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गुरु रविदास ने किया समाज को भक्तिभाव से जागृत: सीएम
Updated Mon, 05 Feb 2018 12:45 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि समाज को शक्ति भाव से खड़ा नहीं किया जा सकता है। समाज को केवल भक्तिभाव से जागृत किया जा सकता है। समाज को भक्ति भाव से जागृत करने का काम गुरु रविदास ने किया।
मुख्यमंत्री रविवार को यहां हुडा पार्क ग्राउंड में गुरु रविदास जयंती समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह संयोग है कि गुरु रविदास का जन्म काशी में हुआ और उनकी जयंती समारोह छोटी काशी भिवानी में मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कबीर का जन्म हुआ, तब मुगलों का शासन था। देश में उदासी दौर था, उस समय लोगों ने बंदूक-तलवार उठाई, लेकिन उस समय गुरु रविदास भक्तिभाव से समाज में जागृति पैदा की। संत रविदास समाज में समरसता के पक्षधर थे और कर्मयोग में विश्वास रखते थे। संत होते हुए भी जूती गांठ कर कर्मयोग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा लोगों की जरूरत हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि देश में कई हिस्से ऐसे हैं, जहां लोगों रोटी नसीब नहीं है।
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परिवहन व आवास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि राज्य के इतिहास में यह पहला मौका है जब संत महापुरुषों की याद में सरकार द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम आयोजक जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि समाज एकजुट रहेगा तो देश व प्रदेश का विकास तेजी से होगा। उन्होंने इस अवसर पर अनुसूचित वर्ग की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इस अवसर पर अनुसूचित आयोग की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल, पूर्व मंत्री कांता देवी, सुनीता चौहान, आजाद सिंह तूर, धर्मेन्द्र खेड़ी खातीवास, अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार बाल्मिकी, जगदीश मित्ताथल, प्रदेश प्रवक्ता सत्यप्रकाश जरावटा, पार्टी जिला प्रधान नंदराम धानिया ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, पूर्व मंत्री एवं विधायक विक्रम सिंह, घुमंतू बोर्ड के चेयरमैन डॉ. बलवान सिंह, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन ऋषि प्रकाश शर्मा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी दलाल, प्रदेश सचिव एवं जिला प्रभारी मनीष मित्तल, जिला परिषद चेयरमैन रमेश ओला, नगर परिषद चेयरमैन रण सिंह यादव, दादरी जिलाध्यक्ष रामकिशन शर्मा, ताराचंद अग्रवाल, शंकर धूपड़, मुकेश गौड़, मीना परमार, सीमा गैबीपुर, ठा. विक्रम सिंह, विरेन्द्र कौशिक, विजय शेखावत, चेयरमैन नंद लाल मतानी, चंद्रपाल सांगवान, संदीप श्योराण, डॉ. रवि भीष्म, रविंद्र बापोड़ा, डॉ. एनके चौधरी, कमलेश भोडूका, ओमप्रकाश वर्मा, आजाद वाल्मीकि, युवा जिलाध्यक्ष पवन ठाकुर, आशा रानी, बबीता तंवर, रविन्द्र मंढोली, राजकुमार धनखड़, सोनू सैनी, इमरान बापोड़ा, छोटे लाल चेयरमैन, अरविंद पुंडीर व अनुसूचित जातिया एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग की निदेशक गीता भारती, डीसी अंशज सिंह, एसपी सुरेंद्र भौरिया, एडीसी डॉ. संगीता तेतरवाल, एसडीएम सतीश कुमार, सीटीएम महेश कुमार, कल्याण विभाग के उप निदेशक राजेन्द्र सांगवान आदि मौजूद रहे। मंच संचालन एपीआरओ सुरेंद्र सिंगल ने किया।
चर्चा में रहे शिक्षा मंत्री के विवादित बोल
करीब 20 मिनट के अपने भाषण में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने पूर्व सीएम हुड्डा के बारे में विवादित बयान दिया तो भैंस चीचड़ की बात भी कुछ इस अंदाज में कही कि कई लोग नाराज हो गए। मंत्री बोले, एक राजनेता अपने भाषणाें में कहते थे कि ‘भैंस खरीदते हाणी चीचड़ तो साथ आवैं सैं। लेकिन.... सारे चीचड़ जै ठाण लें, तो भैंस न जोहड़ में खींच ले ज्यां’। इसके बाद मंत्री ने विषय बदल दिया। हालांकि, मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि चीचड़ शब्द किसके लिए प्रयोग किया।
शर्मा यहीं नहीं ठहरे, बोले- भूपेंद्र हुड्डा अशोक तंवर को प्रदेश अध्यक्ष नहीं मानते, क्योंकि वे दलित के घर पैदा हुए हैं। तंवर ने अपने ही पूर्व सीएम के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
भाजपा को मजबूत बताने के लिए मंत्रीजी ने ऐसी तुलना कि जिससे सीएम मनोहरलाल खट्टर समेत सभी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। भाजपा को कमजोर बताने की विपक्षी दलों की बात का शर्मा ने यह कहते हुए जवाब दिया कि ‘जिस तरियां जापा आली लुगाई कै गूंद के लाड्डू असर करैं सैं, उस तरियां भाजपा आले भी लाड्डू खा कै मजबूत हो रै सैं।’
अपने संबोधन में अनुसूचित आयोग की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल ने मंच से बताया कि भिवानी उनकी ससुराल है। इस बात का यह कहते हुए शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि ‘चिंता न करो, तेरा कंपार्टमेंट भिवानी आले ए तोड़ैंगे’।
