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उद्योग प्रोत्साहन नीति की बदौलत आया रेंकिंग में सुधार : वजीर सिंह
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उद्योग प्रोत्साहन नीति की बदौलत आया रैंकिंग में सुधार : वजीर सिंह
भिवानी। अतिरिक्त निदेशनक वजीर सिंह ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में व्यापार की संभावनाएं बढ़ाने और निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रशासनिक सुधार किए हैैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम पर काम करना शुरू किया, जिससे बिजनेस स्टार्टअप में तेजी आई है। हरियाणा सरकार की उद्यम प्रोत्साहन नीति की बदौलत ही प्रदेश की रैंकिग में सुधार इसी का परिणाम है।
अतिरिक्त निदेशक मंगलवार को स्थानीय डीआरडीए सभागार में प्रदेश में उद्योग व निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की एक दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित उद्यमियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का आयोजन उद्योग एवं कॉमर्स विभाग द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में उत्तरी भारत में प्रथम तथा देश में तीसरे स्थान पर है। उद्योग स्थापना से संबंधित आवेदन ऑनलाइन करना होता है। ऑनलाइन आवेदनों की मंजूरी 30 दिन के अंदर-अंदर करनी होती है। फाइल के स्टेटस व अन्य जानकारी के लिए विभाग द्वारा 18001802132 टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि नई पॉलिसी के तहत आवेदक को नियमानुसार सीएलयू एवं प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए सभी प्रकार की क्लीयरेंस जिला स्तर पर गठित कमेटी के माध्यम से प्रदान की जाती है और एक एकड़ से अधिक के सीएलयू एवं 10 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट के लिए सभी प्रकार की क्लीयरेंस स्टेट लेवल पर गठित इंपावरड एग्जिक्यूटिव कमेटी के माध्यम से प्रदान की जाती है। इस अवसर पर जीएम डीआईसी राजेश खेड़ा, डीटीपी राजकीर्ति, उद्योग विस्तार अधिकारी संजीव कुमार, सहायक निदेशक संदीप दांगी, राजेन्द्र प्रसाद, सुरेन्द्र कुमार, लख्मीचंद, प्रधान शैलेन्द्र जैन, धर्मबीर नेहरा, पवन बुवानीवाला, नवीन तंवर, बिजेन्द्र आदि मौजूद थे।
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भिवानी। अतिरिक्त निदेशनक वजीर सिंह ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में व्यापार की संभावनाएं बढ़ाने और निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रशासनिक सुधार किए हैैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम पर काम करना शुरू किया, जिससे बिजनेस स्टार्टअप में तेजी आई है। हरियाणा सरकार की उद्यम प्रोत्साहन नीति की बदौलत ही प्रदेश की रैंकिग में सुधार इसी का परिणाम है।
अतिरिक्त निदेशक मंगलवार को स्थानीय डीआरडीए सभागार में प्रदेश में उद्योग व निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की एक दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित उद्यमियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का आयोजन उद्योग एवं कॉमर्स विभाग द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में उत्तरी भारत में प्रथम तथा देश में तीसरे स्थान पर है। उद्योग स्थापना से संबंधित आवेदन ऑनलाइन करना होता है। ऑनलाइन आवेदनों की मंजूरी 30 दिन के अंदर-अंदर करनी होती है। फाइल के स्टेटस व अन्य जानकारी के लिए विभाग द्वारा 18001802132 टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू की गई है।
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उन्होंने बताया कि नई पॉलिसी के तहत आवेदक को नियमानुसार सीएलयू एवं प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए सभी प्रकार की क्लीयरेंस जिला स्तर पर गठित कमेटी के माध्यम से प्रदान की जाती है और एक एकड़ से अधिक के सीएलयू एवं 10 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट के लिए सभी प्रकार की क्लीयरेंस स्टेट लेवल पर गठित इंपावरड एग्जिक्यूटिव कमेटी के माध्यम से प्रदान की जाती है। इस अवसर पर जीएम डीआईसी राजेश खेड़ा, डीटीपी राजकीर्ति, उद्योग विस्तार अधिकारी संजीव कुमार, सहायक निदेशक संदीप दांगी, राजेन्द्र प्रसाद, सुरेन्द्र कुमार, लख्मीचंद, प्रधान शैलेन्द्र जैन, धर्मबीर नेहरा, पवन बुवानीवाला, नवीन तंवर, बिजेन्द्र आदि मौजूद थे।
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