{"_id":"59b1a50c4f1c1be17f8b4c2b","slug":"191504814348-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हसान माइनर टूटी, फसल हुई जलमग्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हसान माइनर टूटी, फसल हुई जलमग्र
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हसान माइनर टूटी, छह एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो
तोशाम। हसान माइनर टूटने से हसान गांव की करीबन 5-6 एकड़ में खड़ी कपास की फसल जलमग्न हो गई। सूचना मिलते ही नहर के पानी को पीछे से अन्य माइनरों में चालू करवाकर पानी बंद करवा दिया गया अन्यथा, नुकसान का दायरा बढ़ सकता था। माइनर टूटने का कारण ओवरफ्लो होना बताया जा रहा है।
वीरवार सुबह करीब सवा आठ बजे जब किसान अपने खेतों में कार्य करने के लिए जा रहे थे तो उन्होंने देखा कि माइनर खेतों में टूटी हुई है और चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। किसानों ने इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों को दी इसके बाद सभी किसान एकत्रित होकर नहर को पाटने के प्रयास में लग गए लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण प्रयास असफल रहे। स्थिति को देखते हुए नहर को पीछे से बंद करवाया गया। लेकिन तब तक किसान विनोद, नरेश, दीपक के खेतों में खड़ी कपास व अन्य फसलें जलमग्न हो चुकी थी। जिसके कारण किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
माइनर का बजट नहीं हुआ है पास
हसान-संडवा माइनर की मरम्मत के कार्य को काफी समय से अनुमति मिल चुकी है। लेकिन बजट के अभाव में कार्य शुरू नहीं हो पा रहा। इसी का नतीजा रहा कि माइनर टूट गई। बताया जाता है कि संडवा की तरफ जाने वाले इस माइनर की पानी जाने की दिशा में संडवा की तरफ ऊंचाई है वहीं हसान की तरफ से माइनर नीची पड़ती है। इसकी वजह से टेल तक पानी नहीं पहुंचता है।
विज्ञापन
गांव संडवा निवासी पूर्व सैनिक उमेद सिंह गहलावत ने बताया कि माइनर की मरम्मत में बजट आड़े आ रहा है। पिछले दिनों अन्य माइनरों का बजट पास कर दिया गया। जबकि इस माइनर का बजट रोक दिया गया। अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। गांव हसान की सरपंच अनिता देवी ने बताया कि बजट का अभाव बताकर माइनर की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
तोशाम। हसान माइनर टूटने से हसान गांव की करीबन 5-6 एकड़ में खड़ी कपास की फसल जलमग्न हो गई। सूचना मिलते ही नहर के पानी को पीछे से अन्य माइनरों में चालू करवाकर पानी बंद करवा दिया गया अन्यथा, नुकसान का दायरा बढ़ सकता था। माइनर टूटने का कारण ओवरफ्लो होना बताया जा रहा है।
वीरवार सुबह करीब सवा आठ बजे जब किसान अपने खेतों में कार्य करने के लिए जा रहे थे तो उन्होंने देखा कि माइनर खेतों में टूटी हुई है और चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। किसानों ने इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों को दी इसके बाद सभी किसान एकत्रित होकर नहर को पाटने के प्रयास में लग गए लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण प्रयास असफल रहे। स्थिति को देखते हुए नहर को पीछे से बंद करवाया गया। लेकिन तब तक किसान विनोद, नरेश, दीपक के खेतों में खड़ी कपास व अन्य फसलें जलमग्न हो चुकी थी। जिसके कारण किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
विज्ञापन
माइनर का बजट नहीं हुआ है पास
हसान-संडवा माइनर की मरम्मत के कार्य को काफी समय से अनुमति मिल चुकी है। लेकिन बजट के अभाव में कार्य शुरू नहीं हो पा रहा। इसी का नतीजा रहा कि माइनर टूट गई। बताया जाता है कि संडवा की तरफ जाने वाले इस माइनर की पानी जाने की दिशा में संडवा की तरफ ऊंचाई है वहीं हसान की तरफ से माइनर नीची पड़ती है। इसकी वजह से टेल तक पानी नहीं पहुंचता है।
विज्ञापन
गांव संडवा निवासी पूर्व सैनिक उमेद सिंह गहलावत ने बताया कि माइनर की मरम्मत में बजट आड़े आ रहा है। पिछले दिनों अन्य माइनरों का बजट पास कर दिया गया। जबकि इस माइनर का बजट रोक दिया गया। अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। गांव हसान की सरपंच अनिता देवी ने बताया कि बजट का अभाव बताकर माइनर की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया जा रहा है।