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भिवानी।
मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि समाज को शक्ति भाव से खड़ा नहीं किया जा सकता है। समाज को केवल भक्तिभाव से जागृत किया जा सकता है। समाज को भक्ति भाव से जागृत करने का काम गुरु रविदास ने किया।
मुख्यमंत्री रविवार को यहां हुडा पार्क ग्राउंड में गुरु रविदास जयंती समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह संयोग है कि गुरु रविदास का जन्म काशी में हुआ और उनकी जयंती समारोह छोटी काशी भिवानी में मनाया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि कबीर का जन्म हुआ, तब मुगलों का शासन था। देश में उदासी दौर था, उस समय लोगों ने बंदूक-तलवार उठाई, लेकिन उस समय गुरु रविदास भक्तिभाव से समाज में जागृति पैदा की। संत रविदास समाज में समरसता के पक्षधर थे और कर्मयोग में विश्वास रखते थे। संत होते हुए भी जूती गांठ कर कर्मयोग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा लोगों की जरूरत हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि देश में कई हिस्से ऐसे हैं, जहां लोगों रोटी नसीब नहीं है।
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परिवहन व आवास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि राज्य के इतिहास में यह पहला मौका है जब संत महापुरुषों की याद में सरकार द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम आयोजक जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि समाज एकजुट रहेगा तो देश व प्रदेश का विकास तेजी से होगा। उन्होंने इस अवसर पर अनुसूचित वर्ग की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इस अवसर पर अनुसूचित आयोग की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल, पूर्व मंत्री कांता देवी, सुनीता चौहान, आजाद सिंह तूर, धर्मेन्द्र खेड़ी खातीवास, अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार बाल्मिकी, जगदीश मित्ताथल, प्रदेश प्रवक्ता सत्यप्रकाश जरावटा, पार्टी जिला प्रधान नंदराम धानिया ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, पूर्व मंत्री एवं विधायक विक्रम सिंह, घुमंतू बोर्ड के चेयरमैन डॉ. बलवान सिंह, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन ऋषि प्रकाश शर्मा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी दलाल, प्रदेश सचिव एवं जिला प्रभारी मनीष मित्तल, जिला परिषद चेयरमैन रमेश ओला, नगर परिषद चेयरमैन रण सिंह यादव, दादरी जिलाध्यक्ष रामकिशन शर्मा, ताराचंद अग्रवाल, शंकर धूपड़, मुकेश गौड़, मीना परमार, सीमा गैबीपुर, ठा. विक्रम सिंह, विरेन्द्र कौशिक, विजय शेखावत, चेयरमैन नंद लाल मतानी, चंद्रपाल सांगवान, संदीप श्योराण, डॉ. रवि भीष्म, रविंद्र बापोड़ा, डॉ. एनके चौधरी, कमलेश भोडूका, ओमप्रकाश वर्मा, आजाद वाल्मीकि, युवा जिलाध्यक्ष पवन ठाकुर, आशा रानी, बबीता तंवर, रविन्द्र मंढोली, राजकुमार धनखड़, सोनू सैनी, इमरान बापोड़ा, छोटे लाल चेयरमैन, अरविंद पुंडीर व अनुसूचित जातिया एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग की निदेशक गीता भारती, डीसी अंशज सिंह, एसपी सुरेंद्र भौरिया, एडीसी डॉ. संगीता तेतरवाल, एसडीएम सतीश कुमार, सीटीएम महेश कुमार, कल्याण विभाग के उप निदेशक राजेन्द्र सांगवान आदि मौजूद रहे। मंच संचालन एपीआरओ सुरेंद्र सिंगल ने किया।
चर्चा में रहे शिक्षा मंत्री के विवादित बोल
करीब 20 मिनट के अपने भाषण में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने पूर्व सीएम हुड्डा के बारे में विवादित बयान दिया तो भैंस चीचड़ की बात भी कुछ इस अंदाज में कही कि कई लोग नाराज हो गए। मंत्री बोले, एक राजनेता अपने भाषणाें में कहते थे कि ‘भैंस खरीदते हाणी चीचड़ तो साथ आवैं सैं। लेकिन.... सारे चीचड़ जै ठाण लें, तो भैंस न जोहड़ में खींच ले ज्यां’। इसके बाद मंत्री ने विषय बदल दिया। हालांकि, मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि चीचड़ शब्द किसके लिए प्रयोग किया।
शर्मा यहीं नहीं ठहरे, बोले- भूपेंद्र हुड्डा अशोक तंवर को प्रदेश अध्यक्ष नहीं मानते, क्योंकि वे दलित के घर पैदा हुए हैं। तंवर ने अपने ही पूर्व सीएम के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
भाजपा को मजबूत बताने के लिए मंत्रीजी ने ऐसी तुलना कि जिससे सीएम मनोहरलाल खट्टर समेत सभी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। भाजपा को कमजोर बताने की विपक्षी दलों की बात का शर्मा ने यह कहते हुए जवाब दिया कि ‘जिस तरियां जापा आली लुगाई कै गूंद के लाड्डू असर करैं सैं, उस तरियां भाजपा आले भी लाड्डू खा कै मजबूत हो रै सैं।’
अपने संबोधन में अनुसूचित आयोग की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल ने मंच से बताया कि भिवानी उनकी ससुराल है। इस बात का यह कहते हुए शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि ‘चिंता न करो, तेरा कंपार्टमेंट भिवानी आले ए तोड़ैंगे’।