नहीं हुए। दोपहर बाद करीब तीन बजे सभी मांगों पर सहमति बनी और विवाद निपटा। जिसके बाद शिक्षकों ने धरना खत्म किया।
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सात साल की समय सीमा को कम कराना चाहते थे शिक्षक
घंटों चली बैठक में मुख्य बिंदु सात साल की सेवा के बाद ही ग्रेड-पे देने वाला रहा। यहां शिक्षक सात को पांच वर्ष करवाना चाहते थे मगर मैनेजमेंट इसके लिए तैयार नहीं हुई। आखिरकार सांसद, विधायक के समझाने पर शिक्षक इस शर्त को मानने को तैयार हुए।
पूर्व विधायक शंकर भारद्वाज, प्रदीप गुलिया, मनोज यादव ने दिया समर्थन
सुबह से ही धरने पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पहुंचने शुरू हो गए थे। सबसे पहले पूर्व विधायक डा. शिव शंकर भारद्वाज धरने पर पहुंचे। शिक्षकों से बातचीत कर हर तरह से समर्थन देने की बात कही। इसके बाद युवा कांग्रेसी नेता प्रदीप गुलिया धरने पर पहुंचे और अपनी और सांसद दीपेंद्र हुड्डा की ओर से समर्थन दिया। उन्होंने मसले पर सांसद और डीसी की भी बातचीत करवाई। इनेलो की ओर से जिला प्रधान मनोज यादव, जिला पार्षद नरेंद्रराज गागड़वास, इनसो चेयरमैन मंदीप सूई धरने में पहुंचे और समर्थन दिया।
महिला आयोग की चेयरपर्स प्रतिभा सुमन ने जानी समस्याएं
हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन, वाइस चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज व सदस्य इंदु यादव भी धरनारत शिक्षकों के बीच पहुंचीं। विरोध कर रहे सदस्यों में अधिकतर महिला शिक्षक थी। चेयरपर्सन ने कहा कि महिला आयोग स्कूल में कार्यरत महिला स्टाफ सदस्यों के साथ किसी भी प्रकार से अन्याय नहीं होने देगा।
इन मांगों पर बनी सहमति
* ज्वाइनिंग लैटर दिया जाएगा।
* ज्वाइनिंग लेटर पर कॉन्ट्रैक्ट लिखा जाएगा
* नियमानुसार कन्फर्म किए जाएंगे।
* विषय के साथ पद के रूप में पीआरटी/टीजीटी/पीजीटी लिखा जाएगा।
* ग्रेड के लिए चार्जर बनाया जाएगा।
* पीआरटी/टीजीटी/पीजीटी पद का सृजन किया जाएगा।
* सात वर्ष से अधिक वर्ष से कार्यरत कर्मचारी को उसके उचित पद एवं ग्रेड पे से जोड़ा जाएगा।
* एक बार रि-अपॉइन्टमेंट होने के बाद कर्मचारी को उसके के साथ कंसोलीडेट लिखकर अंकित किया जाएगा और सात वर्ष बाद वह ग्रेड पे पर आ जाएगा।
* एक साल व इससे कम समय के कर्मचारियों का अंकन कर नियुक्ति दी जाएगी।
* गैर शिक्षक कर्मचारियों और चतुर्थ श्रेण कर्मचारियों के लिए भी उपरोक्त शर्तें लागू होंगी।
* प्रत्येक कर्मचारी की नियुक्ति उसी दिन से मानी जाएगी, जिस दिन सर्वप्रथम स्कूल ज्वाइन किया था।
* चार वर्ष या उससे ऊपर के किसी भी कर्मचारी को सेवा मुक्त नहीं किया जाएगा।